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Mutual Funds: ‘मेगा फंड्स’ का बढ़ा दबदबा, ₹1 लाख करोड़ के क्लब में शामिल हुई तीन और बड़ी योजनाएं

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इनमें से दो योजनाएं (पराग पारिख फ्लेक्सीकैप फंड और एचडीएफसी फ्लेक्सीकैप फंड) हाल के महीनों में सबसे तेजी से बढ़ने वाली योजनाओं में शामिल रही हैं

Last Updated- February 22, 2026 | 10:51 PM IST
mutual fund
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

‘मेगा’ म्युचुअल फंड (एमएफ) योजनाओं की संख्या बढ़ रही है। लोकप्रिय श्रेणियों में कई प्रमुख पेशकशों में तेजी देखी जा रही है। मई 2025 से तीन योजनाओं ने प्रबंधन अधीन परिसंप​त्तियों (एयूएम) के तहत 1 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है।

इनमें से दो योजनाएं (पराग पारिख फ्लेक्सीकैप फंड और एचडीएफसी फ्लेक्सीकैप फंड) हाल के महीनों में सबसे तेजी से बढ़ने वाली योजनाओं में शामिल रही हैं। 2025 की शुरुआत से इनकी एयूएम में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि (12 फरवरी तक) हुई है। इसकी तुलना में फ्लेक्सीकैप श्रेणी में इस दौरान 28 प्रतिशत की तेजी आई।

फ्लेक्सीकैप और हाइब्रिड फंड सबसे बड़ी योजनाओं की सूची में सबसे ऊपर हैं। उन्हें उद्योग में मौजूद कुछ सबसे पुराने फंडों से मदद मिली है। इक्विटी बाजार में बढ़ती अस्थिरता के बीच इन श्रेणियों के लिए नए सिरे से आकर्षण ने प्रमुख योजनाओं की एयूएम वृद्धि को और तेज कर दिया है।  एचडीएफसी बैलेंस्ड एडवांटेज फंड 1 लाख करोड़ रुपये की एयूएम के आंकड़े को पार करने वाली तीसरी योजना है। एचडीएफसी मिडकैप फंड, एसबीआई इक्विटी हाइब्रिड फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मल्टी-ऐसेट फंड और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लार्जकैप फंड भी 1 लाख करोड़ रुपये के क्लब में शामिल होने के करीब हैं।

अगर इसमें पैसिव फंडों को शामिल कर लें तो 1 लाख करोड़ रुपये की सूची और अ​धिक लंबी हो जाती है। एसबीआई म्युचुअल फंड का निफ्टी 50 ईटीएफ और बीएसई का सेंसेक्स ईटीएफ दोनों 1-1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रबंधन करते हैं। एसबीआई निफ्टी 50 ईटीएफ 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का प्रबंधन करता है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने फंड हाउसों को उन श्रेणियों में एक अतिरिक्त योजना शुरू करने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा था जिनमें उनकी एयूएम ने 50,000 करोड़ रुपये को पार कर लिया है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अभी तक अमल नहीं हुआ है।  

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First Published - February 22, 2026 | 10:51 PM IST

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