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नोवार्टिस एजी का भारत से एग्जिट: नोवार्टिस इंडिया में 70.68% हिस्सेदारी बिक्री का सौदा

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वित्त वर्ष 2025 में नोवार्टिस इंडिया की आय 356.27 करोड़ रुपये और मुनाफा 100.9 करोड़ रुपये रहा था। दिलचस्प है कि नोवार्टिस का भारत में कोई विनिर्माण इकाई नहीं है

Last Updated- February 20, 2026 | 11:10 PM IST
Novartis

नोवार्टिस एजी भारत में अपनी सूचीबद्ध इकाई नोवार्टिस इंडिया लिमिटेड से बाहर निकल रही है। भारत में दशकों से मौजूद स्विट्जरलैंड की दवा कंपनी नोवार्टिस अब उच्च-मार्जिन, नवाचार-आधारित दवाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है। व्यापक वैश्विक पुनर्गठन के तहत नोवार्टिस अपनी सूचीबद्ध भारतीय फर्म में अपनी समूची 70.68 फीसदी हिस्सेदारी करीब 15.9 करोड़ डॉलर (1,446 करोड़ रुपये) में निजी इ​क्विटी फर्म की अगुआई वाले एक कंसोर्टियम को बेचेगी।

सौदे के तहत अ​धिग्रहण करने वाली इकाई भारत के नियमों के तहत नोवार्टिस इंडिया के आम शेयरधारकों से 26 फीसदी तक की हिस्सेदारी खरीदने के लिए 860.84 रुपये प्रति शेयर के भाव पर अनिवार्य खुली पेशकश लाएगी। इस तरह खुली पेशकश का मूल्य करीब 552 करोड़ रुपये होगा। यदि खुली पेशकश सफल रहती है तो सौदे का कुल आकार करीब 1,998 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर नोवार्टिस इंडिया का शेयर 20 फीसदी बढ़त के साथ 996.5 रुपये पर बंद हुआ।

नोवार्टिस एजी ने भारतीय कंपनी में अपनी 70.68 फीसदी हिस्सेदारी वेवराइज इन्वेस्टमेंट्स, क्रिसकैपिटल फंड एक्स और टू इनफिनिटी पार्टनर्स के कंसोर्टियम को बेचने के लिए सहमति जताई है। लगभग दो साल पहले फरवरी 2024 में नोवार्टिस ने वैश्विक रणनीतिक पहल के तहत अपने जेनेरिक और बायोसिमिलर कारोबार सैंडोज को अलग करने के लगभग तुरंत बाद भारत में अपनी सूचीबद्ध इकाई की समीक्षा की घोषणा की थी।

नोवार्टिस भारत में नोवार्टिस इंडिया और नोवार्टिस हेल्थकेयर के जरिये कारोबार करती है। नोवार्टिस इंडिया दवाएं (जेनेरिक और ओटीसी) बेचती है और ट्रांसप्लांट इम्यूनोलॉजी सेगमेंट पर ध्यान केंद्रित करती है। नोवार्टिस हेल्थकेयर भारत में नोवार्टिस की वा​णि​ज्यिक इकाई है जिसमें हैदराबाद का कॉरपोरेट सेंटर और आरऐंडडी टीमें शामिल हैं। कंपनी देश में 300 से अधिक ट्रायल साइटों पर क्लीनिकल परीक्षण करती है।

सूत्रों ने बताया कि नोवार्टिस के कंट्री प्रेसिडेंट और प्रबंध निदेशक अमिताभ दुबे भारत में नोवार्टिस का नेतृत्व करना जारी रखेंगे।

नोवार्टिस ने बयान में कहा, ‘हमारी वैश्विक रणनीति के अनुरूप हम अपने अभिनव कार्डियो रीनल मेटाबॉलिक और ऑन्कोलॉजी पोर्टफोलियो का विस्तार कर रहे हैं जिसे हाल में बाजार में उतारा गया है।

नोवार्टिस इंडिया स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध कंपनी है और नोवार्टिस हेल्थ से अलग है। ऐसे में इस सौदे से नोवार्टिस हेल्थ के संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कंपनी ने कहा कि भारत में उसके 9,000 से अधिक एसोसिएट हैं।

क्रिस कैपिटल ने भारत में इंटास फार्मा, एरिस लाइफसाइंसेज, कोरोना रेमेडीज और ला रेनोन में निवेश किया हुआ है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि क्रिस कैपिटल भारत में नोवार्टिस इंडिया के पोर्टफोलियो को आगे कैसे बढ़ाना चाहती है। इस बारे में जानकारी के लिए क्रिस कैपिटल से फिलहाल संपर्क नहीं हो पाया।

वित्त वर्ष 2025 में नोवार्टिस इंडिया की आय 356.27 करोड़ रुपये और मुनाफा 100.9 करोड़ रुपये रहा था। दिलचस्प है कि नोवार्टिस का भारत में कोई विनिर्माण इकाई नहीं है। सैंडोज के पास महाराष्ट्र में एक संयंत्र था जिसे वैश्विक रणनीतिक कदम के हिस्से के रूप में अक्टूबर 2023 में अलग कर दिया गया था।

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First Published - February 20, 2026 | 10:46 PM IST

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