facebookmetapixel
Advertisement
अगर युद्ध एक महीने और जारी रहा तो दुनिया में खाद्य संकट संभव: मैट सिम्पसनहोर्मुज स्ट्रेट खुला लेकिन समुद्री बीमा प्रीमियम महंगा, शिपिंग लागत और जोखिम बढ़ेपश्चिम एशिया युद्ध का भारत पर गहरा असर, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव मेंगर्मी का सीजन शुरू: ट्रैवल और होटल कंपनियों के ऑफर की बाढ़, यात्रियों को मिल रही भारी छूटबाजार में उतार-चढ़ाव से बदला फंडरेजिंग ट्रेंड, राइट्स इश्यू रिकॉर्ड स्तर पर, QIP में भारी गिरावटपश्चिम एशिया संकट: MSME को कर्ज भुगतान में राहत पर विचार, RBI से मॉरेटोरियम की मांग तेजRCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुख

नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 11 जनवरी तक करीब 9%बढ़ा, रिफंड घटने से बढ़ा कलेक्शन

Advertisement

सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह करीब 21.5 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 20.64 लाख करोड़ रुपये संग्रह की तुलना में 4.14 प्रतिशत ज्यादा है

Last Updated- January 12, 2026 | 11:20 PM IST
Tax collection

केंद्र का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह वित्त वर्ष 2025-26 में 11 जनवरी तक पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 8.8 प्रतिशत बढ़कर 18.38 लाख करोड़ रुपये हो गया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) द्वारा सोमवार को जारी अनंतिम आंकड़ों के मुताबिक मुख्य रूप से रिफंड में कमी के कारण ऐसा हुआ है। यह वृद्धि वित्त वर्ष 2026 के बजट में लगाए गए 12.6 प्रतिशत वृद्धि के अनुमान की तुलना में कम है।

सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह करीब 21.5 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 20.64 लाख करोड़ रुपये संग्रह की तुलना में 4.14 प्रतिशत ज्यादा है। इस अवधि के दौरान जारी किया गया रिफंड 16.9 प्रतिशत घटकर 3.12 लाख करोड़ रुपये रह गया है, जो एक साल पहले 3.75 लाख करोड़ रुपये था।

विशेषज्ञों का कहना है कि सकल संग्रह में तुलात्मक रूप से कम वृद्धि कम व्यक्तिगत आयकर दरों और कॉरपोरेट कमाई स्थिर होने के कारण हो सकता है।

सीबीडीटी के पूर्व सदस्य और पीडब्ल्यूसी में एडवाइजर अखिलेश रंजन ने कहा, ‘शुद्ध संग्रह अभी भी बजट अनुमान (बीई) तक पहुंच सकता है। बहरहाल सकल गैर कॉरपोरेट कर संग्रह में मामूली (1.23 प्रतिशत) वृद्धि और कॉरपोरेट कर संग्रह में उम्मीद से कम वृद्धि (7.7 प्रतिशत) चिंता का विषय है।’ गैर कॉरपोरेट कर संग्रह बढ़कर 9.3 लाख करोड़ रुपये हो गया।

Advertisement
First Published - January 12, 2026 | 10:46 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement