facebookmetapixel
₹3 लाख के पार चांदी, क्या अभी भी कमाई का मौका बचा है, जानें क्या कह रहे हैं एक्सपर्टNFO: Parag Parikh MF ने उतारा नया लॉर्ज कैप फंड, ₹1,000 से निवेश शुरू; क्या है इसमें खास?Trump ने नोबेल पुरस्कार न मिलने का ठीकरा फोड़ा, ग्रीनलैंड को बनाया सुरक्षा मुद्दाSteel Stocks: दुनिया की सुस्ती के बीच भारत का स्टील सेक्टर मजबूत, मोतीलाल ओसवाल ने इन 3 शेयरों में दी BUY की सलाहBudget 2026: सरकार की तिजोरी में पैसा आता है कहां से?FY26 में 7.3% GDP ग्रोथ से बढ़ेगी इनकम, इंश्योरेंस डिमांड को मिलेगा सहारा: मूडीजOffice market: वैश्विक अनिश्चितताओं के बाद भी ऑफिस मार्केट ने बनाया रिकॉर्ड, इस साल जीसीसी हिस्सेदारी 50 फीसदी पार होने की उम्मीद₹931 का HDFC Bank stock… क्या ₹1,200 तक जाएगा? 4 ब्रोकरेज ने दिए बड़े संकेतRIL: Q3 नतीजों के बाद स्टॉक 3% से ज्यादा टूटा; ब्रोकरेज की सलाह- BUY करें, 3 नए ग्रोथ इंजन देंगे मजबूतीGovt Business Loan Scheme: सिर्फ आधार कार्ड दिखाइए, सरकार देगी 90 हजार तक का लोन; जानें स्कीम के बारे में

FY26 में 7.3% GDP ग्रोथ से बढ़ेगी इनकम, इंश्योरेंस डिमांड को मिलेगा सहारा: मूडीज

मजबूत आर्थिक वृद्धि से इंश्योरेंस सेक्टर की कमाई और मुनाफे में सुधार की उम्मीद

Last Updated- January 19, 2026 | 2:09 PM IST
Indian Economy GDP
Representational Image

रेटिंग एजेंसी मूडीज ( Moody’s) ने अनुमान लगाया है कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में भारत की अर्थव्यवस्था 7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। एजेंसी का कहना है कि तेज आर्थिक ग्रोथ से लोगों की औसत आमदनी बढ़ेगी और इससे बीमा उत्पादों की मांग को बढ़ावा मिलेगा। मूडीज ने भारत के बीमा सेक्टर पर जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि मजबूत आर्थिक विकास, डिजिटलाइजेशन, टैक्स में बदलाव और सरकारी सुधारों के चलते बीमा प्रीमियम में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इससे बीमा उद्योग की फिलहाल कमजोर प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार आने की उम्मीद है।

मूडीज के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.5 प्रतिशत रही थी, जबकि FY26 में इसके बढ़कर 7.3 प्रतिशत होने का अनुमान है। इस दौरान प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) सालाना आधार पर 8.2 प्रतिशत बढ़कर 11,176 डॉलर हो गई।

ये भी पढ़ें… 30 साल में पलट गई दुनिया की तस्वीर, गरीब देश बने अमीर, भारत भी रेस में आगे

बीमा प्रीमियम में तेज बढ़ोतरी

रिपोर्ट में कहा गया कि अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच बीमा उद्योग का कुल प्रीमियम 17 प्रतिशत बढ़कर ₹10.9 लाख करोड़ पहुंच गया। इसमें हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम 14% बढ़ा। जबकि लाइफ इंश्योरेंस के नए कारोबार में 20% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। यह बढ़ोतरी पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में तेज है, जब कुल प्रीमियम में केवल 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी।

Also Read Thisलेबर कोड का सीधा असर, प्राइवेट बैंकों और इंश्योरेंस कंपनियों का खर्च बढ़ा

डिजिटलाइजेशन और जोखिम जागरूकता से फायदा

मूडीज ने कहा कि बीमा प्रीमियम में बढ़ोतरी के पीछे लोगों में जोखिम को लेकर बढ़ती जागरूकता और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का विस्तार बड़ी वजह है। डिजिटल तकनीक से बीमा उत्पादों की बिक्री और पहुंच आसान हुई है, जो सरकार के ‘2047 तक सबके लिए बीमा’ लक्ष्य के अनुरूप है।

रेटिंग एजेंसी के मुताबिक, सरकार सरकारी बीमा कंपनियों की प्रॉफिटेबिलिटी सुधारने पर ध्यान दे रही है। LIC में सरकार ने पहले ही माइनारिटी स्टेक बेच दी है। कुछ सरकारी बीमा कंपनियों को रीकैपिटलाइज करने का प्रस्ताव है। भविष्य में विलय या निजीकरण की संभावना भी जताई गई है। इसके अलावा, बीमा कंपनियों में FDI सीमा को 74% से बढ़ाकर 100% करने से उन्हें ज्यादा वित्तीय मजबूती मिलेगी।

Input: PTI

First Published - January 19, 2026 | 2:09 PM IST

संबंधित पोस्ट