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NSE लिस्टिंग के लिए कर रही बड़ी तैयारी, मार्च में IPO दस्तावेज जमा करने की योजना

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सूत्रों के अनुसार एक्सचेंज निवेश बैंकरों और कानूनी फर्मों के साथ विवरणिका को अंतिम रूप देने पर बातचीत कर रहा है

Last Updated- January 12, 2026 | 10:16 PM IST
NSE
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

देश के सबसे बड़े शेयर बाजार नैशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) ने मार्च के अंत तक अपनी बहुप्रतीक्षित सार्वजनिक सूचीबद्धता के लिए विवरणिका मसौदा जमा कराने की योजना बनाई है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सूत्रों के अनुसार एक्सचेंज निवेश बैंकरों और कानूनी फर्मों के साथ विवरणिका को अंतिम रूप देने पर बातचीत कर रहा है। वह भारत के अब तक के सबसे बड़े आरंभिक सार्वजनिक निर्गम प्रस्तावों में से एक के लिए निवेशकों की रुचि भी आकलन कर रहा

इस बारे में जानकारी मांगे जाने पर एनएसई ने सोमवार को कोई टिप्पणी नहीं की। शनिवार को सेबी के चेयरमैन ने कहा था कि नियामक इस महीने एनएसई की सूचीबद्धता के लिए आवश्यक मंजूरी दे सकता है।

अरसे से लंबित सूचीबद्धता

भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज और दुनिया का सबसे सक्रिय डेरिवेटिव एक्सचेंज 2016 से सूचीबद्ध होने की कोशिश कर रहा है। इसकी को-लोकेशन सुविधाओं के माध्यम से ट्रेडरों को निष्पक्ष बाजार पहुंच के संबंध में इसके आचरण की नियामकीय जांच के कारण अनुमोदन में देरी होती आई है। यह मामला अभी सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है।

पिछले साल, एनएसई ने 13.87 अरब रुपये का भुगतान करके मामले को निपटाने की पेशकश की थी और नियामक अभी भी निपटारे पर विचार कर रहा है।

सार्वजनिक निर्गम से पहले, एनएसई के गैर-सूचीबद्ध शेयर 2,000 रुपये (22.16 डॉलर) प्रति शेयर से अधिक पर कारोबार कर रहे हैं। यह जानकारी अनलिस्टेड एरेना नामक भारतीय प्लेटफॉर्म से मिली है, जो गैर-सूचीबद्ध शेयरों की खरीद-बिक्री की सुविधा प्रदान करता है। इस प्लेटफॉर्म के अनुसार एक्सचेंज की वैल्यू 5 लाख करोड़ रुपये यानी 55 अरब डॉलर है। जबकि इसकी सूचीबद्ध समकक्ष बीएसई लिमिटेड का शेयर 2,767 रुपये पर कारोबार कर रहा है।

लिस्टिंग से पहले एनएसई के 1,77,807 शेयरधारक हैं। इससे निवेशकों की संख्या के हिसाब से यह भारत की सबसे बड़ी गैर-सूचीबद्ध कंपनी बन जाती है, जिससे सार्वजनिक लिस्टिंग की प्रक्रिया और जटिल हो जाती है। एक सूत्र ने बताया कि आईपीओ दस्तावेज का मसौदा तैयार कर रहे वकील इस विशाल शेयरधारक आधार के लिए निकासी का उचित अवसर सुनिश्चित करने के लिए सिस्टम पर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि निकासी में प्राथमिकता उन बैंकों और विदेशी संस्थानों को दिए जाने की संभावना है, जिन्होंने लंबे समय से एनएसई के शेयर रखे हुए हैं।

एनएसई के अग्रणी संस्थागत शेयरधारकों में भारतीय जीवन बीमा निगम, भारतीय स्टेट बैंक, टेमासेक होल्डिंग्स, मॉर्गन स्टैनली और कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड शामिल हैं।

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First Published - January 12, 2026 | 10:16 PM IST

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