India-US Trade Deal: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौता अप्रैल से लागू होने की संभावना है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और समझौते को अमली जामा पहनाने की तैयारी की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीयर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मार्च के अंतिम सप्ताह में नई दिल्ली आ सकता है। इस दौरान समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है। हालांकि दौरे की तारीख और कार्यक्रम को लेकर अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।
इसी बीच भारत की ओर से मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम रविवार को वाशिंगटन के लिए रवाना हो रही है। यह टीम 23 फरवरी से शुरू होने वाली तीन दिवसीय बैठक में समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देगी।
दोनों देशों ने 7 फरवरी को जारी संयुक्त बयान में अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा साझा की थी। शुरुआती कदम के तौर पर अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क को हटाने का फैसला किया। यह निर्णय भारत द्वारा रूसी तेल खरीद पर रोक लगाने की प्रतिबद्धता के मद्देनजर लिया गया।
मंत्री पीयूष गोयल ने संकेत दिया कि मौजूदा 25 प्रतिशत शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत करने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी हो सकती है। उनका कहना है कि जब शुल्क दर 50 प्रतिशत से घटकर प्रतिस्पर्धी देशों से भी कम हो जाएगी, तब भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में बेहतर अवसर मिलेंगे।
सरकार का दावा है कि इस अंतरिम समझौते में कृषि जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। यानी घरेलू किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों से समझौता नहीं किया गया है।
मंत्री ने कहा कि परिधान, चमड़ा और समुद्री उत्पाद जैसे श्रम आधारित उद्योग ऊंचे टैरिफ के कारण प्रभावित हो रहे थे। इन क्षेत्रों में लाखों लोगों को रोजगार मिलता है। शुल्क दर में कमी से इन उद्योगों को नई ऊर्जा मिलेगी और निर्यात में वृद्धि होगी।
समझौते को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों पर भी मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि पहले जब 50 प्रतिशत तक टैरिफ लग रहा था, तब उद्योगों को भारी नुकसान हो रहा था। ऐसे में अब कम दर पर सहमति बनना भारतीय व्यापार और रोजगार के लिए सकारात्मक कदम है।
सरकार का मानना है कि इस समझौते से रत्न एवं आभूषण, मसाले और अन्य निर्यात क्षेत्रों को भी फायदा मिलेगा। यदि सब कुछ तय समय पर होता है तो अप्रैल से यह अंतरिम व्यापार समझौता भारत और अमेरिका के आर्थिक संबंधों को नई दिशा दे सकता है।