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लेख

बजट को चुनावी तैयारी का रूप न दें तो बेहतर

आगामी केंद्रीय बजट में अत्य​धिक खर्च के बजाए राजकोषीय घाटे में तेजी से कमी लाने की योजना होनी चाहिए। बता रहे हैं ए के भट्टाचार्य  वित्त मंत्रालय ने वर्ष 2023-24 के लिए केंद्रीय बजट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 1 फरवरी, 2023 को पेश किया जाने वाला यह बजट नरेंद्र मोदी सरकार […]

अर्थव्यवस्था

महंगाई ध्यान में रख बनाना होगा बजट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि 2023 के आगामी केंद्रीय बजट को वृद्धि की गति बरकरार रखने और महंगाई को ध्यान में रखते हुए ‘बहुत सावधानी से तैयार’ किया जाएगा। उन्होंने इसे भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती भी बताया है। वाशिंगटन डीसी के ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूट में आयोजित एक कार्यक्रम […]

वित्त-बीमा

आय बताना भूल गए तो दाखिल करें अपडेटेड रिटर्न

 इस बार के बजट में आयकर रिटर्न दाखिल करने का एक नया तरीका पेश किया गया, जिसे ‘अपडेटेड रिटर्न’ कहा गया है। इसके लिए आयकर अधिनियम की धारा 139 में 8(ए) नाम की एक नई उपधारा जोड़ी गई है। यह योजना 1 अप्रैल 2022 से लागू हो चुकी है और अभी तक 75,000 से ज्यादा […]

अर्थव्यवस्था

जीडीपी का 5.2 फीसदी रहा राजकोषीय घाटा

वित्त वर्ष 2022-23 (एफवाई 23) की पहली तिमाही में केंद्र का राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 5.2 फीसदी रहा, जबकि पूरे वर्ष के बजट अनुमान (बीई) 6.4 फीसदी है। इसके अलावा, जुलाई में राजकोषीय अधिशेष 11,000 करोड़ रुपये के करीब रहा। इसका मतलब यह है कि चालू वित्त वर्ष में केंद्र का राजकोषीय […]

अर्थव्यवस्था

लक्ष्य से ज्यादा प्रत्यक्ष कर संग्रह!

केंद्र सरकार को इस    वित्त वर्ष में 30  अगस्त तक 4.8 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष कर मिल चुका है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अव​धि के 3.6 लाख करोड़ रुपये से33 फीसदी अधिक है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन नितिन गुप्ता ने आज इसकी जानकारी दी। गुप्ता ने कहा कि […]

वित्त-बीमा

शहर नहीं बदलना तभी खरीदें घर

 लंबे समय तक ठहराव के बाद रियल एस्टेट क्षेत्र में तेजी आने के बाद धीरे-धीरे मकान की कीमतें बढ़ने लगी है। जो लोग घर खरीदने का विचार कर रहे हैं, वह वर्तमान कीमतों पर पैसा लगाने का दबाव महसूस कर रहे है। साथ ही महंगाई घरेलू बजट को बढ़ा रही है। आवास ऋण पर ब्याज […]

अर्थव्यवस्था

केंद्रीय करों में राज्यों का हिस्सा 29 फीसदी

केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2020-21 से घटकर 29 से 32 फीसदी के करीब रह गई है, जबकि इसे 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार 41 फीसदी होना चाहिए था। रविवार को हुई बैठक में कुछ राज्यों ने राजस्व बंटवारे पर चिंता जताई। बीते 5 वर्षों में दिख रहा है कि […]

अर्थव्यवस्था

कॉर्पोरेशन कर कटौती से निकले सबक

तकरीबन तीन वर्ष पहले मोदी सरकार ने कॉर्पोरेशन कर का नया ढांचा पेश किया था। शुक्रवार 20 सितंबर, 2019 को यानी कोविड महामारी से स्वास्थ्य व्यवस्था और अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने के कुछ माह पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने  कॉर्पोरेशन कर दरों में भारी कटौती की घोषणा की थी ताकि अर्थव्यवस्था में नजर […]

अर्थव्यवस्था

केंद्र ने नियंत्रण में किया अपना कर्ज

केंद्र सरकार ने 2021-22 के अंत में अपना कर्ज नियंत्रित कर देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 56.29 प्रतिशत कर लिया है, जो बजट के संशोधित अनुमान (आरई) में बढ़कर 59.9 प्रतिशत हो गया था। आंशिक रूप से यह वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा सार्वजनिक ऋण प्रबंधन पर हाल की तिमाही […]

वित्त-बीमा

गृहिणियों का भी हो टर्म बीमा

भारत में आम तौर पर परिवार चलाने वाले यानी रोजी-रोटी कमाने वाले का ही जीवन बीमा लिया जाता है। ज्यादातर घरों में गृहिणियों का बीमा नहीं होता। लेकिन अब हालात बदलने लगे हैं। पॉलिसीबाजार ने इसी साल अप्रैल में 5,000 लोगों का ऑनलाइन सर्वेक्षण किया, जिसमें पता चला कि लगभग 15 फीसदी सक्रिय पॉलिसी गृहिणियों […]