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क्लीनर टेक्नॉलजी का उभार: भारत में EV-CNG-हाइब्रिड की हिस्सेदारी तीन साल में हुई दोगुनी

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क्लीनर टेक यानी ईवी, सीएनजी और हाइब्रिड की संयुक्त हिस्सेदारी 2022 में 12.8 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 28.3 प्रतिशत हो गई

Last Updated- January 12, 2026 | 10:54 PM IST
Delhi EV Policy 2.0
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

पारंपरिक ईंधनों की चमक फीकी पड़ने से पिछले तीन वर्षों में भारत में संपूर्ण यात्री वाहन (पीवी) बिक्री में क्लीनर टेक्नॉलजी – ईवी, सीएनजी और हाइब्रिड – की हिस्सेदारी दोगुनी से अधिक हो गई है।

बाजार अनुसंधान फर्म जैटो डायनेमिक्स के अध्यक्ष और निदेशक रवि भाटिया के अनुसार, ‘डेटा स्पष्ट रूप से दिखाता है कि क्लीनर टेक्नॉलजी (ईवी , सीएनजी और हाइब्रिड) भारत में समग्र पीवी बिक्री में अपनी पैठ बढ़ा रही है। क्लीनर टेक यानी ईवी, सीएनजी और हाइब्रिड की संयुक्त हिस्सेदारी 2022 में 12.8 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 28.3 प्रतिशत हो गई।’ 2022 में पीवी की बिक्री लगभग 38 लाख वाहन थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 45 लाख पर पहुंच गई।

इस अवधि के दौरान ईवी की हिस्सेदारी चार गुना से अधिक बढ़ गई है। यह 2022 में 1.3 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 4.6 प्रतिशत हो गई है। सीएनजी की हिस्सेदारी भी 11 प्रतिशत से बढ़कर 21 प्रतिशत हो गई है, जबकि हाइब्रिड की हिस्सेदारी 0.5 प्रतिशत से बढ़कर 2.7 प्रतिशत हो गई है।

भाटिया ने बताया कि, इसके विपरीत, पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों की संयुक्त हिस्सेदारी इसी अवधि में 68.2 प्रतिशत से घटकर 53.5 प्रतिशत हो गई है। इसमें से, डीजल की हिस्सेदारी लगभग 18.2 प्रतिशत पर लगभग सपाट या थोड़ी कम रही।

डीजल के लगातार आधार खोने के कारण हाइब्रिड वाहन बढ़े हैं। जहां हाइब्रिड  0.5 प्रतिशत से बढ़कर 2.7 प्रतिशत हो गए, वहीं डीजल वाहनों की हिस्सेदारी 19.1 प्रतिशत से घटकर 18.2 प्रतिशत हो गई।

कई प्रमुख ओईएम ने अपने पीवी लाइनअप से डीजल इंजन को चरणबद्ध तरीके से हटा दिया है। उदाहरण के लिए, मारुति सुजूकी इंडिया ने बीएस-6 मानकों में बदलाव के साथ डीजल इंजन को चरणबद्ध तरीके से हटा दिया, जिससे सियाज, अर्टिगा डीजल जैसे उसके क्लासिक डीजल मॉडल बंद हो गए। होंडा कार्स इंडिया ने भी रेनो इंडिया और निसान इंडिया के साथ डीजल इंजन का उत्पादन पूरी तरह से बंद कर दिया। फॉक्सवैगन ग्रुप ने भी डीजल पावरट्रेन को कम कर दिया, जबकि ह्युंडै अभी भी कुछ एसयूवी (जैसे क्रेटा और अल्कजार) में डीजल वाहन का विकल्प प्रदान करती है।

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First Published - January 12, 2026 | 10:54 PM IST

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