Artificial intelligence- Real Estate: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल उभरती तकनीक नहीं रह गई है, बल्कि यह विभिन्न उद्योगों में मजबूती से स्थापित हो चुकी है। अर्थव्यवस्थाओं को पुनर्परिभाषित कर रही है और व्यवसायों के संचालन के तरीके को बदल रही है। रियल एस्टेट रिसर्च फर्म कॉलियर्स का कहना है कि लगभग 10 अरब अमेरिकी डॉलर आंका गया भारतीय एआई बाजार अभी प्रारंभिक अवस्था में है, लेकिन इसमें रियल एस्टेट सहित कई आर्थिक क्षेत्रों को रूपांतरित करने की अपार क्षमता है। एआई डिजाइन और प्लानिंग से लेकर बिक्री और फेसेलिटी मैनेजमेंट सेवाओं तक, संपत्ति जीवनचक्र के हर चरण में भारतीय रियल एस्टेट के भविष्य को नई दिशा देने जा रहा है। प्रॉपटेक और एआई आने वाले दशकों में भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र को पारदर्शिता, दक्षता और भविष्य के लिए तैयार ढांचे की ओर अग्रसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कॉलियर्स के मुताबिक डिजाइन चरण में अब हाइपर-रियलिस्टिक एआई-आधारित सिमुलेशन, जेनरेटिव 3डी मॉडल और प्रेडिक्टिव कॉस्ट इंजन का उपयोग बढ़ेगा, जिससे त्रुटियां कम होंगी और परियोजनाओं में आने वाली बाधाओं को पहले ही पहचाना जा सकेगा। प्लानिंग चरण में एआई प्रोजेक्ट शेड्यूलिंग, संसाधन आवंटन और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के माध्यम से दक्षता बढ़ाएगा और देरी को रोकने में मदद करेगा।
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कॉलियर्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत में निर्माण स्थल आपस में जुड़े स्मार्ट इकोसिस्टम की तरह कार्य करेंगे, जहां एआई-निर्देशित ड्रोन, विजन-आधारित सुरक्षा प्रणाली और प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स लगातार प्रगति की निगरानी करेंगे, जोखिमों का पूर्वानुमान लगाएंगे और कार्यप्रवाह को स्वयं अनुकूलित करेंगे। इससे समय और लागत दोनों की बचत संभव होगी।
कॉलियर्स के अनुसार बिक्री क्षेत्र में कस्टमाइज्ड प्रॉपर्टी खोज, क्यूरेटेड मार्केट इनसाइट्स, स्वचालित मूल्यांकन, इमर्सिव वर्चुअल टूर और प्रेडिक्टिव निवेश मॉडलिंग रियल एस्टेट लेन-देन को पूरी तरह बदल देंगे। प्रॉपर्टी मैनेजमेंट में सेंसर नेटवर्क, अनुकूली प्रकाश व्यवस्था, इंटेलिजेंट एक्सेस सिस्टम और एआई-आधारित सहायक प्रणालियों से युक्त स्मार्ट वातावरण का उपयोग बढ़ेगा, जो उपयोग पैटर्न के आधार पर स्वतः प्रतिक्रिया देंगे।
कॉलियर्स के भारत में प्रबंध निदेशक (ऑफिस सर्विसेज) अर्पित महरोत्रा ने कहा कि आज ग्राहक एआई पर भरोसा कर सकते हैं, जो नियामकीय अनुपालन सुनिश्चित करके उनके व्यावसायिक हितों और प्रतिष्ठा की रक्षा करता है तथा कानूनी विवादों या दंड के जोखिम को कम करता है। ग्राहक अपनी लीज (पट्टा) पोर्टफोलियो का प्रबंधन अधिक विस्तार और लचीलेपन के साथ कर सकते हैं, जिससे वे बदलती बाजार परिस्थितियों और व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुसार बेहतर ढंग से खुद को ढाल सकें। लीज संबंधी डेटा और विश्लेषण तक रियल-टाइम पहुंच ग्राहकों को अपनी लीज पोर्टफोलियो को बेहतर बनाने, लागत बचत के अवसर पहचानने तथा लीज वार्ता, नवीनीकरण और एग्जिट जैसे निर्णय सोच-समझकर लेने में सक्षम बनाती है।
जेनरेटिव एआई काम करने की रफ्तार और दक्षता बढ़ाकर दुनिया की अर्थव्यवस्था में हर साल बहुत बड़ा फायदा जोड़ सकता है। अनुमान है कि इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को हर साल लगभग 2.6 ट्रिलियन से 4.4 ट्रिलियन डॉलर तक का अतिरिक्त लाभ हो सकता है।
एशिया-प्रशांत क्षेत्र में जेनरेटिव एआई बाजार का आकार 2023 में लगभग 4.25 अरब अमेरिकी डॉलर आंका गया था और 2024 से 2030 के बीच इसके 37.5% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ने की उम्मीद है। Salesforce के एआई रेडीनेस इंडेक्स 2023 के अनुसार, सिंगापुर एशिया-प्रशांत देशों में एआई तैयारियों के मामले में शीर्ष स्थान पर है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, न्यूजीलैंड और थाईलैंड ने 2021 के बाद अपनी समग्र एआई तैयारियों के स्कोर में सुधार किया है। जेनरेटिव एआई एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बड़े आर्थिक अवसर पैदा कर रहा है।
उदाहरण के तौर पर ऑस्ट्रेलिया में अनुमान है कि 2030 तक जेनरेटिव एआई हर वर्ष अधिकतम 115 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 76 अरब अमेरिकी डॉलर) का आर्थिक योगदान दे सकता है। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि तकनीक को कितनी व्यापकता से अपनाया जाता है और कार्यबल अन्य कार्यों की ओर कैसे स्थानांतरित होता है। जापान में आकलन है कि जेनरेटिव एआई लगभग 148.7 ट्रिलियन जापानी येन (करीब 1.1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर) की उत्पादक क्षमता को अनलॉक कर सकता है। वहीं, सिंगापुर को क्षेत्र में एआई क्रांति के अग्रणी देशों में शामिल माना जा रहा है। अनुमान है कि 2030 तक एआई अपनाने से सिंगापुर को लगभग 198.3 अरब सिंगापुर डॉलर (करीब 147.6 अरब अमेरिकी डॉलर) का आर्थिक लाभ मिल सकता है।