देश में आने वाले समय में संगीत बाजार तेजी से विस्तार करेगा। उद्योग के अनुमानों के मुताबिक अगले पांच वर्षों के दौरान यह भुगतान आधारित संगीत (पेड म्यूजिक) का सबसे बड़ा और प्रभावशाली बाजार बन सकता है। फिक्की और ईवाई की रिपोर्ट में कहा गया है कि पेड सब्सक्रिप्शन 2024 के 80 लाख से बढ़कर इस साल 1.05 करोड़ हो गए हैं।
यूनिवर्सल म्यूजिक इंडिया का कहना है कि भारतीय संगीत बाजार परिपक्व हो रहा है। कंपनी के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्याधिकारी (भारत और दक्षिण एशिया) और वरिष्ठ उपाध्यक्ष, रणनीति (अफ्रीका, पश्चिम और दक्षिण एशिया) देवराज सान्याल ने कहा,‘भारत में लगभग 1.3 अरब लोगों में लगभग 1.5 करोड़ लोग संगीत के लिए भुगतान करते हैं। आज एक कप कॉफी की कीमत स्पॉटीफाई, ऐपल या यूट्यूब के सब्सक्रिप्शन के बराबर है। ये प्लेटफॉर्म आपको कुछ भुगतान लेकर विज्ञापन रहित संगीत का आनंद दे सकते हैं। मेरा मानना है कि हम अगले 5 वर्षों में एक अत्यधिक प्रभावशाली भुगतान आधारित बाजार बनने जा रहे हैं।’
यह अनुमान ऐसे समय आए हैं जब निःशुल्क संगीत सेवा देने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म द्वारा इन सेवाओं पर अंकुश लगाने और स्ट्रीमिंग रॉयल्टी दरों में गिरावट के कारण 2024 में भारतीय संगीत उद्योग के राजस्व में 2 प्रतिशत की गिरावट आई है। फिक्की और ईवाई की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस कारण पेड सब्सक्रिप्शन 2024 में 80 लाख से बढ़कर 1.05 करोड़ हो गए, लेकिन समग्र उपभोक्ता 18.5 करोड़ से कम होकर 17.5 करोड़ रह गए। सान्याल ने यह भी कहा कि भारत में लगभग एक अरब स्मार्टफोन हैं और यहां डेटा प्लान काफी सस्ते हैं, जो उनकी कंपनी के लिए भारी गुंजाइश और विकास का अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा,‘भारत यूनिवर्सल म्यूजिक ग्रुप के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण बाजार है। हम यहां सभी व्यवसायों में पूरी तरह से निवेश करने जा रहे हैं और बिल्कुल भी अपनी रफ्तार कम करने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि निवेश की कोई संख्या, आकार या पैमाना कंपनी को इस बाजार में आगे बढ़ने में बाधा नहीं बनेगा।
टैलेंट मैनेजमेंट, म्यूजिक एवं ब्रांड्स सेगमेंट, मर्चेंडाइजिंग, फिल्म साउंडट्रैक और पब्लिशिंग सहित सभी व्यावसायिक खंडों को मिलाकर संगीत एवं संगीत आधारित मनोरंजन कंपनी को आने वाले वर्षों में दोहरे अंक में वृद्धि होने की उम्मीद है। सान्याल ने कहा कि उनका म्यूजिक ऐंड ब्रांड वर्टिकल वर्तमान में विश्व स्तर पर चौथे स्थान पर है जहां उसने खुदरा, वाहन से लेकर दूरसंचार तक के ब्रांडों के साथ काम किया है।
इसके अलावा कई वर्षों के बाद यूनिवर्सल म्यूजिक इंडिया ने 2025 में फिल्म साउंडट्रैक सेगमेंट में फिर से प्रवेश किया है और मैडॉक फिल्म्स के साथ एक दीर्घकालिक साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत कंपनी दो फिल्मों (परम सुंदरी और थामा) के साथ बॉलीवुड में कदम रख चुकी है। ये फिल्में मैडॉक फिल्म्स के हॉरर-कॉमेडी सेगमेंट का एक हिस्सा हैं।
उन्होंने यह भी कहा, ‘हम अल्पकालिक सौदों के बजाय रणनीतिक दीर्घकालिक संबंधों को महत्त्व दे रहे हैं। मैडॉक फिल्म्स के अलावा हम एक और बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ रणनीतिक साझेदारी शुरू करने वाले हैं जो भारतीय मनोरंजन उद्योग के लिए काफी खास हैं।’सारेगामा इंडिया भी भंसाली प्रोडक्शंस में निवेश के साथ म्यूजिक लाइसेंसिंग सेगमेंट में अपनी उपस्थिति को मजबूत कर चुकी है। भंसाली प्रोडक्शंस अपने भविष्य के सभी फिल्म संगीत को विशेष रूप से इसे बेचेगी।