पूंजीगत व्यय पर जोर की खुशी से झूमा बाजार
केंद्रीय बजट में पूंजीगत व्यय पर जोर और कराधान के मोर्चे पर किसी नकारात्मक अचरज के अभाव में बाजार ने खुशी जताई है। इससे उत्साहित होकर निवेशकों ने बॉन्ड बाजार में कोई बिकवाली नहीं की जबकि शेयर बाजार में करीब 1.5 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। पिछले दो कारोबारी सत्र के दौरान शेयर बाजार […]
डिजिटल पर जोर, दूरसंचार को मदद
सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में 5जी सेवाएं शुरू करने, ग्रामीण इलाकों में ब्रॉडबैंड सेवाओं का विस्तार करने तथा उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना के जरिये स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने का वादा किया है। सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटड (बीएसएनएल) को 4जी स्पेक्ट्रम, प्रौद्योगिकी उन्नयन और खर्चों के पुनर्गठन […]
केंद्र सरकार पूंजीगत व्यय के लिए राज्यों को देगी ब्याज मुक्त कर्ज
केंद्रीय बजट 2022-23 में राज्यों को 1 लाख करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त पूंजीगत व्यय ऋण देने की बात कही गई है जिसको लेकर राज्य खुश हो सकते हैं लेकिन इसके साथ ही राज्यों को धन की हिस्सेदारी के स्थानांतरण और केंद्र से प्रायोजित योजनाओं के लिए रकम देने के मामले में मुट्ठी को बंद […]
स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट में मामूली बढ़ोतरी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2022-23 के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट के आवंटन में कोई उल्लेखनीय बढ़ोतरी नहीं की है। पिछले साल वित्त मंत्री ने स्वास्थ्य और बेहतरी पर व्यय में 137 प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा की थी। इस बजट में कोविड टीकाकरण में राज्यों की मदद के लिए 5,000 करोड़ रुपये आवंटित […]
बुनियादी ढांचा बहाल करने का खाका
बुनियादी ढांचे को रफ्तार और वित्त पोषण के जरिये आर्थिक सुधार पर जोर देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में प्रधानमंत्री गति शक्ति के तहत सात इंजन सड़क, रेलवे, एयरपोर्ट, बंदरगाह, सार्वजनिक परिवहन, वाटरवेज और लॉजिस्टिक्स इन्फ्रा के विकास पर खर्च पर ध्यान किया है और गति शक्ति के तहत मल्टी […]
बजट के संशोधित कर ढांचे या कटौतियों में वेतनभोगी वर्ग के लिए कुछ भी नहीं है। बहरहाल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सहकारी निकायों को लेकर कुछ सहानुभूति दिखाई है। वित्त मंत्री ने सहकारी समितियों के लिए न्यूनतम वैकल्पिक कर (एमएटी) 18.5 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। इस कदम से सहकारी समितियों […]
ग्रामीण बुनियादी ढांचे व डिजिटलीकरण पर जोर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के ग्रामीण क्षेत्र के लिए बजट में गांवों में सड़कों और आवास जैसी मूर्त संपत्तियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। साथ ही वित्त वर्ष 22 के संशोधित अनुमान की तुलना में मनरेगा के बजट में वित्त वर्ष 23 में 25.51 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है। मांग से संचालित […]
एलपीजी सब्सिडी के प्रत्यक्ष अंतरण के लिए 4,000 करोड़ रुपये आवंटित
बजट 2022-23 में एलपीजी सब्सिडी के प्रत्यक्ष अंतरण के लिए 4,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 2021-22 में इस मद में आवंटित 3,400 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान के मुकाबले यह रकम ज्यादा है। मई 2020 से सरकार एलपीजी पर किसी सब्सिडी का बोझ वहन नहीं कर रही है और आवंटित सब्सिडी का इस्तेमाल […]
नेट जीरो कार्बन की प्रतिबद्धता में भारत के शामिल होने के बाद के पहले बजट में ऊर्जा में बदलाव और जलवायु कार्रवाई पर ध्यान दिया गया है। हालांकि ऐसा लगता है कि ऊर्जा कुशलता, सततता और स्वच्छ तकनीक जैसे प्रमुख क्षेत्रों में बजट का उल्लेखनीय आवंटन नहीं किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने […]
वृद्धि और सरकारी व्यय पर लगाया बड़ा दांव
भारत के मौजूदा बाजार मूल्यांकन का तात्पर्य कि आज खरीदारी करने वाले या अपनी खरीद बरकरार रखने वाले किसी व्यक्ति को यह मानना होगा कि अर्थव्यवस्था आर्थिक एवं कारोबारी मुनाफे में वृद्धि के सतत दौर में प्रवेश कर रही है। बाजार प्रतिभागी बजट को इसी दृष्टि से देखेंगे। क्या आपको दीर्घावधि में वृद्धि का पूरा […]