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Tata Group और OpenAI मिलकर बनाएंगे 100 मेगावॉट का AI डेटा सेंटर

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भारत में अगली पीढ़ी के AI ट्रेनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए रणनीतिक साझेदारी; क्षमता बढ़ाकर 1 गीगावॉट तक करने की योजना

Last Updated- February 19, 2026 | 12:31 PM IST
TCS Open AI
Representational Image

टाटा ग्रुप, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और ओपनएआई ने एंटरप्राइज, कंज्यूमर और सामाजिक क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित इनोवेशन को बढ़ाने के लिए एक बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। टाटा ग्रुप भारत का पहला बड़े पैमाने का ऑप्टिमाइज्ड डेटा सेंटर बनाएगा, जो अगली पीढ़ी के AI ट्रेनिंग और इंफरेंस (AI से रिजल्ट निकालने) के लिए खास तौर पर तैयार किया जाएगा। ग्रुप ने कहा कि वह ओपनएआई के साथ मिलकर भारत का पहला 100 मेगावॉट क्षमता वाला डेटा सेंटर बनाएगा, जिसे बाद में बढ़ाकर 1 गीगावॉट तक किया जाएगा।

यह साझेदारी कई क्षेत्रों में होगी। इसमें टाटा ग्रुप की कंपनियों में AI आधारित इनोवेशन को बढ़ावा देना, दुनियाभर में अलग-अलग उद्योगों में AI ट्रांसफॉर्मेशन के लिए संयुक्त प्रयास करना और AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना शामिल है।

भारत AI के भविष्य को आकार देने में मदद करेगा: ऑल्टमैन

OpenAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सैम ऑल्टमैन ने कहा कि भारत AI के भविष्य को आकार देने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि भारत पहले से ही AI अपनाने में आगे है और अपनी प्रतिभा, महत्वाकांक्षा और सरकार के मजबूत समर्थन के कारण यह AI के भविष्य को बनाने के लिए अच्छी स्थिति में है।

उनका कहना है, ओपनएआई फॉर इंडिया और टाटा ग्रुप के साथ हमारी साझेदारी के जरिए हम मिलकर वह इंफरास्ट्रक्चर, स्किल और स्थानीय साझेदारियां बना रहे हैं, जिनकी जरूरत भारत के साथ, भारत के लिए और भारत में AI बनाने के लिए है, ताकि देश के ज्यादा लोग इसे इस्तेमाल कर सकें और इसका फायदा उठा सकें।

टाटा कर्मचारियों को एंटरप्राइज चैटजीपीटी

इस साझेदारी के तहत टाटा ग्रुप के कई हजार कर्मचारियों को एंटरप्राइज चैटजीपीटी तक पहुंच मिलेगी, ताकि इनोवेशन और उत्पादकता बढ़ाई जा सके। इसके अलावा, टीसीएस सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के नतीजों को बेहतर बनाने के लिए ओपनएआई के कोडेक्स का इस्तेमाल करेगा।

ओपनएआई और टीसीएस मिलकर इंडस्ट्री-स्पे​शिफिक सॉल्यूशंस भी बनाएंगे। इसमें ओपनएआई की एजेंटिक AI क्षमताओं (जो अपने आप काम करने वाले AI सिस्टम होते हैं) को टीसीएस के डोमेन नॉलेज और AI विशेषज्ञता के साथ जोड़ा जाएगा। इस सहयोग से भारतीय और वैश्विक कंपनियां अपनी जरूरतों के अनुसार ओपनएआई के उन्नत AI प्लेटफॉर्म को अपनाने, जोड़ने और बड़े स्तर पर लागू करने में सक्षम होंगी।

अत्याधुनिक AI इंफ्रास्ट्रकचर की साझेदारी: चंद्रशेखरन

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा, “ओपनएआई और टाटा ग्रुप के बीच यह गहरा सहयोग भारत के AI में ग्लोबल लीडर बनने के विजन के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। हमें ओपनएआई के साथ मिलकर भारत में अत्याधुनिक AI इंफ्रास्ट्रकचर बनाने की साझेदारी पर खुशी है। यह ओपनएआई और टीसीएस के लिए उद्योगों को बदलने का एक अनोखा अवसर है। हम मिलकर भारत के युवाओं को स्किल देंगे और उन्हें AI के दौर में सफल होने के लिए सक्षम बनाएंगे।”

2025 में टीसीएस ने हाइपरवॉल्ट की स्थापना की थी, जिसका मकसद हाइपरस्केलर्स और AI आधारित संगठनों के लिए गीगावॉट-स्तर का सुरक्षित और भरोसेमंद AI-रेडी इंफरास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना है। यह हरित ऊर्जा से संचालित होगा और इसमें खास तौर पर बनाए गए, लिक्विड-कूल्ड डेटा सेंटर होंगे, जिनमें हाई रैक डेंसिटी और प्रमुख क्लाउड क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी होगी।

कंपनियों ने कहा कि यह साझेदारी भारत की उस महत्वाकांक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके तहत वह AI विकास और अपनाने की प्रक्रिया को तेज करने वाला एक इकोसिस्टम बनाना चाहता है और खुद को एक वैश्विक AI हब के रूप में मजबूत करना चाहता है।

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First Published - February 19, 2026 | 12:31 PM IST

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