म्युचुअल फंडों में ‘डायरेक्ट’ निवेश में महामारी के बाद आई तेजी कैलेंडर वर्ष 2025 में भी जारी रही, भले ही शेयर बाजार ने इस दौरान निवेशकों के लिए चुनौतियां पैदा कीं। डायरेक्ट प्लान में प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) नवंबर 2025 तक 43.5 प्रतिशत बढ़ गईं, जो व्यक्तिगत निवेशकों के रेग्युलर प्लान में हुई 11 प्रतिशत की वृद्धि के मुकाबले काफी ज्यादा है।
डायरेक्ट प्लान ‘डू-इट-योरसेल्फ’ (डीआईवाई) निवेशकों के लिए कम लागत वाला विकल्प है और हाल के वर्षों में यह वृद्धि के मामले में लगातार आगे रहा है जिसका कारण कोविड के बाद बाजार में आई तेजी के फलस्वरूप निवेशकों में बढ़ती जागरूकता, फिनटेक प्लेटफॉर्मों के जरिए निवेश करने में सुविधा है।
फंड अधिकारियों के अनुसार ऊपरी तौर पर डायरेक्ट प्लान पिछले साल शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद वृद्धि की गति बनाए रखने में कामयाब रहे हैं। लेकिन यह रुझान पूंजी प्रवाह के योजना-वार विवरण में ज्यादा स्पष्ट दिखेगा। एसबीआई म्युचुअल फंड में उप-प्रबंध निदेशक और जॉइंट सीईओ डी पी सिंह ने कहा, ‘डायरेक्ट प्लान निवेश सिर्फ इक्विटी योजना तक सीमित नहीं है। निवेशक इस रास्ते से हाइब्रिड स्कीम, कमोडिटी फंड और यहां तक कि डेट योजनाओं को बी खंगाल रहे हैं।’
कुल परिसंपत्तियों का प्रत्यक्ष और नियमित योजना संबंधित विवरण केवल उद्योग स्तर पर उपलब्ध है। फँड योजनाएं दो तरह की होती हैं – रेग्युलर और डायरेक्ट, जिनमें लागत का ही एकमात्र अंतर होता है। रेग्युलर योजनाएं महंगी होती हैं क्योंकि उनके खर्च में एक हिस्सा कमीशन का भी घटक शामिल होता है जिसे वे निवेशकों से लेते हैं। रेग्युलर योजनाएं ज्यादातर व्यक्तिगत वितरकों और बैंकों द्वारा बेची जाती हैं, जबकि डायरेक्ट योजनाएं मुख्य रूप से ग्रो और जीरोधा जैसे ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्मों से बेची जाती हैं।
जहां डायरेक्ट योजनाओं ने अपनी बढ़त दर को बनाए रखा है, वहीं व्यक्तिगत निवेशकों की रेग्युलर प्लान की एयूएम वृद्धि में पिछले भारी गिरावट देखी गई है। रेग्युलर योजना की एयूएम (नवंबर तक) 2024 में 31 प्रतिशत की वृद्धि की तुलना में 2025 में केवल 11 प्रतिशत बढ़ीं।
वर्ष 2025 में डायरेक्ट योजनाओं में 43.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई जो 2024 की 46 प्रतिशत की वृद्धि के करीब है। डायरेक्ट योजनाओं की एयूएम में तेज वृद्धि के कारण कुल एयूएम में उनकी हिस्सेदारी में उछाल आया है। नवंबर 2025 तक, डायरेक्ट श्रेणी की व्यक्तिगत एमएफ एयूएम (एमएफ एयूएम) में 28 प्रतिशत हिस्सेदारी थी जो 2024 की शुरुआत में 21 प्रतिशत थी।
वर्ष 2013 में पेश की गईं डायरेक्ट योजनाएं धीरे-धीरे कुल एयूएम में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही हैं। कोविड के बाद की अवधि में इनमें तेजी अधिक स्पष्ट रूप से देखी गई है क्योंकि फिनटेक प्लेटफॉर्मों और एमएफ ऐप के तेजी से विकास ने डायरेक्ट प्लान में निवेश आसान बना दिया है। साथ ही, सोशल मीडिया और वित्तीय जागरूकता में लगातार वृद्धि से शुल्क और रिटर्न के बारे में जानकारी बढ़ी है।