facebookmetapixel
Advertisement
‘अर्थव्यवस्था मजबूत, महंगाई काबू में, इसलिए नहीं घटाई दरें’, RBI गवर्नर ने रीपो रेट को स्थिर रखने को बताया सही₹22,000 महीने के निवेश से बनेगा ₹15 लाख का फंड? सरकार ने वायरल दावे की बताई हकीकतAbakkus MF ने बताया कब खुलेगा स्मॉल कैप फंड; पैसा लगाने से पहले चेक कर लें सभी डिटेलचेक बाउंस को हल्के में लेने की भूल न करें: भारी जुर्माने के साथ हो सकती है जेल, जानें क्या है कानूननेशनल पेंशन स्कीम में हुए कई बड़े बदलाव: जानें कब और कितनी रकम मिल सकती है वापसGaudium IVF IPO: निवेश से पहले जानें GMP, प्राइस बैंड और सब्सक्राइब करने पर एक्सपर्ट्स की रायMSMEs निर्यात को नई उड़ान: एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन के तहत 7 नई पहलें लॉन्चडिजाइन से डील तक बढ़ेगा AI का दखल, रियल एस्टेट बनेगा ‘स्मार्ट इकोसिस्टम’Motilal Oswal MF ने लॉन्च किया मल्टी फैक्टर पैसिव FoF, ₹500 से निवेश शुरू; चेक करें डिटेलविजय शेखर शर्मा का दावा: स्मार्टफोन व युवा शक्ति के दम पर ‘AI और LLM कैपिटल’ बनेगा भारत

विजय शेखर शर्मा का दावा: स्मार्टफोन व युवा शक्ति के दम पर ‘AI और LLM कैपिटल’ बनेगा भारत

Advertisement

विजय शेखर शर्मा ने कहा कि भारत की युवा ताकत और स्मार्टफोन की पहुंच AI को तेजी से आगे बढ़ाएगी, जिससे देश न सिर्फ बड़ा यूजर बल्कि टेक्नोलॉजी का लीडर भी बनेगा

Last Updated- February 20, 2026 | 5:51 PM IST
Vijay Shekhar Sharma
Paytm के CEO विजय शेखर शर्मा | फोटो: PTI

Paytm के CEO विजय शेखर शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि भारत की युवा आबादी और हर जगह स्मार्टफोन पहुंचने से देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से विकास होगा। यह बात उन्होंने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में कही। शर्मा का कहना था कि हमारे युवाओं की ताकत AI को और फैलाने में बहुत मदद करेगी। उन्होंने कहा, “हमारी युवा पीढ़ी की क्षमता AI के प्रसार में बड़ा योगदान देगी।”

शर्मा ने भरोसा जताया कि भारत सिर्फ AI का बड़ा इस्तेमाल करने वाला देश नहीं बनेगा, बल्कि बड़ा सिस्टम बनाने वाला भी बनेगा। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का यूज केस कैपिटल तो होगा ही, साथ ही बड़े लैंग्वेज मॉडल्स (LLM) का कैपिटल भी बनेगा। उनका मानना है कि भारत अलग-अलग सेगमेंट और असल जिंदगी की जरूरतों के हिसाब से कई बड़े लैंग्वेज मॉडल बनाएगा।

व्यक्तिगत इस्तेमाल से बिजनेस तक का सफर

शर्मा ने बताया कि AI अब सिर्फ व्यक्तिगत चीजों तक सीमित नहीं रहा। लोग जितना ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, उतना ही यह लत लग जाती है। उन्होंने कहा, “जितना ज्यादा यूज करोगे, उतना एडिक्टिव हो जाता है।”

Also Read: अमेरिका की अगुवाई वाले Pax Silica गठबंधन में शामिल हुआ भारत, AI और क्रिटिकल मिनिरल्स सप्लाई चेन को मजबूती

स्मार्टफोन की वजह से आज हर कोई AI की ताकत इस्तेमाल कर सकता है। पहले यह चैट करने या फोटो एडिट करने तक था, लेकिन अब यह इंडस्ट्री और बिजनेस में भी फैल रहा है। शर्मा के मुताबिक, 2025 तक AI ज्यादातर लोगों के व्यक्तिगत अनुभव का हिस्सा था। लेकिन 2026 से अब बिजनेस के लिए मजबूत क्षमताएं लाने की शुरुआत हो गई है।

क्रेडिट पहुंच और फाइनेंशियल इनक्लूजन में AI की भूमिका

शर्मा ने फाइनेंशियल सिस्टम को मजबूत बनाने और क्रेडिट पहुंच बढ़ाने में AI की अहमियत पर जोर दिया। उनका कहना था, “मैं मानता हूं कि क्रेडिट तक पहुंच से ही संपत्ति बनती है।”

क्रेडिट देने के फैसले में बहुत सारी जानकारी और रिस्क का आकलन लगता है, और AI इसमें बहुत बेहतर मदद कर सकता है। कई नियम-कानून क्रेडिट को ज्यादा लोगों तक पहुंचा रहे हैं, लेकिन AI से उन मुश्किल मामलों को भी संभाला जा सकता है, जिससे फाइनेंशियल इनक्लूजन और बढ़ेगी।

उन्होंने याद दिलाया कि पहले स्मार्टफोन ने लोगों को फाइनेंशियल सिस्टम से जोड़ा था, अब AI संस्थानों को उन ग्राहकों की बेहतर सेवा देने में मदद करेगा।

शर्मा ने सलाह दी कि भारत को सिर्फ बेसिक या फाउंडेशनल मॉडल पर फोकस नहीं करना चाहिए। असल लड़ाई सेक्टर या किसी खास सेगमेंट के लिए काम करने वाले AI एप्लिकेशन्स की है, जो किसी समस्या को हल करें।

उन्होंने कहा कि AI अपनाने से अवसर भी आएंगे और चुनौतियां भी, लेकिन यह बदलाव टल नहीं सकता। कुछ लोग इसे नई ताकत मानकर आगे बढ़ेंगे, तो कुछ को लगेगा कि मशीनें उनकी जगह ले रही हैं। लेकिन दुनिया में बदलाव हमेशा होता रहा है।

Advertisement
First Published - February 20, 2026 | 5:36 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement