facebookmetapixel
Advertisement
भारत के क्लीन एनर्जी लक्ष्य के लिए कनाडा के साथ 2.6 अरब डॉलर का यूरेनियम समझौता क्यों है अहम?मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच तेल और गैस की सप्लाई पर सरकार की पैनी नजर, कहा: घबराने की जरूरत नहींअमेरिका-ईरान तनाव का असर: खाद्य तेल-उर्वरक आयात पर संकट, शिपिंग महंगी होने से बढ़ी चिंताUS-Iran Conflict: जंग या सैन्य ऑपरेशन? ईरान पर हमले को ट्रंप युद्ध क्यों नहीं मान रहे हैंSugar Production: चीनी उत्पादन में उछाल, फिर भी ISMA ने घटाया अनुमान; मिलों पर बढ़ा कैश फ्लो दबावWest Asia Conflict: तेल से लेकर बाहर से आने वाले पैसों तक, इस संकट का भारत पर कितना असर पड़ेगा?धोखाधड़ी रोकने को SEBI बढ़ा रहा डिजिटल चौकसी, खुदरा निवेशकों की सुरक्षा पर जोर: पांडेयIran-US War: होर्मुज पर क्या चल रहा है? तेल, सोना, रुपया, बाजार सभी में उठापटकEdelweiss फाइनैंशियल सर्विसेज का ₹350 करोड़ का NCD इश्यू लॉन्च, 10% तक रिटर्न का मौकाExplainer: खामेनेई के बाद तेहरान पर किसका शासन? ईरान में सुप्रीम लीडर व्यवस्था की पूरी कहानी

सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! इस राज्य सरकार ने दिया NPS के बजाय तय पेंशन का नया विकल्प

Advertisement

केरल सरकार ने कर्मचारियों को NPS के विकल्प के रूप में 50 प्रतिशत अंतिम वेतन तक गारंटीड पेंशन देने वाली अस्योर्ड पेंशन स्कीम चुनने का विकल्प दिया है।

Last Updated- March 02, 2026 | 2:24 PM IST
Kerala Assured Pension Plan
Representative Image

Kerala Assured Pension Plan: केरल सरकार ने राज्य के कर्मचारियों के लिए पेंशन व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की घोषणा की है। अब सरकारी कर्मचारियों को बाजार आधारित नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS के अलावा एक गारंटीड पेंशन विकल्प भी मिलेगा। सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से अस्योर्ड पेंशन स्कीम यानी APS लागू करने का फैसला किया है।

इस नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद अंतिम मूल वेतन का अधिकतम 50 प्रतिशत तक निश्चित पेंशन देने का प्रावधान किया गया है। यह कदम राज्य के कर्मचारियों को सुरक्षित और स्थिर रिटायरमेंट आय देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

क्या है Kerala Assured Pension Plan?

अस्योर्ड पेंशन स्कीम राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई नई पेंशन योजना है। यह योजना दो वर्गों के कर्मचारियों पर लागू होगी।

पहला, वे मौजूदा कर्मचारी जो अभी NPS के तहत कवर हैं। दूसरा, वे कर्मचारी जिनकी नियुक्ति 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद होगी।

इस योजना के तहत यदि कोई कर्मचारी कम से कम 30 वर्ष की पात्र सेवा पूरी करता है, तो उसे रिटायरमेंट के समय प्राप्त अंतिम मूल वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलेगा। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को तय और सुनिश्चित आय उपलब्ध कराना है।

यह मॉडल केंद्र सरकार की यूनिफाइड पेंशन स्कीम की तर्ज पर तैयार किया गया है, जिसमें पुरानी परिभाषित लाभ वाली पेंशन व्यवस्था और अंशदायी प्रणाली के कुछ तत्वों को जोड़ा गया है।

Kerala Assured Pension Plan: क्या यह योजना अनिवार्य है

सरकार ने स्पष्ट किया है कि APS को अनिवार्य नहीं बनाया गया है। यह पूरी तरह वैकल्पिक योजना होगी।

कर्मचारियों के पास दो विकल्प होंगे।

  1. वे चाहें तो NPS में बने रह सकते हैं।

  2. या फिर अस्योर्ड पेंशन स्कीम में शामिल हो सकते हैं।

जो कर्मचारी पहले से NPS में हैं, उन्हें भी तय नियमों के तहत APS में स्थानांतरित होने का अवसर दिया जाएगा।

सेवा अवधि और पेंशन की शर्तें

पूरी 50 प्रतिशत पेंशन पाने के लिए कर्मचारी को कम से कम 30 वर्ष की पात्र सेवा पूरी करनी होगी।

यह शर्त केंद्र की यूनिफाइड पेंशन स्कीम से कुछ सख्त मानी जा रही है, क्योंकि वहां 25 वर्ष की सेवा पर समान लाभ का प्रावधान है। विभिन्न राज्यों में कर्मचारी संगठन लंबे समय से सेवा अवधि की शर्त को कम करने की मांग करते रहे हैं।

महंगाई राहत का लाभ जारी रहेगा

अस्योर्ड पेंशन स्कीम की एक अहम विशेषता यह है कि रिटायरमेंट के बाद पेंशन पर महंगाई राहत यानी डीआर मिलती रहेगी।

इसका मतलब है कि पेंशन राशि समय-समय पर महंगाई के अनुसार बढ़ाई जाएगी। यह व्यवस्था पुरानी पेंशन योजना की तरह है, जहां सरकार महंगाई दर के आधार पर पेंशन में बढ़ोतरी करती है।

यह पढ़ें: नेशनल पेंशन स्कीम में हुए कई बड़े बदलाव: जानें कब और कितनी रकम मिल सकती है वापस

NPS और APS में क्या है अंतर

दोनों योजनाओं के बीच सबसे बड़ा फर्क स्थिरता और बाजार जोखिम का है।

NPS की विशेषताएं

  • कर्मचारी और सरकार दोनों अंशदान करते हैं।

  • राशि को शेयर और बॉन्ड बाजार में निवेश किया जाता है।

  • अंतिम पेंशन बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करती है।

  • कर लाभ और निवेश विकल्प की लचीलापन मिलता है।

APS की विशेषताएं

  • रिटायरमेंट के बाद तय पेंशन की गारंटी।

  • आय पहले से निर्धारित और सुरक्षित।

  • महंगाई राहत के माध्यम से पेंशन में समय-समय पर बढ़ोतरी।

सरल शब्दों में कहें तो NPS में रिटर्न अधिक भी हो सकता है और कम भी, जबकि APS में निश्चित आय का भरोसा मिलेगा।

क्यों अहम है यह फैसला

पिछले कुछ वर्षों से विभिन्न राज्यों में अंशदायी पेंशन प्रणाली को लेकर बहस तेज हुई है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बाजार आधारित पेंशन में जोखिम अधिक है और रिटायरमेंट के बाद आय की निश्चितता नहीं रहती।

केंद्र सरकार ने अप्रैल 2025 से अपने कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम लागू की थी। हालांकि राज्यों को अपनी पेंशन नीति तय करने की स्वतंत्रता है। ऐसे में केरल की यह पहल देश की पेंशन व्यवस्था में एक और नया मॉडल जोड़ती है।

Advertisement
First Published - March 2, 2026 | 2:16 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement