वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) सबसे महत्त्वपूर्ण होगा। इससे एक दिन पहले वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने संकेत दिया था कि दोनों पक्ष 27 जनवरी को व्यापार वार्ता के सपन्न होने की घोषणा कर सकते हैं।
गोयल ने स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम के मौके पर कहा, ‘मैंने अभी तक सात समझौते किए हैं और सभी विकसित देशों के साथ। यह समझौता सभी समझौतों में सबसे महत्त्वपूर्ण होगा। इस समझौते की अच्छी बात यह होगी कि यूरोपीय संघ और भारत के बीच कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। यह दोनों पक्षों के लिए फायदे का सौदा है।’
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि देश के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और कार्बन बॉर्डर समायोजन प्रणाली (सीबीएएम) और डेरी जैसे सभी संवेदनशील मुद्दों का समाधान भारत की संतुष्टि के अनुरूप किया जाएगा।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने गुरुवार को कहा था कि व्यापार करार में समझौते के सभी पहलू शामिल होंगे लेकिन दोनों पक्षों के संवेदनशील कृषि मुद्दे बातचीत से बाहर रखे गए हैं।
गोयल ने कहा, ‘पहले के समय में जब सरकारें वार्ता करती थीं तो वे कमजोर स्थिति में बातचीत करती थीं। इसलिए वे आसियान और ऐसी अर्थव्यवस्थाओं के साथ समझौते कर रही थीं।’
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, ‘पहले की सरकारें आरसेप में शामिल होने की कोशिश कर रही थीं, जिसका मतलब चीन के साथ एफटीए होता जो मेक इन इंडिया, लघु उद्योग और किसानों के लिए मौत की घंटी होती। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए गए सभी मुक्त व्यापार करार विकसित देशों के साथ हैं और एक भी प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं के साथ नहीं है।’
तीन दिवसीय (25-27 जनवरी) राजकीय यात्रा के दौरान यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नई दिल्ली में 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे और इस वर्ष के गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि भी होंगे।
गोयल ने कहा कि दिसंबर में निर्यात में 1.8 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद जनवरी के पहले 14 दिनों में निर्यात का रुख बेहद सकारात्मक है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-यूरोपीय संघ एफटीए वार्ता में लंबित मुद्दों के समाधान के लिए 8-9 जनवरी को ब्रसेल्स का दौरा किया था। इससे पहले 6-7 जनवरी को अग्रवाल और यूरोपीय आयोग के व्यापार महानिदेशक के बीच उच्च-स्तरीय चर्चा हुई थी।
वाणिज्य विभाग ने कहा कि बैठकों में ‘मतभेदों को कम करने’ और बकाया मुद्दों पर स्पष्टता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न वार्ता पहलों में हासिल की गई प्रगति का जायजा लेने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है और 2024-25 में इसके साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार 136.53 अरब डॉलर था, जिसमें 75.85 अरब डॉलर का निर्यात और 60.68 अरब डॉलर का आयात शामिल था। भारत के लिए 27 देशों के यूरोपीय संघ के साथ व्यापार सौदा महत्त्वपूर्ण है क्योंकि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में देर हो रही है और भारत नए निर्यात बाजार तलाश रहा है।
व्यापार समझौते के आर्थिक लाभों के अलावा यूरोपीय संघ, खास तौर पर जर्मनी और फ्रांस भारत को रूसी प्रभाव से दूर करने के इच्छुक हैं। भारत और यूरोपीय संघ दोनों को उम्मीद है कि उनका सौदा चीन पर उनकी आपसी निर्भरता को कम करने में मदद करेगा।