पिछले वर्ष देश में प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश यानी आईपीओ का बाजार गर्म था। कंपनियों ने 2025 में आईपीओ से 22 अरब डॉलर से अधिक की राशि जुटाई। परंतु एचएसबीसी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च की एक नई शोध रिपोर्ट के मुताबिक गत वर्ष स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होने वाली 350 से अधिक कंपनियों में से आधी कंपनियां अपने पेशकश मूल्य से कम पर कारोबार कर रही थीं। भले ही कंपनियों में सूचीबद्धता की होड़ नजर आई हो लेकिन यह एक गंभीर तथ्य है।
रिपोर्ट 2025 में एशिया को लेकर भी कुछ चकित करने वाले आंकड़े पेश करती है। भारत के आईपीओ बाजार की तरह एशिया में गर्मी बढ़ रही है। एशिया विश्व औसत की तुलना में दोगुनी तेजी से गर्म हो रहा है। 1991 से 2024 तक की अवधि में यहां के तापमान में औसत वृद्धि 0.4 डिग्री सेल्सियस से अधिक रही जबकि वैश्विक औसत 0.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
एशिया ने एक नए शहर को दुनिया के सबसे अधिक जनसंख्या वाले शहर का दर्जा हासिल करते हुए भी देखा। पिछले वर्ष के मध्य में, जकार्ता टोक्यो को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर बन गया। वहां 4.2 करोड़ लोग रहते हैं। भारत चौथे स्थान है जहां नई दिल्ली की जनसंख्या 3 करोड़ थी, जबकि बांग्लादेश दूसरे स्थान पर और जापान तीसरे स्थान पर रहा।
पर्यटन में भी उलटफेर देखने को मिला। 2025 में थाईलैंड को पीछे छोड़ते हुए मलेशिया ने दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) में शीर्ष पर्यटन गंतव्य का स्थान हासिल कर लिया। अगस्त तक के आंकड़ों के आधार पर, मलेशिया में 2.8 करोड़ पहुंचे जबकि थाईलैंड लगभग 2.1 करोड़ पर्यटकों के साथ पीछे रह गया। इसके बाद वियतनाम (1.6 करोड़ से अधिक), सिंगापुर, इंडोनेशिया और फिलिपींस का स्थान रहा।
इस बीच चीन ने लगातार रिकॉर्ड भंग किए। 2025 में उसने 275 गीगावॉट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित की। यह अमेरिका की कुल स्थापित क्षमता के बराबर है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि चीन कितनी तेज गति से आगे बढ़ रहा है। चीन ने गत वर्ष रोबोटैक्सी भी बनाई जिनमें से हर एक की लागत 40,000 डॉलर आई। यह अमेरिका में वायमो द्वारा बनाई रोबोटैक्सी की तुलना में एक तिहाई या करीब 20 फीसदी भर है।
चीन और ताइवान के बीच तनाव के बावजूद, दोनों के बीच हवाई यात्रा बेहद सक्रिय रही। हॉन्ग कॉन्ग -ताइपे मार्ग दुनिया का सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय विमानन मार्ग रहा, जहां पिछले वर्ष लगभग 68 लाख सीटें थीं। इसके बाद काहिरा–जेद्दा, कुआलालंपुर–सिंगापुर, सोल–टोक्यो, सोल–ओसाका और जकार्ता–सिंगापुर मार्गों का स्थान रहा। दुनिया के 10 सबसे व्यस्त मार्गों में से नौ एशिया में हैं।
सेमीकंडक्टर उद्योग में, ताइवानी दिग्गज ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (टीएसएमसी) का दबदबा कायम है, जो एफटीएसई (जापान को छोड़कर) का 12.8 प्रतिशत हिस्सा रखती है। यह 2025 में अगले सबसे बड़े स्टॉक टेनसेंट (5 प्रतिशत) से दोगुने से भी अधिक है।