सरकार ने शुक्रवार को 242 सट्टेबाजी और गेमिंग वेबसाइटों एवं उनके लिंक प्रतिबंधित (ब्लॉक) कर दिए। सूत्रों ने बताया कि पिछले साल अगस्त से गेमिंग पर प्रतिबंध प्रभावी होने के बाद ब्लॉक हुई वेबसाइटों की संख्या बढ़कर 7,800 हो गई है।
इस बारे में एक अधिकारी ने कहा,‘हमने ऐसी वेबसाइटों पर अंकुश लगाने की दिशा में अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। खासकर ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम पारित होने के बाद यह सिलसिला तेज हो गया है। शुक्रवार को हुई कार्रवाई अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ प्लेटफार्मों के कारण होने वाले वित्तीय और सामाजिक नुकसान से लोगों के हितों की रक्षा से जुड़ी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।’
संवर्द्धन एवं नियमन ऑनलाइन गेमिंग विधेयक, 2025 अगस्त 2025 में कानून बन गया। इसके तहत भारत में किसी भी प्रकार के रियल-मनी गेमिंग (आरएमजी) एवं उसके विज्ञापनों पर रोक का प्रावधान है। इसके साथ ही आरएमजी की पेशकश करने वाले व्यक्ति को 3 साल तक की जेल हो सकती है और 1 करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान है। इस कानून के तहत बैंकों को ऐसी धन-आधारित गेमिंग सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनियों के साथ कारोबार नहीं करने की भी हिदायत दी गई है।
कानून ने ई-स्पोर्ट्स एवं अन्य सामाजिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए एक प्राधिकरण या एजेंसी स्थापित करने का भी प्रस्ताव है जो ऐसे खेलों के संगठन और संचालन के लिए दिशानिर्देश और मानक तैयार करेगा। सरकार ई-स्पोर्ट्स की उन्नति के लिए विशेष प्रशिक्षण अकादमी, अनुसंधान केंद्र और अन्य संस्थान भी स्थापित करेगी।