Luxury Housing Markets in India: अब लोग बड़े और बेहतर फ्लैट की तलाश कर रहे हैं। जिससे रियल एस्टेट के लिए देश के प्रमुख शहरों में फ्लैट के आकार में इजाफा हुआ है। बड़े 3-4 बीएचके और स्टडी रूम वाले फ्लैट अब शीर्ष 7 शहरों में मुख्यधारा बन गए हैं। बड़े आकार के फ्लैट में एनसीआर के रियल्टी मार्केट का दबदबा है क्योंकि इस बाजार में आकार बढ़ने की दर सबसे ज्यादा है। हालांकि हैदराबाद औसत फ्लैट आकार के मामले में सबसे आगे है। कोविड के बाद खरीदारों का जोर लग्जरी फ्लैट खरीदने पर खूब देखने को मिल रहा है।
रियल एस्टेट सलाहकार फर्म एनारॉक समूह के अनुसार शीर्ष 7 शहरों में औसत फ्लैट आकार पिछले दो वर्षों में 17 फीसदी बढ़ गया है। 2023 में फ्लैट का औसत आकार 1,420 वर्ग फुट था, जो 2025 में बढ़कर 1,676 वर्ग फुट हो गया। एनारॉक समूह के अध्यक्ष अनुज पुरी कहते हैं कि पिछले एक साल में 8 फीसदी की वृद्धि देखी गई। बड़े 3-4 बीएचके और स्टडी रूम वाले फ्लैट अब शीर्ष 7 शहरों में मुख्यधारा बन गए हैं और इन फ्लैट के खरीदारों पर अधिक दाम का कोई असर नहीं हो रहा है।
पुरी का कहना है कि लग्जरी रियल एस्टेट अब केवल आवास या निवेश का साधन नहीं रहा, बल्कि यह एक उच्च जीवनशैली और सामाजिक स्थिति का प्रतीक बन चुका है। यहां तक कि ‘साधारण फ्लैट’ के खरीदार भी अब बड़े स्थान, बेहतर लेआउट और उन्नत जीवन मानकों की उम्मीद के साथ बाजार में आ रहे हैं। इसमें कोई संदेह नहीं कि कोविड-19 महामारी ने पूरे बाजार पर एक स्थायी मानसिक प्रभाव छोड़ा है।
प्री और पोस्ट-कोविड डेटा ट्रेंड्स की तुलना करने पर यह स्पष्ट होता है कि शीर्ष 7 शहरों में औसत फ्लैट के आकार में 45 फीसदी की वृद्धि हुई है। औसत फ्लैट आकार 2019 में 1,140 वर्ग फुट से बढ़कर 2025 में 1,656 वर्ग फुट हो गया है। एनसीआर में औसत फ्लैट आकार 2025 में 2019 की तुलना में लगभग दोगुना हो गया है। इस मार्केट में लग्जरी फ्लैट की तो बाढ़ आ गई है। 2023 में एनसीआर में 36,735 यूनिट्स लॉन्च हुई थीं, 2025 में यह संख्या 61,775 तक पहुंच गई, और इन सभी में 80 फीसदी हिस्सेदारी लग्जरी फ्लैटों की थी। हैदराबाद में भी इस छह साल की अवधि में औसत आकार में 53 फीसदी की वृद्धि देखी गई है।