माइक्रोसॉफ्ट के वाइस-चेयरमैन और प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ ने बुधवार को कहा कि ग्लोबल नॉर्थ और ग्लोबल साउथ के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती खाई को तुरंत पाटने की जरूरत है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में ‘Trusted AI for everyone’ सत्र को संबोधित करते हुए स्मिथ ने कहा कि 2025 के अंत तक ग्लोबल नॉर्थ की कामकाजी उम्र की आबादी का 25 फीसादी एआई का उपयोग कर रहा था, जबकि ग्लोबल साउथ में यह केवल 14 फीसदी था। यह नई खाई है और यह कम नहीं बल्कि बढ़ रही है।
स्मिथ ने कहा कि 2025 की दूसरी छमाही में नॉर्थ में एआई उपयोग की वृद्धि दर 1.8 फीसदी थी, जबकि साउथ में यह केवल 1.0 फीसदी रही। हमें इस पर तुरंत काम करना होगा।
स्मिथ ने नॉर्थ और साउथ के बीच बड़े आर्थिक अंतर की ओर भी ध्यान दिलाया और कहा कि तकनीक इसकी एक बड़ी वजह रही है। उन्होंने कहा कि आर्थिक खाई असमान तकनीकी पहुंच खासकर बिजली की उपलब्धता को लेकर के कारण बनी। एक सदी से ज्यादा समय तक तकनीक ने ग्लोबल नॉर्थ में औद्योगिकीकरण और समृद्धि को आगे बढ़ाया, जबकि ग्लोबल साउथ में यह काफी बाद में पहुंची।
स्मिथ ने कहा कि दुनिया दोबारा वही गलती नहीं कर सकती। अगर हम बेहतर कर सकें, तो यह ग्लोबल साउथ के लिए आगे बढ़ने का सबसे बड़ा मौका हो सकता है।
बेहतर भविष्य बनाने के सवाल पर स्मिथ ने कहा कि सबसे पहले ग्लोबल साउथ को वह बुनियादी ढांचा देना होगा जिसकी उसे जरूरत है। इसमें डाटा सेंटर, कनेक्टिविटी और बिजली- ये तीनों एक साथ शामिल हैं। उन्होंने कहा, “हमें पब्लिक कैपिटल का उपयोग करना होगा और ऐसी मांग पैदा करनी होगी जिससे ज्यादा निवेश आए और जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार हो सके।
स्मिथ ने कहा कि एआई कौशल को ग्लोबल साउथ तक पहुंचाना बेहद जरूरी है। इतिहास बताता है कि जो भी बड़ी तकनीक अर्थव्यवस्था को बदलती है, वह तभी सफल होती है जब उसके कौशल पूरे समाज में फैलते हैं।