भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा फर्म टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में कर्मचारियों की संख्या में गिरावट जारी है। हालांकि कंपनी का कहना है कि उसने फ्रेशर्स की भर्ती दोगुनी कर दी है। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 11,151 घट गई। टीसीएस में कुल कर्मचारियों की संख्या 5,82,163 थी। यह पिछली तिमाही के 5,93,314 से कम है।
दिसंबर तिमाही में टीसीएस में मर्जी से नौकरी छोड़ने वालों की दर 13.5 प्रतिशत थी, जो इससे पिछली तिमाही के 13.3 प्रतिशत से थोड़ी ज्यादा है। दिसंबर तिमाही में कर्मचारियों की संख्या में गिरावट वित्त वर्ष 2026 की सितंबर तिमाही में दर्ज गिरावट से कम है। उस तिमाही में कर्मचारियों की संख्या में 19,755 कर्मचारियों की कमी आई थी।
कुल आंकड़ों को देखते हुए, विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी का रीस्ट्रक्चरिंग ही कर्मचारियों की संख्या में कमी का मुख्य कारण है। हालांकि, पुनर्गठन की वजह से प्रभावित होने वाले लोगों की सही संख्या का पता नहीं चल पाया है। लेकिन कंपनी ने पहले एक घोषणा में कहा था कि इससे 2 प्रतिशत या 12,260 लोग प्रभावित होंगे।
नैसेंट इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलजी एम्प्लॉइज सीनेट (एनआईटीईएस) में अध्यक्ष हरप्रीत सिंह सलूजा ने कहा, ‘टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के हालिया तिमाही खुलासों ने एक बार फिर कंपनी के सार्वजनिक बयान और कर्मचारियों के सामने आ रही असलियत के बीच गंभीर अंतर को उजागर किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के अपने नतीजों में आधिकारिक तौर पर खुलासा किया है कि मौजूदा पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत एक ही तिमाही में उसके कर्मचारियों की संख्या 11,151 घट गई है।