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लक्ष्य से ज्यादा प्रत्यक्ष कर संग्रह!

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Last Updated- December 11, 2022 | 4:03 PM IST

केंद्र सरकार को इस    वित्त वर्ष में 30  अगस्त तक 4.8 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष कर मिल चुका है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अव​धि के 3.6 लाख करोड़ रुपये से33 फीसदी अधिक है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन नितिन गुप्ता ने आज इसकी जानकारी दी।
गुप्ता ने कहा कि कर संग्रह इसी तरह रहा तो वित्त वर्ष 2023 में 14.20 लाख करोड़ रुपये के बजट लक्ष्य से अधिक प्रत्यक्ष कर जुट जाएगा। उन्होंने कहा, ‘बजट में 14.20 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है और अब तक हमने रिफंड आदि जारी करने के बाद 4.8 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध कर जुटा लिया है। कर संग्रह में यह अच्छी वृद्धि है।’ उन्होंने कहा कि दूसरी किस्त के भुगतान के समय भी ऐसा ही रुझान रहा तो बजट लक्ष्य से ज्यादा कर संग्रह हो सकता है। पिछले वित्त वर्ष में इसी समय यानी 30 अगस्त, 2021 तक 3.6 लाख करोड़ रुपये का ही प्रत्यक्ष कर जुटा था।
वित्त वर्ष 2023 में 14.20 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष कर का जो लक्ष्य रखा गया है, उसमें 7.2 लाख करोड़ रुपये कॉरपोरेट कर से और 7 लाख करोड़ रुपये व्य​क्तिगत आयकर, प्रतिभूति लेनदेन कर आदि से जुटाने का लक्ष्य है। पिछले वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष कर संग्रह का संशो​धित अनुमान 12.5 लाख करोड़ रुपये था, जबकि बजट में 11.08 लाख करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया था।
गुप्ता ने कहा कि इस साल अब तक कॉरपोरेट कर संग्रह पिछले साल की समान अव​धि की तुलना में करीब 25 से 26 फीसदी बढ़ा है, जो कोविड के दौरान नरमी से उबरते उद्योग जगत की मजबूत बैलेंस शीट और बढ़ते मुनाफे का सबूत है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में कंपनियों की कमाई दो अंक में बढ़ी है। बिज़नेस स्टैंडर्ड के नमूने में शामिल 2,981 सूचीबद्ध कंपनियों का जून तिमाही में एकीकृत शुद्ध मुनाफा पिछले साल अप्रैल-जून से 22.4 फीसदी बढ़कर 2.24 लाख करोड़ रुपये रहा। 
सीबीडीटी के चेयरमैन ने कहा कि इस साल प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) संग्रह में भी अच्छी वृद्धि देखी गई है। गुप्ता के अनुसार इस साल अब तक 10,000 करोड़ रुपये प्रतिभूति लेनदेन कर आ चुका है, जो पिछले साल की समान अव​धि से करीब 7.7 फीसदी ज्यादा है। 
स​ब्सिडी और कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च बढ़ने तथा यूरोप में युद्ध से मुद्रास्फीति के दबाव के बीच वित्त वर्ष 2023 में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 6.4 फीसदी पर रखने का लक्ष्य पूरा करने में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर संग्रह की वृद्धि का अहम योगदान रहेगा। अन्य मसलों पर चर्चा करते हुए गुप्ता ने कहा कि विभाग बेनामी संप​त्ति मामले में सर्वोच्च न्यायालय के हालिया फैसले पर वि​धि मंत्रालय के साथ मिलकर विचार कर रहा है। शीर्ष अदालत ने बेनामी लेनदेन (निषेध) कानून में संशोधन पिछली ति​थि से लागू करने पर रोक लगा दी थी। गुप्ता ने कहा, ‘काले धन के ​खिलाफ अ​भियान जारी है। हम इस दिशा में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। प्रवर्तन की कई कार्रवाई की गआ हैं। शीर्ष अदालत ने कानून का विश्लेषण किया है और हम इस पर आए फैसले का अध्ययन कर रहे हैं। निर्णय समझने के बाद इस पर समुचित कदम उठाया जाएगा। यह नहीं कहा जा सकता कि शीर्ष अदालत के फैसले से कितने मामलों पर असर पड़ेगा।’गुप्ता ने बताया कि 2022-23 आकलन वर्ष के लिए 21 अगस्त तक 6 करोड़ से अधिक रिटर्न दाखिल कर दिए गए थे।

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First Published - September 1, 2022 | 9:34 PM IST

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