facebookmetapixel
Advertisement
Upcoming IPOs This Week: इस हफ्ते 4 नए IPO खुलेंगे, 9 कंपनियों की होगी बंपर लिस्टिंगप्रख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई का निधन, पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मु ने जताया शोकE20 पेट्रोल पर भड़के लोग, सर्वे में सरकार के फैसले को बताया ‘फ्लॉप’; कहा: माइलेज-मरम्मत के खर्च ने बढ़ाई मुसीबतCopper Demand: भारत में तांबे की मांग तेज, हर 5 साल में 5 लाख टन नई रिफाइंड क्षमता की होगी जरूरतMarket Outlook: इस हफ्ते शेयर बाजार में क्या रहेगा ट्रिगर? TCS रिजल्ट, क्रूड ऑयल और ग्लोबल संकेत अहमMarket Cap: टॉप-10 में से 6 कंपनियों का मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ बढ़ा, एयरटेल-बजाज फाइनेंस ने मारी बाजीइंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक विज्ञापनों से मचा हड़कंप, भारत सरकार ने मेटा को भेजा सख्त नोटिसबड़ा झटका: खरीदार न मिलने से 9 क्रिटिकल मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी रद्द, निवेशकों ने नहीं दिखाई रुचिपश्चिम एशिया में सीजफायर के बाद सरकार का बड़ा फैसला: नेचुरल गैस सप्लाई पर पाबंदियां हटीं, वापस लिया इमरजेंसी ऑर्डरएक शेयर पर ₹75 का डिविडेंड! इंटीरियर प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी का बड़ा तोहफा, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्ते

2025 में भारत के शीर्ष 20 स्टार्टअप ने फंडिंग में बनाई बढ़त, पर छोटे स्टार्टअप को करना पड़ा संघर्ष

Advertisement

शीर्ष 5 स्टार्टटप- जेप्टो, ग्रीनलाइन, यूनिफोर, इन्फ्रा मार्केट और ऐक्सेस हेल्थकेयर ने पिछले साल कुल मिलाकर 1.26 अरब डॉलर जुटाए

Last Updated- January 16, 2026 | 11:07 PM IST
Startup Funding Budget 2026
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

पिछले साल यानी 2025 में देश की शीर्ष 100 स्टार्टअप का कुल मूल्यांकन 69.3 अरब डॉलर था जिनमें से आधे से ज्यादा हिस्सा शीर्ष 20 स्टार्टअप का था। साल 2025 में देश के शीर्ष 20 स्टार्टअप का कुल मूल्यांकन 35.7 अरब डॉलर था। ट्रैक्सन से प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण से इसका पता चलता है। 

शीर्ष 20 स्टार्टअप का औसत मूल्यांकन 1.78 अरब डॉलर रहा जबकि बाकी 80 का औसत मूल्यांकन केवल 0.42 अरब डॉलर था, जो शीर्ष 20 स्टार्टअप के औसत मूल्यांकन का करीब एक-चौथाई है। इससे यह सवाल उठता है कि छोटी स्टार्टअप को यूनिकॉर्न बनने या नई पूंजी जुटाने में बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, खास तौर पर ऐसे समय में जब निवेशक ज्यादा चुनिंदा हो रहे हैं।

आरं​भिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) और मुनाफे की संभावना वाले कुछ सीमित स्टार्टअप में ही निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है। यही वजह है कि पूंजी जुटाने में भी यही फर्में आगे रही हैं। साल 2025 में देश की स्टार्टअप ने 11.2 अरब डॉलर की पूंजी जुटाई, जिनमें से शीर्ष 20 स्टार्टअप की हिस्सेदारी एक-तिहाई से अ​धिक रही। शीर्ष 20 स्टार्टअप ने कुल मिलाकर 3.9 अरब डॉलर जुटाए जो कुल जुटाई गई पूंजी का 34.82 फीसदी है। साथ ही साल 2025 में शीर्ष 20 स्टार्टअप द्वारा जुटाई गई औसत पूंजी 19.5 करोड़ डॉलर रही।

शीर्ष 5 स्टार्टटप- जेप्टो, ग्रीनलाइन, यूनिफोर, इन्फ्रा मार्केट और ऐक्सेस हेल्थकेयर ने पिछले साल कुल मिलाकर 1.26 अरब डॉलर जुटाए, जो साल 2025 में कुल स्टार्टअप फंडिंग का 11 फीसदी से अ​धिक है। शीर्ष 20 स्टार्टअप की सूची में शामिल अन्य फर्मों में मेरिल ने  20 करोड़ डॉलर, स्पिनी ने 12.9 करोड़ डॉलर, जंबोटेल और रेज ने 10-10 करोड़ डॉलर जुटाए। लेकिन निवेशक ज्यादा चुनिंदा दिख रहे हैं। पिछले साल स्टार्टअप की कुल फंडिंग 12.5 फीसदी घटकर 11.2 अरब डॉलर रही जो साल 2024 में 12.6 अरब डॉलर थी। साल 2023 में स्टार्टअप फर्मों ने कुल 11.1 अरब डॉलर की पूंजी जुटाई थी। 

गिनी-चुनी स्टार्टअप को ही मूल्यांकन में फायदा हो रहा है। शीर्ष 100 के कुल मूल्यांकन में शीर्ष 5 स्टार्टअप की हिस्सेदारी अब बढ़कर 34 फीसदी से ज्यादा हो गई है। शीर्ष 100 स्टार्टअप मूल्यांकन में शीर्ष 20 का हिस्सा 66 फीसदी तक है। जेप्टो, क्रेड और जेटवर्क समेत इन कंपनियों का कुल मूल्यांकन 23.6 अरब डॉलर है।

मूल्यांकन के हिसाब से शीर्ष 20 में शामिल अन्य स्टार्टअप में उड़ान (1.8 अरब डॉलर), यूनिफोर (2.5 अरब डॉलर), स्पिनी (1.0 अरब डॉलर), जंबोटेल (1.0 अरब डॉलर) और रेज (1.2 अरब डॉलर) शामिल हैं।

Advertisement
First Published - January 16, 2026 | 11:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement