Stocks To Buy: सड़क परियोजनाओं के नए ठेके मिलने की रफ्तार अभी भी कमजोर बनी हुई है। वित्त वर्ष 2026 हाल के वर्षों में नए ठेके मिलने के लिहाज से सबसे धीमे वर्षों में से एक हो सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जैसी एजेंसियां भी वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने ठेका देने के लक्ष्य पूरे नहीं कर पाएं। यह इसलिए क्योंकि मंजूरी की प्रक्रिया धीमी है और निजी कंपनियां अब ज्यादा सावधानी बरत रही हैं।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने टेंडर के नियम सख्त कर दिए हैं। इसमें ज्यादा परफॉर्मेंस सिक्योरिटी जमा कराने जैसी शर्तें शामिल हैं, ताकि कंपनियां बहुत कम कीमत लगाकर टेंडर जीतने की कोशिश न करें। अब नए मौके धीरे-धीरे उन मॉडल की तरफ जा रहे हैं, जहां परियोजना का जिम्मा डेवलपर खुद उठाता है। इससे उन कंपनियों को फायदा मिलेगा जिनकी बैलेंस शीट मजबूत है।
ब्रोकरेज फर्म एक्सिस डायरेक्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां अब सिर्फ सड़कों पर निर्भर नहीं रहना चाहतीं। इसलिए वे रेलवे, मेट्रो, सोलर, बिजली ट्रांसमिशन, पानी और टनल जैसे दूसरे क्षेत्रों में तेजी से काम बढ़ा रही हैं।
इस स्थिति के बीच ब्रोकरेज फर्म एक्सिस डायरेक्ट ने रोड और इंफ्रा सेक्टर की कंपनियों के शेयर पर लॉन्ग टर्म लिहाज से मजबूत आउटलुक दिया है। इनमें Kalpataru Projects International Ltd, RITES Ltd और Ahluwalia Contracts India Ltd शामिल हैं।
ब्रोकरेज ने कल्पतरु प्रोजेक्ट्स पर BUY रेटिंग के साथ 1,450 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। शेयर पिछले बंद भाव यानी 1120 रुपये से करीब 30 प्रतिशत का रिटर्न दे सकते हैं।
ब्रोकरेज का कहना है कि 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी के पास कुल 63,287 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा बिजली ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन (41%) का है। इसके बाद बिल्डिंग और फैक्ट्री (29%), पानी से जुड़े प्रोजेक्ट (13%), ऑयल और गैस (8%), रेलवे (4%) और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर (5%) का हिस्सा है।
कंपनी का काम पूरा करने का रिकॉर्ड मजबूत रहा है और सभी क्षेत्रों में नए मौके भी बढ़ रहे हैं। इसी वजह से कंपनी की कमाई में लगातार बढ़ोतरी की उम्मीद है। कंपनी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025 से वित्त वर्ष 2027 तक उसकी आय औसतन 21% की सालाना दर से बढ़ सकती है।
एक्सिस ने रिट्स लिमिटेड ओर 275 रुपये का टारगेट प्राइस सेट किया है। इस तरह शेयर लॉन्ग टर्म में 25 प्रतिशत का रिटर्न दे सकता है। कंपनी के शेयर मंगलवार को 220 रुपये पर बंद हुए।
ब्रोकरेज ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी को 140 से ज्यादा नए ऑर्डर मिले, जिनकी कुल कीमत 1,141 करोड़ रुपये रही। इससे कंपनी का कुल ऑर्डर बुक बढ़कर 9,262 करोड़ रुपये हो गया है। इससे अगले 2 से 2.5 साल तक कमाई की अच्छी संभावना दिख रही है। खास बात यह है कि कुल ऑर्डर बुक का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा कंसल्टेंसी से जुड़ा है, जिससे कंपनी को बेहतर मार्जिन मिलने की उम्मीद है।
अहलुवालिया कॉन्ट्रैक्ट्स इंडिया पर ब्रोकरेज ने खरीदारी की सलाह के साथ 915 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। कंपनी के शेयर मंगलवार को 807 रुपये पर बंद हुए। ऐसे में निवेशकों को 13 प्रतिशत तक रिटर्न मिल सकता है।
(डिस्क्लमेर: यहां शेयर में सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)