IT Stock: आईटी सेक्टर के लिए मौजूदा वित्त वर्ष निराशाजनक साबित हो रहा है। आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनियों के शेयरों में आई तेज गिरावट का असर अब सीधे निफ्टी 50 इंडेक्स में उनके वेटेज पर दिखाई देने लगा है। हालिया गिरावट के चलते आईटी सेक्टर की हिस्सेदारी घटकर 26 वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस यानी एआई के बढ़ते प्रभाव की चिंता की वजह से भारतीय आईटी सेक्टर में लगातार दबाव देखा जा रहा है। हालांकि, इस स्थिति के बीच ब्रोकरेज हॉउस इन्फोसिस लिमिटेड (Infosys) पर बुलिश नजर आ रहे हैं। कंपनी की एआई रिसर्च और सिक्योरिटी से जुड़ी कंपनी एंथ्रोपिक के साथ स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की घोषणा से ब्रोक्रेजीज का भरोसा बढ़ा है। उनका कहना है कि एआई से आने वाली वॉल्यूम ग्रोथ, संभावित नुकसान से ज्यादा होगी।
मोतीलाल ओसवाल ने इन्फोसिस पर ‘BUY‘ रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 1850 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इस तरह, शेयर निवेशकों को 33 प्रतिशत का रिटर्न दे सकता है। कंपनी के शेयर मंगलवार को 1391 रुपये पर बंद हुए।
ब्रोकरेज का मानना है कि नई तरह के एआई आधारित एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर को बड़े स्तर पर फैलाने के लिए पुरानी आईटी सेवा कंपनियों के ग्राहकों के साथ मजबूत रिश्ते और काम पूरा करने की क्षमता की जरूरत पड़ेगी। इससे पूरे सेक्टर में धीरे-धीरे सुधार आने में मदद मिल सकती है।
ब्रोकरेज ने कहा हमारा मानना है कि कंपनियों में एआई को फैलाने और अपनाने के लिए ये साझेदारियां बहुत जरूरी होंगी। जैसे-जैसे संगठन बड़े स्तर पर एआई अपनाने की तरफ बढ़ेंगे, ये सहयोग और भी ज्यादा अहम होते जाएंगे। वर्ष 2026 में ग्रोथ की रफ्तार सबसे नीचे के स्तर पर आ सकती है। इसके बाद वर्ष 2027 के दूसरे हिस्से और वर्ष 2028 में तेज सुधार देखने को मिल सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि एआई सर्विसेज बड़े पैमाने पर लागू होने लगेंगी।
नुवामा ने भी इन्फोसिस पर खरीदारी की सलाह बरकरार रखते हुए 1900 रुपये का टारगेट प्राइस सेट किया है। ऐसे में शेयर 36 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दे सकता है।
ब्रोकरेज का मानना है कि आईटी शेयरों में हाल ही में आई तेज गिरावट जरूरत से ज्यादा है। लोगों को यह डर था कि जनरेटिव एआई से आईटी कंपनियों का काम बहुत ज्यादा प्रभावित हो जाएगा, लेकिन यह डर काफी बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया है। इन्फोसिस, जैसा कि एआई से जुड़े कार्यक्रम में दिखाया गया, नई तकनीक को लागू करने में सबसे आगे बनी हुई है। इसलिए हमें लगता है कि इन्फोसिस को इस बदलाव से नुकसान नहीं, बल्कि कुल मिलाकर फायदा होगा।
इन्फोसिस ने एआई रिसर्च और सिक्योरिटी से जुड़ी कंपनी एंथ्रोपिक के साथ स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का ऐलान है। इस साझेदारी के तहत टेलीकॉम, फाइनेंशियल सर्विसेज, मैन्युफैक्चरिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे सेक्टर के लिए एडवांस एंटरप्राइज एआई सॉल्यूशंस तैयार किए जाएंगे।
कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि यह साझेदारी सबसे पहले टेलीकॉम सेक्टर में शुरू होगी। इसके तहत एक खास एंथ्रोपिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। इसमें अलग-अलग उद्योगों की जरूरत के मुताबिक एआई एजेंट्स तैयार और लागू किए जाएंगे। आगे चलकर इस सपोर्ट को फाइनेंशियल सर्विसेज, मैन्युफैक्चरिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे अन्य सेक्टर तक भी बढ़ाया जाएगा।