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सोने-चांदी की तेजी से म्युचुअल फंड निवेशकों की संख्या 18 महीने के टॉप पर

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जनवरी में 12 लाख नए निवेशक जुड़े; गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ ने फोलियो वृद्धि और निवेश के मामले में सक्रिय इक्विटी योजनाओं को पीछे छोड़ा

Last Updated- February 19, 2026 | 8:58 AM IST
Mutual Fund
Representational Image

जनवरी में म्युचुअल फंडों (एमएफ) के निवेशकों की संख्या में वृद्धि 18 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इसका कारण सोने और चांदी में लगातार तेजी के प्रति निवेशकों की दीवानगी रही जिन्होंने निवेशकों को कीमती धातुओं के एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों (ईटीएफ) और फंड ऑफ फंड्स (एफओएफ) की ओर आकर्षित किया। पिछले महीने इस उद्योग में 12 लाख नए निवेशक जुड़े। इससे निवेशकों की कुल संख्या 6.02 करोड़ हो गई। जनवरी में हुई यह बढ़ोतरी 2025 की औसत मासिक वृद्धि 5 लाख की दोगुनी से भी अधिक थी। म्युचुअल फंड अधिकारियों के अनुसार यह रुझान दर्शाता है कि म्युचुअल फंडों की कीमती धातुओं, विशेष रूप से सोने की योजनाओं, में निवेश की पेशकश लंबी अवधि में उद्योग के लिए ऐसा प्रमुख जरिया बन सकती है जो निवेशकों को आकर्षित करे।

मिरे ऐसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स (इंडिया) के उपाध्यक्ष और सीईओ स्वरूप आनंद मोहंती ने कहा, गोल्ड स्कीमों में फंड उद्योग के लिए सबसे अधिक ग्राहक जोड़ने का जरिया बनने की क्षमता है क्योंकि इसकी गहरी सांस्कृतिक स्वीकृति और जुड़ाव है।

विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के महीनों में कीमती धातुओं से संबंधित निवेश सबसे अधिक मांग वाली म्युचुअल फंड श्रेणियों में से एक रहा है क्योंकि सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तेजी ने हर तरह की अवधि के रिटर्न को बढ़ाया है। लिहाजा, मौजूदा और पहली बार म्युचुअल फंडों में निवेश करने वाले- दोनों तरह के निवेशक- आकर्षित हुए हैं।

जनवरी में अकेले गोल्ड ईटीएफ ने शुद्ध निवेश और खाता/फोलियो वृद्धि के मामले में सभी सक्रिय इक्विटी योजनाओं को पीछे छोड़ दिया। जनवरी में कुल फोलियो वृद्धि में गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ का योगदान 55 फीसदी था। निवेशकों ने एफओएफ के माध्यम से भी निवेश किया। जनवरी में कीमती धातुओं के एफओएफ में संयुक्त निवेश 33,503 करोड़ रुपये था, जो ऐक्टिव इक्विटी योजनाओं में हुए शुद्ध निवेश से 40 फीसदी अधिक था।

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First Published - February 19, 2026 | 8:58 AM IST

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