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डिजिटल पर जोर, दूरसंचार को मदद

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Last Updated- December 11, 2022 | 9:29 PM IST

सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में 5जी सेवाएं शुरू करने, ग्रामीण इलाकों में ब्रॉडबैंड सेवाओं का विस्तार करने तथा उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना के जरिये स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने का वादा किया है।
सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटड (बीएसएनएल) को 4जी स्पेक्ट्रम, प्रौद्योगिकी उन्नयन और खर्चों के पुनर्गठन के लिए सालाना आधार पर 44,720 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। इसके अलावा बीएसएनएल को जीएसटी एवं स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति संबंधी भुगतान के लिए 6,850 करोड़ रुपये का अलग से आवंटन किया गया है। दूरसंचार विभाग को कुल 84,586 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जिनमें से आधे से ज्यादा बीएसएनएल के हिस्से गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी 2022 में की जाएगी और निजी कंपनियों द्वारा वित्त वर्ष 2023 में वाणिज्यिक स्तर पर 5जी सेवाएं शुरू की जाएंगी। उन्होंने कहा, ‘डिजाइन आधारित विनिर्माण के लिए एक योजना शुरू की जाएगी। यह उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना के तहत 5जी के लिए मजबूत पारिस्थितिकी का निर्माण करेगा।’ वित्त मंत्री ने कहा कि ग्रामीण और सुदूर इलाकों में किफायती ब्रॉडबैंड और मोबाइल सेवा के विस्तार के लिए यूनिवर्सल सेवा कोष (यूएसओ) के तहत कुल सालाना संग्रह का 5 फीसदी इसके लिए आवंटित किया जाएगा। इससे शोध एवं विकास को बढ़ावा मिलेगा और प्रौद्योगिकी एवं समाधानों का व्यावसायीकरण किया जाएगा।
यूएसओ कोष दूरसंचार लाइसेंस शुल्क भुगतान से जुटाया जाता है और इसका उपयोग ग्रामीण इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाने में किया जाता है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने स्मार्टफोन को अपनाने में तेजी लाने के लिए उस पर सब्सिडी देने के वास्ते इस कोष के इस्तेमाल का सुझाव दिया था। इंडियन सैटेलाइट एसोसिएशन ने सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिए इस कोष का उपयोग करने की मांग की है। सीतारमण ने कहा कि सरकार सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत वित्त वर्ष 2023 में ग्र्रामीण इलाकों में ऑप्टिक फाइबर बिछाने के ठेके जारी करेगी। इस कदम का मकसद देश भर में एकसमान ई-सेवाएं उपलब्ध कराना है।
उद्योग के भागीदारों ने बजट की घोषणाओं का स्वागत किया है। एरिक्सन के प्रबंध निदेशक (भारत) नितिन बंसल ने कहा कि डिजिटल अंतर को पाटने और सरकार के मेक इन इंडिया पहल को मजबूती देने के लिए विभिन्न उपाय किए गए हैं।स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज के प्रबंध निदेशक अंकित अग्रवाल ने कहा, ‘बजट में 2025 तक सभी गांवों में डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए ऑप्टिक फाइबर बिछाने और और डिजिटल सेवाएं प्रदान करने की बात कही गई है, वहीं स्पेक्ट्रम नीलामी के जरिये 5जी सेवाओं के शुरू करने का आधार पर भी तैयार किया है।’
सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महानिदेशक एसपी कोछड़ ने कहा, ‘आम बजट वृद्घि को बढ़ावा देने वाला है और इसमें डिजिटल इंडिया पहल पर भी जोर दिया गया है।’

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First Published - February 1, 2022 | 11:28 PM IST

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