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विजय शेखर शर्मा का दावा: स्मार्टफोन व युवा शक्ति के दम पर ‘AI और LLM कैपिटल’ बनेगा भारत

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विजय शेखर शर्मा ने कहा कि भारत की युवा ताकत और स्मार्टफोन की पहुंच AI को तेजी से आगे बढ़ाएगी, जिससे देश न सिर्फ बड़ा यूजर बल्कि टेक्नोलॉजी का लीडर भी बनेगा

Last Updated- February 20, 2026 | 5:51 PM IST
Vijay Shekhar Sharma
Paytm के CEO विजय शेखर शर्मा | फोटो: PTI

Paytm के CEO विजय शेखर शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि भारत की युवा आबादी और हर जगह स्मार्टफोन पहुंचने से देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से विकास होगा। यह बात उन्होंने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में कही। शर्मा का कहना था कि हमारे युवाओं की ताकत AI को और फैलाने में बहुत मदद करेगी। उन्होंने कहा, “हमारी युवा पीढ़ी की क्षमता AI के प्रसार में बड़ा योगदान देगी।”

शर्मा ने भरोसा जताया कि भारत सिर्फ AI का बड़ा इस्तेमाल करने वाला देश नहीं बनेगा, बल्कि बड़ा सिस्टम बनाने वाला भी बनेगा। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का यूज केस कैपिटल तो होगा ही, साथ ही बड़े लैंग्वेज मॉडल्स (LLM) का कैपिटल भी बनेगा। उनका मानना है कि भारत अलग-अलग सेगमेंट और असल जिंदगी की जरूरतों के हिसाब से कई बड़े लैंग्वेज मॉडल बनाएगा।

व्यक्तिगत इस्तेमाल से बिजनेस तक का सफर

शर्मा ने बताया कि AI अब सिर्फ व्यक्तिगत चीजों तक सीमित नहीं रहा। लोग जितना ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, उतना ही यह लत लग जाती है। उन्होंने कहा, “जितना ज्यादा यूज करोगे, उतना एडिक्टिव हो जाता है।”

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स्मार्टफोन की वजह से आज हर कोई AI की ताकत इस्तेमाल कर सकता है। पहले यह चैट करने या फोटो एडिट करने तक था, लेकिन अब यह इंडस्ट्री और बिजनेस में भी फैल रहा है। शर्मा के मुताबिक, 2025 तक AI ज्यादातर लोगों के व्यक्तिगत अनुभव का हिस्सा था। लेकिन 2026 से अब बिजनेस के लिए मजबूत क्षमताएं लाने की शुरुआत हो गई है।

क्रेडिट पहुंच और फाइनेंशियल इनक्लूजन में AI की भूमिका

शर्मा ने फाइनेंशियल सिस्टम को मजबूत बनाने और क्रेडिट पहुंच बढ़ाने में AI की अहमियत पर जोर दिया। उनका कहना था, “मैं मानता हूं कि क्रेडिट तक पहुंच से ही संपत्ति बनती है।”

क्रेडिट देने के फैसले में बहुत सारी जानकारी और रिस्क का आकलन लगता है, और AI इसमें बहुत बेहतर मदद कर सकता है। कई नियम-कानून क्रेडिट को ज्यादा लोगों तक पहुंचा रहे हैं, लेकिन AI से उन मुश्किल मामलों को भी संभाला जा सकता है, जिससे फाइनेंशियल इनक्लूजन और बढ़ेगी।

उन्होंने याद दिलाया कि पहले स्मार्टफोन ने लोगों को फाइनेंशियल सिस्टम से जोड़ा था, अब AI संस्थानों को उन ग्राहकों की बेहतर सेवा देने में मदद करेगा।

शर्मा ने सलाह दी कि भारत को सिर्फ बेसिक या फाउंडेशनल मॉडल पर फोकस नहीं करना चाहिए। असल लड़ाई सेक्टर या किसी खास सेगमेंट के लिए काम करने वाले AI एप्लिकेशन्स की है, जो किसी समस्या को हल करें।

उन्होंने कहा कि AI अपनाने से अवसर भी आएंगे और चुनौतियां भी, लेकिन यह बदलाव टल नहीं सकता। कुछ लोग इसे नई ताकत मानकर आगे बढ़ेंगे, तो कुछ को लगेगा कि मशीनें उनकी जगह ले रही हैं। लेकिन दुनिया में बदलाव हमेशा होता रहा है।

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First Published - February 20, 2026 | 5:36 PM IST

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