केंद्र का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह वित्त वर्ष 2025-26 में 11 जनवरी तक पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 8.8 प्रतिशत बढ़कर 18.38 लाख करोड़ रुपये हो गया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) द्वारा सोमवार को जारी अनंतिम आंकड़ों के मुताबिक मुख्य रूप से रिफंड में कमी के कारण ऐसा हुआ है। यह वृद्धि वित्त वर्ष 2026 के बजट में लगाए गए 12.6 प्रतिशत वृद्धि के अनुमान की तुलना में कम है।
सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह करीब 21.5 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 20.64 लाख करोड़ रुपये संग्रह की तुलना में 4.14 प्रतिशत ज्यादा है। इस अवधि के दौरान जारी किया गया रिफंड 16.9 प्रतिशत घटकर 3.12 लाख करोड़ रुपये रह गया है, जो एक साल पहले 3.75 लाख करोड़ रुपये था।
विशेषज्ञों का कहना है कि सकल संग्रह में तुलात्मक रूप से कम वृद्धि कम व्यक्तिगत आयकर दरों और कॉरपोरेट कमाई स्थिर होने के कारण हो सकता है।
सीबीडीटी के पूर्व सदस्य और पीडब्ल्यूसी में एडवाइजर अखिलेश रंजन ने कहा, ‘शुद्ध संग्रह अभी भी बजट अनुमान (बीई) तक पहुंच सकता है। बहरहाल सकल गैर कॉरपोरेट कर संग्रह में मामूली (1.23 प्रतिशत) वृद्धि और कॉरपोरेट कर संग्रह में उम्मीद से कम वृद्धि (7.7 प्रतिशत) चिंता का विषय है।’ गैर कॉरपोरेट कर संग्रह बढ़कर 9.3 लाख करोड़ रुपये हो गया।