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जर्मनी-जापान तक जाएगी भारत की ग्रीन ताकत, काकीनाडा बना केंद्र; 10 अरब डॉलर का दांव

एएम ग्रीन का 10 अरब डॉलर का काकीनाडा ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट अहम चरण में, भारत बनेगा स्वच्छ ऊर्जा निर्यातक

Last Updated- January 16, 2026 | 2:17 PM IST
AM green Kakinada Project
Representational Image

AM green Kakinada Project: आंध्र प्रदेश देश और दुनिया में ग्रीन एनर्जी के बड़े केंद्र के रूप में उभरने के करीब है। काकीनाडा में बन रहा एएम ग्रीन का 10 अरब डॉलर का ग्रीन अमोनिया एक्सपोर्ट हब अब एक अहम चरण में पहुंच गया है। यह भारत का पहला और दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट होगा। शनिवार को इस परियोजना में पहला बड़ा उपकरण लगाया जाएगा, जो इसके निर्माण में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के जरिए पहली बार भारत में बनी ग्रीन एनर्जी से तैयार अमोनिया और हाइड्रोजन को विदेशी बाजारों में निर्यात किया जाएगा।

शुरुआती दौर में ग्रीन अमोनिया का निर्यात जर्मनी, जापान और सिंगापुर को किया जाएगा। इससे भारत और खासकर आंध्र प्रदेश को वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा निर्यातक के रूप में पहचान मिलेगी।

2027 तक शुरू हो जाएगा AM green Kakinada Project का पहला चरण मार्च

आंध्र प्रदेश के आईटी और उद्योग मंत्री नारा लोकेश ने सोशल मीडिया पर कहा, “आंध्र प्रदेश ग्रीन एनर्जी का सऊदी अरब बनने की ओर बढ़ रहा है। काकीनाडा से जर्मनी, सिंगापुर और जापान तक।” सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट की कुल क्षमता सालाना 15 लाख टन ग्रीन अमोनिया उत्पादन की होगी। इसका पहला चरण मार्च 2027 तक शुरू हो जाएगा, जबकि पूरा प्रोजेक्ट 2030 तक तैयार हो जाएगा।

शनिवार के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री कोनिडेला पवन कल्याण भी शामिल होंगे। इससे साफ है कि यह परियोजना राज्य और देश दोनों के लिए कितनी अहम है। यह प्रोजेक्ट भारत के सबसे बड़े क्लीन एनर्जी निवेशों में से एक है। निर्माण के दौरान इससे करीब 8,000 नौकरियां पैदा होंगी, जबकि संचालन शुरू होने के बाद रिन्यूएबल एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, स्टोरेज और पोर्ट सेवाओं में हाई-स्किल रोजगार के बड़े मौके बनेंगे।

एक ही राज्य में पूरी ग्रीन एनर्जी वैल्यू चेन 

यह परियोजना एक पुराने अमोनिया-यूरिया प्लांट को नए रूप में बदलकर तैयार की जा रही है, जिसे देश के सबसे बड़े औद्योगिक रिवाइवल उदाहरणों में से एक माना जा रहा है। काकीनाडा ग्रीन अमोनिया कॉम्प्लेक्स की खास बात यह है कि इसमें पूरी ग्रीन एनर्जी वैल्यू चेन एक ही राज्य में मौजूद होगी। इसमें सोलर और विंड एनर्जी उत्पादन, 24 घंटे बिजली सप्लाई के लिए पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया मैन्युफैक्चरिंग और बंदरगाह के जरिए निर्यात की सुविधा शामिल है।

इस सिस्टम में 7.5 गीगावॉट सोलर और विंड एनर्जी, 1,950 मेगावॉट इलेक्ट्रोलाइजर क्षमता, 2 गीगावॉट राउंड-द-क्लॉक रिन्यूएबल पावर शामिल होगी। इसमें आंध्र प्रदेश के पिन्नापुरम में देश का पहला पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट भी शामिल है।

लॉन्ग टर्म सप्लाई एग्रीमेंट

एएम ग्रीन ने जर्मनी की कंपनी Uniper समेत कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ लंबे समय के सप्लाई समझौते किए हैं और जापान व सिंगापुर की कंपनियों से भी बातचीत चल रही है। यह भारत से यूरोप और विकसित एशियाई देशों में ग्रीन एनर्जी निर्यात की पहली बड़ी पहल होगी। काकीनाडा से निर्यात होने वाला ग्रीन अमोनिया क्लीन शिपिंग फ्यूल, बिजली उत्पादन और ग्रीन हाइड्रोजन के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल होगा, जिससे दुनिया के डीकार्बनाइजेशन लक्ष्यों को मदद मिलेगी। सरकार के मुताबिक, यह परियोजना सिर्फ एक औद्योगिक निवेश नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि आंध्र प्रदेश और भारत स्वच्छ ऊर्जा के वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहे हैं।

First Published - January 16, 2026 | 2:17 PM IST

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