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2025 में टेक IPO बाजार की वापसी: मुनाफे के दम पर पब्लिक मार्केट में लौटा स्टार्टअप उत्साह

इस वर्ष नए जमाने की 18 टेक्नॉलजी कंपनियां सूचीबद्ध हुईं, जो 2023 में सूचीबद्ध 5 कंपनियों से लगभग तीन गुना और 2024 की 13 कंपनियों की संख्या से 38 प्रतिशत अधिक है

Last Updated- December 26, 2025 | 10:05 PM IST
Indian IPO Market 2025

लंबे समय से सुस्त भारत के टेक्नॉलजी आईपीओ बाजार में 2025 में फिर से हलचल हो गई। वेंचर पूंजी निवेश वाली कंपनियों ने यह दिखा दिया कि सार्वजनिक बाजार तक पहुंचने का रास्ता अब किसी भी कीमत पर वृद्धि के बजाय मुनाफे से होकर गुजरता है। इस वर्ष नए जमाने की 18 टेक्नॉलजी कंपनियां सूचीबद्ध हुईं, जो 2023 में सूचीबद्ध 5 कंपनियों से लगभग तीन गुना और 2024 की 13 कंपनियों की संख्या से 38 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने मिलकर 41,283 करोड़ रुपये जुटाए। इनमें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो, इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता एथर एनर्जी और आईवियर रिटेलर लेंसकार्ट जैसी कंपनियां भी थीं जिन्होंने दमदार निवेशक मांग का लाभ उठाया।

इससे 2021-2022 के फंडिंग जुनून के बाद संस्थापकों और उनके निवेशकों के बीच एक बड़े बदलाव का पता चलता है। जो कंपनियां कभी उपयोगकर्ता जोड़ने और बाजार भागीदारी को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देती थीं, उन्होंने अब यूनिट इकोनॉमिक्स, कम लागत वाले स्ट्रक्चर और मुनाफे के स्पष्ट रास्ते पर अपना परिचालन किया है। ये ऐसी खूबियां हैं जिनकी बाजार निवेशक अब ज्यादा मांग कर रहे हैं।

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रिसर्च फर्म ट्रैक्सन की सह-संस्थापक नेहा सिंह ने कहा, ‘संस्थापक अपनी यूनिट इकोनॉमिक्स ठीक करने, कम खर्च वाला परिचालन अपनाने, नकदी कम खर्च करने और मुनाफे के स्पष्ट रास्तों पर फोकस कर रहे हैं।’ गज कैपिटल के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी गोपाल जैन ने कहा कि 2022-23 की गिरावट के बाद कंपनियों को वृद्धि समायोजित करने, गैर-जरूरी खर्चों में कटौती करने और कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन में अनुशासन दिखाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

वर्ष 2024-25 तक कई बड़े स्टार्टअप या तो एबिटा के लिहाज से अच्छी स्थिति में थे या मुनाफे की राह पर थे। उन्होंने कहा कि जनवरी 2024 और दिसंबर 2025 के बीच पीई या वीसी-निवेश वाली 67 आईपीओ आए, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत ने सूचीबद्धता के समय वृद्धि के साथ सकारात्मक एबिटा दर्ज किया। जैन ने कहा, ‘यह सुधार सिर्फ ऊपरी नहीं था, यह ग्राहक को जोड़ने की कम लागत, बेहतर मूल्य निर्धारण क्षमता और परिचालन दक्षता से संभव हुआ था।’

लॉ फर्म खैतान ऐंड कंपनी के पार्टनर अभिमन्यु भट्टाचार्य ने कहा कि टेक लिस्टिंग की पहली लहर के बाद निवेशकों ने प्रॉफिटेबल या लगभग प्रॉफिटेबल मॉडल, बेहतर यूनिट इकोनॉमिक्स और अधिक स्पष्ट की परफॉर्मेंस इंडिकेटर (केपीआई) की मांग की।

बाजार नियामक सेबी के केपीआई और खुलासा मानकों पर सख्त नियमों ने उस अनुशासन को और मजबूत किया। ई-कॉमर्स फर्म मीशो ने इस बदलाव की मिसाल पेश की। कंपनी ने अपने आईपीओ से 60.4 करोड़ डॉलर जुटाए और दिसंबर में बाजार में शानदार तरीके से प्रवेश किया। मजबूत निवेशक मांग के बीच सूचीबद्धता पर यह शेयर लगभग 46 प्रतिशत चढ़ गया था। होम सर्विस प्लेटफॉर्म अर्बन कंपनी ने सितंबर में 1,900 करोड़ रुपये जुटाए, जिसमें निर्गम आकार से 104 गुना ज्यादा बोलियां लगीं।

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आईपीओ की नई खेप

गज कैपिटल के जैन ने कहा कि आज भारत में लगभग 25,000 अनलिस्टेड पीई या वीसी-समर्थित कंपनियां हैं। इनमें से लगभग 15,000 कंपनियां सात साल से ज्यादा समय से काम कर रही हैं। इस समूह में लगभग 10 प्रतिशत या लगभग 1,500 कंपनियां मजबूत एबिटा के साथ 1 करोड़ डॉलर राजस्व का आंकड़ा पार कर चुकी हैं। इनमें से लगभग एक-तिहाई या लगभग 450-500 कंपनियां 25 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ रही हैं और उन्हें आईपीओ के लिए तैयार माना जा सकता है।

First Published - December 26, 2025 | 10:02 PM IST

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