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नेशनल पेंशन सिस्टम में हुए कई बड़े बदलाव: जानें कब और कितनी रकम मिल सकती है वापस

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National Pension System के ऑल सिटीजन मॉडल में अब रिटायरमेंट पैसा निकालने के साफ नियम हैं कि कितना लंपसम मिलेगा, कितना एन्युटी में जाएगा और कब पूरी रकम निकाल सकते हैं

Last Updated- March 10, 2026 | 4:32 PM IST
NPS
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में ऑल सिटीजन मॉडल के तहत लोगों को रिटायरमेंट के पैसे निकालने के नियम काफी आसान और लचीले हो गए हैं। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने इन नियमों को नोटिफाई किया है, ताकि सब्सक्राइबर अपनी जरूरत के हिसाब से पैसा निकाल सकें, लेकिन रिटायरमेंट के बाद भी कुछ नियमित इनकम बनी रहे।

मैच्योरिटी पर निकासी के नियम

NPS में सब्सक्राइबर 15 साल की सब्सक्रिप्शन पूरी करने या 60 साल की उम्र होने पर नॉर्मल एग्जिट ले सकते हैं, जो भी पहले हो। इस वक्त अक्यूमुलेटेड पेंशन वेल्थ (APW) यानी कुल जमा रकम में से कम से कम 20 फीसदी से एन्युटी खरीदनी पड़ती है, जो हर महीने पेंशन देती है। बाकी 80 फीसदी तक की रकम को एकमुश्त निकाला जा सकता है।

अगर कोई चाहे तो निकासी टाल सकता है और अकाउंट को 85 साल की उम्र तक चला सकता है।

Also Read: NPS के साथ अब मिलेगा हेल्थ कवर भी! स्वास्थ्य खर्चों के लिए बनेगा अलग ‘मेडिकल पेंशन’ फंड

कॉर्पस के हिसाब से अलग-अलग नियम

कुल जमा रकम के आधार पर निकासी के तरीके अलग हैं:

  • अगर APW 8 लाख रुपये तक है, तो पूरी रकम एकमुश्त निकाल सकते हैं।
  • अगर रकम 8 लाख से ज्यादा लेकिन 12 लाख तक है, तो 6 लाख तक एकमुश्त ले सकते हैं। बाकी रकम को एन्युटी में डाल सकते हैं या सिस्टेमैटिक यूनिट रिडेम्पशन (SUR) के जरिए कम से कम 6 साल में धीरे-धीरे निकाल सकते हैं।
  • 12 लाख से ज्यादा रकम होने पर 80 फीसदी तक एकमुश्त और कम से कम 20 फीसदी एन्युटी के नियम लागू होते हैं।

साथ ही, सिस्टेमैटिक लंपसम विदड्रॉल (SLW) का ऑप्शन भी है, जिसमें एकमुश्त निकालने की बजाय पैसा स्टेगर्ड तरीके से लिया जा सकता है।

समय से पहले निकासी

अगर कोई 60 साल से पहले निकासी करना चाहे, तो नियम सख्त हैं। ऐसे में कम से कम 80 फीसदी रकम एन्युटी में लगानी पड़ती है और सिर्फ 20 फीसदी तक एकमुश्त निकाल सकते हैं। लेकिन अगर कुल कॉर्पस 5 लाख रुपये तक है, तो 100 फीसदी एकमुश्त निकालने की छूट है। ऑल सिटीजन मॉडल में समय से पहले निकासी के लिए कोई न्यूनतम लॉक-इन पीरियड नहीं है।

मौत होने पर निकासी

अगर सब्सक्राइबर की मौत हो जाती है, तो पूरी जमा रकम नॉमिनी या कानूनी वारिस को मिल जाती है। नॉमिनी चाहे तो एकमुश्त ले सकता है, एन्युटी खरीद सकता है या सिस्टेमैटिक विदड्रॉल के ऑप्शन चुन सकता है।

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First Published - February 20, 2026 | 6:27 PM IST

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