पिछले साल यानी 2025 में देश की शीर्ष 100 स्टार्टअप का कुल मूल्यांकन 69.3 अरब डॉलर था जिनमें से आधे से ज्यादा हिस्सा शीर्ष 20 स्टार्टअप का था। साल 2025 में देश के शीर्ष 20 स्टार्टअप का कुल मूल्यांकन 35.7 अरब डॉलर था। ट्रैक्सन से प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण से इसका पता चलता है।
शीर्ष 20 स्टार्टअप का औसत मूल्यांकन 1.78 अरब डॉलर रहा जबकि बाकी 80 का औसत मूल्यांकन केवल 0.42 अरब डॉलर था, जो शीर्ष 20 स्टार्टअप के औसत मूल्यांकन का करीब एक-चौथाई है। इससे यह सवाल उठता है कि छोटी स्टार्टअप को यूनिकॉर्न बनने या नई पूंजी जुटाने में बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, खास तौर पर ऐसे समय में जब निवेशक ज्यादा चुनिंदा हो रहे हैं।
आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) और मुनाफे की संभावना वाले कुछ सीमित स्टार्टअप में ही निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है। यही वजह है कि पूंजी जुटाने में भी यही फर्में आगे रही हैं। साल 2025 में देश की स्टार्टअप ने 11.2 अरब डॉलर की पूंजी जुटाई, जिनमें से शीर्ष 20 स्टार्टअप की हिस्सेदारी एक-तिहाई से अधिक रही। शीर्ष 20 स्टार्टअप ने कुल मिलाकर 3.9 अरब डॉलर जुटाए जो कुल जुटाई गई पूंजी का 34.82 फीसदी है। साथ ही साल 2025 में शीर्ष 20 स्टार्टअप द्वारा जुटाई गई औसत पूंजी 19.5 करोड़ डॉलर रही।
शीर्ष 5 स्टार्टटप- जेप्टो, ग्रीनलाइन, यूनिफोर, इन्फ्रा मार्केट और ऐक्सेस हेल्थकेयर ने पिछले साल कुल मिलाकर 1.26 अरब डॉलर जुटाए, जो साल 2025 में कुल स्टार्टअप फंडिंग का 11 फीसदी से अधिक है। शीर्ष 20 स्टार्टअप की सूची में शामिल अन्य फर्मों में मेरिल ने 20 करोड़ डॉलर, स्पिनी ने 12.9 करोड़ डॉलर, जंबोटेल और रेज ने 10-10 करोड़ डॉलर जुटाए। लेकिन निवेशक ज्यादा चुनिंदा दिख रहे हैं। पिछले साल स्टार्टअप की कुल फंडिंग 12.5 फीसदी घटकर 11.2 अरब डॉलर रही जो साल 2024 में 12.6 अरब डॉलर थी। साल 2023 में स्टार्टअप फर्मों ने कुल 11.1 अरब डॉलर की पूंजी जुटाई थी।
गिनी-चुनी स्टार्टअप को ही मूल्यांकन में फायदा हो रहा है। शीर्ष 100 के कुल मूल्यांकन में शीर्ष 5 स्टार्टअप की हिस्सेदारी अब बढ़कर 34 फीसदी से ज्यादा हो गई है। शीर्ष 100 स्टार्टअप मूल्यांकन में शीर्ष 20 का हिस्सा 66 फीसदी तक है। जेप्टो, क्रेड और जेटवर्क समेत इन कंपनियों का कुल मूल्यांकन 23.6 अरब डॉलर है।
मूल्यांकन के हिसाब से शीर्ष 20 में शामिल अन्य स्टार्टअप में उड़ान (1.8 अरब डॉलर), यूनिफोर (2.5 अरब डॉलर), स्पिनी (1.0 अरब डॉलर), जंबोटेल (1.0 अरब डॉलर) और रेज (1.2 अरब डॉलर) शामिल हैं।