इलारा कैपिटल ने मार्च 2027 में समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के लिए निफ्टी का 30,000 का लक्ष्य दिया है जो मौजूदा स्तर से करीब 17 फीसदी ज्यादा है।
ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि अगले दो वर्षों के लिए बाजार का आउटलुक कंपनियों की आय में सुधार से ज्यादा प्रभावित होगा, न कि उनके मूल्यांकन में किसी बड़ी वृद्धि से। ब्रोकरेज फर्म के अनुसार वित्त वर्ष 2026 की सुस्त शुरुआत के बाद निफ्टी की आय वित्त वर्ष 2027 और 2028 के दौरान 14 से 15 फीसदी सालाना चक्रवृद्धि के हिसाब से बढ़ने की उम्मीद है।
ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि निफ्टी की प्रति शेयर आय वित्त वर्ष 2026 की अनुमानित 1,096 रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2027 में 1,281 रुपये और वित्त वर्ष 2028 में 1,463 रुपये हो जाएगी, जिसका अर्थ है कि वित्त वर्ष 2027 में आय में करीब 17 फीसदी और वित्त वर्ष 2028 में 14 फीसदी की बढ़ोतरी होगी।
इलारा को उम्मीद है कि आर्थिक बहाली को कमजोर आय आधार और नीतिगत कारकों से समर्थन मिलेगा। इनमें वित्त वर्ष 27 में दो अंकों की नॉमिनल जीडीपी वृद्धि, निरंतर उपभोग-समर्थक उपायों के साथ राजकोषीय मजबूती की नरम गति और तरलता के सहायक हालात के साथ अनुकूल ब्याज दरों का माहौल शामिल है।
हालांकि, उपभोक्ता वस्तुओं और स्वास्थ्य सेवाओं में कीमतों को लेकर सुस्ती, वैश्विक मांग में कमी के बीच आईटी सेवाओं में धीमी वृद्धि और यूटिलिटी में नियंत्रित रिटर्न के कराण वित्त वर्ष 2026 की आय पर दबाव रह सकता है। इलारा ने कहा कि ब्याज दरों में कटौती के सकारात्मक प्रभाव से सुधार, खपत में वृद्धि और परिचालन क्षमता में इजाफे के साथ वित्त वर्ष 2027 से आय बढ़ोतरी में उल्लेखनीय तेजी की उम्मीद है।