साल 2025 में रियल एस्टेट सेक्टर में जमीन खरीद को लेकर डेवलपर का भरोसा साफ तौर पर बढ़ता दिखा। मजबूत बैलेंस शीट, अनुशासित निवेश रणनीति और मांग को लेकर बेहतर परिदृश्य के कारण डेवलपर्स और कॉरपोरेट्स ने बड़े लैंड पार्सल पर दांव लगाया।
संपत्ति सलाहकार फर्म ANAROCK Research के मुताबिक 2025 में देशभर में कुल 126 जमीन सौदे हुए, जिनमें 3,772 एकड़ से ज्यादा जमीन खरीदी गई, यह 2024 में खरीदी करीब 2,514 एकड़ जमीन से ज्यादा है। ANAROCK ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी का कहना है कि 2025 में जमीन खरीद सिर्फ लग्जरी हाउसिंग तक सीमित नहीं रही, बल्कि इंटीग्रेटेड टाउनशिप, प्लॉटेड डेवलपमेंट, इंडस्ट्रियल पार्क, डेटा सेंटर और मिक्स्ड-यूज फॉर्मैट्स ने डेवलपर की अधिग्रहण रणनीति को दिशा दी।
टॉप शहरों में जमीन सौदों की संख्या के मामले में मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) देश में सबसे आगे रहा। यहां 32 सौदों में 500 एकड़ से अधिक जमीन खरीदी गई, जो 2025 में देशभर में हुई कुल जमीन सौदों का 13 फीसदी से ज्यादा हिस्सा है। इन जमीनों पर आवासीय परियोजनाओं के साथ-साथ कमर्शियल, डेटा सेंटर, इंडस्ट्रियल और प्लॉटेड डेवलपमेंट की योजना है। बेंगलूरु जमीन सौदों में दूसरे नंबर पर रहा, जहां 27 सौदों में 454 एकड़ से अधिक जमीन खरीदी गई। इसके बाद पुणे में 18 सौदों के जरिए करीब 308 एकड़ जमीन ट्रांजैक्ट हुई। NCR में 16 सौदे हुए, जिनका कुल क्षेत्रफल करीब 137 एकड़ रहा। हैदराबाद और चेन्नई में भी जमीन सौदों में सक्रियता बनी रही, जबकि कोलकाता में 2025 के दौरान कोई बड़ा जमीन सौदा दर्ज नहीं हुआ।
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टियर-2 और टियर-3 शहरों में जमीन बाजार की रफ्तार ज्यादा तेज रही। इन शहरों में कुल 16 सौदों के जरिए 2,192 एकड़ से ज्यादा जमीन खरीदी गई। इनमें अहमदाबाद 600 एकड़ से ज्यादा जमीन सौदों के साथ सबसे आगे रहा। इसके अलावा अमृतसर, कोयंबटूर, वडोदरा, नागपुर और मैसूर जैसे शहरों में बड़े लैंड पार्सल पर सौदे हुए। टियर-2 शहरों में भी कुछ बड़े सौदे देखने को मिले। ओमेक्स लिमिटेड ने अमृतसर में 260 एकड़ जमीन करीब 560 करोड़ रुपये में मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट के लिए खरीदी। तीसरी तिमाही में गोदरेज प्रॉपर्टीज ने रायपुर में 50 एकड़ जमीन 180 करोड़ रुपये में प्लॉटेड डेवलपमेंट के लिए ली। वेयरहाउसिंग और डेटा सेंटर जैसे उभरते सेगमेंट में भी जमीन अधिग्रहण तेज रहा।
रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में हुए जमीन सौदों में सबसे बड़ा हिस्सा आवासीय परियोजनाओं का रहा। कुल सौदों में से 96 सौदे आवासीय विकास के लिए किए गए, जिनका कुल क्षेत्रफल करीब 1,877 एकड़ रहा। इसके अलावा इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स पार्क, मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट्स, कमर्शियल स्पेस और डेटा सेंटर के लिए भी जमीन अधिग्रहण बढ़ा। इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकारी खर्च, मजबूत शहरी मांग और कॉरपोरेट निवेश के चलते आने वाले महीनों में जमीन बाजार में गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
साल 2025 में रियल एस्टेट सेक्टर में कुछ बड़े और हाई-वैल्यू जमीन सौदों ने बाजार का रुख तय किया। ANAROCK Research के आंकड़ों के मुताबिक, मेट्रो के साथ-साथ टियर-2 शहरों में भी डेवलपर्स ने बड़े लैंड पार्सल पर दांव लगाया। इन सौदों में आवासीय, मिक्स्ड-यूज, कमर्शियल, डेटा सेंटर और वेयरहाउसिंग प्रोजेक्ट्स शामिल रहे। दूसरी तिमाही में गोइसु रियल्टी (सुमितोमो ग्रुप) ने मुंबई में 13.02 एकड़ जमीन करीब 2,539 करोड़ रुपये में खरीदी, जो साल के सबसे महंगे सौदों में शामिल रही।
नवी मुंबई में आकार डेवलपर्स ने 10 एकड़ जमीन करीब 2,120 करोड़ रुपये में आवासीय परियोजना के लिए खरीदी, जो प्रीमियम लोकेशन में बढ़ती कीमतों को दर्शाता है। दूसरी तिमाही में बागमाने ग्रुप ने दिल्ली में 30.64 एकड़ जमीन करीब 1,530 करोड़ रुपये में आवासीय और कमर्शियल विकास के लिए ली। साल की आखिरी तिमाही में प्रेस्टीज ग्रुप ने हैदराबाद में 11 एकड़ जमीन करीब 1,556 करोड़ रुपये में मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट के लिए खरीदी।
बेंगलूरु में मैक्रोटेक डेवलपर्स (लोढ़ा ग्रुप) ने 2025 की पहली तिमाही में 20 एकड़ जमीन करीब 500 करोड़ रुपये में खरीदी, जिस पर आवासीय परियोजना विकसित की जाएगी। इसी तिमाही में मैक्स एस्टेट ने नोएडा में 10.33 एकड़ जमीन करीब 711 करोड़ रुपये में मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट के लिए ली, जबकि एम3एम ग्रुप ने नोएडा में ही 400 करोड़ रुपये में 5.82 एकड़ जमीन खरीदी। वेलस्पन वन ने बेंगलूरु में 51 एकड़ जमीन वेयरहाउसिंग के लिए खरीदी, जबकि STT ग्लोबल ने MMR में 24 एकड़ जमीन करीब 500 करोड़ रुपये में डेटा सेंटर के लिए ली।