AI Impact Summit 2026: भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में मौजूदा 1.2 अरब डॉलर के निवेश को वैश्विक स्तर के अनुरूप बढ़ाने की जरूरत है और बजट में विदेशी कंपनियों को 20 वर्ष की टैक्स-छूट की घोषणा से एआई के विस्तार के लिए ”इंफ्रास्ट्रक्चर” तैयार होगा। यह बात बुधवार को एनवीडिया (Nvidia) के एक सीनियर ऑफिसर ने कही।
चिप बनाने वाली कंपनी एनवीडिया में इंटरप्राइजेज बिजनेस के सीनियर वाइस प्रसिडेंट शंकर त्रिवेदी ने कहा कि दुनिया की करीब 2,000 बड़ी कंपनियों में से लगभग 1,800 की भारत में बड़े ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) हैं। इनमें इस समय 20 लाख से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं और यह संख्या जल्द ही 30 लाख तक पहुंचने वाली है।
उन्होंने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में कहा, ” इन सभी ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर को स्थानीय स्तर पर ‘एआई कारखाना’ चाहिए, जहां से वे अपने डेटा, कारोबारी प्रक्रियाएं और बौद्धिक संपदा से लेकर बुद्धिमत्ता पर काम कर सकें। इसलिए बजट की यह घोषणा भारत के लिए बहुत बड़ा अवसर है। जैसा हम कहते हैं, यह आधारभूत ढांचा है।”
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केंद्रीय बजट 2026-27 में यह घोषणा की गई है कि भारत में डेटा सेंटर सेवाएं लेने वाली किसी भी विदेशी कंपनी को 2047 तक 20 वर्ष की टैक्स-छूट मिलेगी। इससे इस आशंका का समाधान होगा कि उनकी वैश्विक आय पर भारतीय टैक्स लगेगा। वैश्विक कंपनी भारत में अपना डेटा सेंटर लगाए या किसी भारतीय डेटा सेंटर से सेवाएं ले, दोनों ही स्थितियों में टैक्स सिस्टम समान रहेगी जिससे सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित होंगे।
भारत में एआई को बढ़ावा देने के बारे में त्रिवेदी ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर में 1.2 अरब डॉलर का निवेश सराहनीय है और इसका भरपूर उपयोग हो रहा है। इस बीच, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने भारत के पेमेंट सिस्टम के लिए विशेष रूप से निर्मित अपने ऑटोनॉमस एआई मॉडल की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एनवीडिया के साथ सहयोग की बुधवार को घोषणा की।
NPCI ने बयान में कहा कि यह पहल बड़े पैमाने पर, रियल टाइम पेमेंट सिस्टम्स की बढ़ती आवश्यकताओं का समर्थन करेगी जिसमें विश्वास, मजबूती, सुरक्षा और तंत्र को सक्षम बनाने पर जोर दिया गया है।
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NPCI के चीफ टेक ऑफिसर विशाल कनवती ने कहा, ”एनवीडिया के साथ इस सहयोग के माध्यम से एनपीसीआई का लक्ष्य भारत के पेमेंट सिस्टम के लिए विशेष रूप से तैयार की गई एआई क्षमताओं को आगे बढ़ाना है। बड़े पैमाने पर रियल टाइम के आधार पर पेमेंट सिस्टम्स के ऑपरेशन के हमारे अनुभव से प्रेरणा लेते हुए, यह पहल एक संप्रभु, भुगतान-आधारित एआई आधार बनाने के लिए तैयार की गई है जो भारत के नियामकीय एवं डेटा संप्रभुता आवश्यकताओं के अनुरूप रहते हुए विश्वास और सुरक्षा को मजबूत करती है।”
(PTI इनपुट के साथ)