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AI का प्रभावी प्रसार करे भारत, अन्य देशों और अर्थव्यवस्थाओं से प्रतिस्पर्धा के लिए जरूरी: नताशा क्रैम्पटन

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क्रैम्पटन ने कहा कि कई लेवल पर एआई के प्रसार के लिए सभी क्षेत्रों में कई हितधारकों के सहयोग की आवश्यकता होगी, जिसमें सरकार और निजी क्षेत्र दोनों की भागीदारी शामिल होगी

Last Updated- February 20, 2026 | 10:40 PM IST
Natasha Crampton
माइक्रोसॉफ्ट में उपाध्यक्ष और चीफ रिस्पॉन्सिबल एआई ऑफिसर नताशा क्रैम्पटन

माइक्रोसॉफ्ट में उपाध्यक्ष और चीफ रिस्पॉन्सिबल एआई ऑफिसर नताशा क्रैम्पटन ने कहा कि अन्य देशों और अर्थव्यवस्थाओं के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए भारत को देश भर में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रभावी प्रसार को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने यहां शहर में चल रहे एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘हमने अतीत की सामान्य उद्देश्य वाली प्रौद्योगिकियों का अध्ययन करके जो सीखा है कि टेक्नॉलजी का आविष्कार करने वाले वास्तव में उस टेक्नॉलजी का सबसे अच्छा और बेहतरीन उपयोग नहीं कर पाते हैं।’

कंपनी ने घोषणा की है कि वह ग्लोबल साउथ में एआई को बड़े पैमाने पर अपनाने के लिए 50 अरब डॉलर तक का निवेश करेगी। क्रैम्पटन ने कहा कि यह एक जरूरी प्राथमिकता है, क्योंकि एआई के इस्तेमाल को लेकर ग्लोबल नॉर्थ और ग्लोबल साउथ के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘हम सामान्य उद्देश्य वाली टेक्नॉलजी पर पिछले अनुभव से जानते हैं कि यह ऐसा अंतर नहीं है जिसे हम और बढ़ाना चाहते हैं। इसलिए हमें इसे तुरंत खत्म करने के लिए कदम उठाने की जरूरत है।’

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क्रैम्पटन ने कहा कि 50 अरब डॉलर के निवेश का पहला हिस्सा अमेरिका जैसे ग्लोबल साउथ देशों में इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने पर केंद्रित होगा, जबकि दूसरा हिस्सा स्किलिंग और टेक्नॉलजी निवेश  पर फोकस करेगा, खासकर शिक्षकों और गैर-लाभकारी संगठनों के लिए।  इस निवेश में शामिल तीसरा जरूरी पहलू एआई का मल्टीलिंगुअल, मल्टीकल्चरल पहलू होगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि टेक्नॉलजी लोगों की इस्तेमाल की जाने वाली भाषाओं में काम करे, जबकि चौथा पहलू स्थानीय और समुदाय-केंद्रित नवाचार को बढ़ावा देगा। 

क्रैम्पटन ने कहा कि अगर एआई लोगों की भाषा नहीं बोल सकता और उस संदर्भ में उनकी समस्याओं को हल करने में मदद नहीं कर सकता, तो यह उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में मददगार नहीं हो सकता।

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उन्होंने कहा, ‘इस प्रोग्राम का पांचवां हिस्सा एआई डिफ्यूजन के बारे में हम जो देख सकते हैं, उसके बारे में डेटा देना है ताकि हम पॉलिसी बनाने वालों को भविष्य के लिए प्लान बनाने और सच में उनके दखल को टारगेट करने में मदद कर सकें।’ क्रैम्पटन ने कहा कि कई लेवल पर एआई के प्रसार के लिए सभी क्षेत्रों में कई हितधारकों के सहयोग की आवश्यकता होगी, जिसमें सरकार और निजी क्षेत्र दोनों की भागीदारी शामिल होगी।

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First Published - February 20, 2026 | 10:33 PM IST

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