नैशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने आज कहा कि उसने भारत के भुगतान तंत्र में अपनी सॉवरिन आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) क्षमता बढ़ाने के लिए अमेरिका की डीपटेक कंपनी एनवीडिया के साथ साझेदारी की है। एनपीसीआई ने कहा कि वह देश की नियामकीय और डेटा सॉवरेनिटी जरूरतों के अनुरूप ‘भुगतान केंद्रित एआई आधार प्रारूप’ विकसित करने के लिए एनवीडिया के नेमोट्रॉन ओपन मॉडल का इस्तेमाल करेगी।
यह करार ऐसे समय किया गया है जब सबसे बड़े भुगतान निकाय ने यूपीआई हेल्प असिस्टेंट की शुरुआत की है। यह इसके फाईमाई (फाइनैंस मॉडल फॉर इंडिया) के स्मॉल लैंग्वेज मॉडल से चलता है, जो रियल-टाइम पेमेंट प्रणाली के उपयोगकर्ताओं की शिकायतों को आसानी से सुलझाता है।
उसने बयान में कहा, ‘अपनी एआई यात्रा के अगले चरण के तहत एनपीसीआई का लक्ष्य भुगतान तंत्र में उपयोग के खास मामलों के एजेंट से बुनियादी, बड़ी क्षमता वाला स्तर बनाना है। यह प्रस्तावित मॉडल मिक्सचर ऑफ एक्सपर्ट (एमओई) जैसे आर्किटेक्चर तलाशेगा ताकि अधिक मात्रा, लो-लेटेंसी वाले भुगतान के माहौल की मदद की जा सके। साथ ही धीरे-धीरे बहुभाषी डेटासेट और एजेंट-ऑप्टिमाइज्ड प्रणाली में क्षमताओं को बढ़ाया जा सके।
नेमोट्रॉन ओपन मॉडल, डेटासेट और तकनीकों का ऐसा समूह है जिसका इस्तेमाल एजेंटिक एआई प्रणाली बनाने को किया जाता है। इन प्रणालियों को आधुनिक रीजनिंग, कोडिंग, विजुअल अंडरस्टैंडिंग, एजेंटिक टास्क, सूचना बहाली वगैरह के लिए डिजाइन किया गया है। एनपीसीआई बैंकों, फिनटेक और भुगतान प्रणाली के भगीदारों को ऐसा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने की योजना बना रही है जो शिकायत सुलझाने की प्रक्रिया और परिचालन इंटेलिजेंस के लिए वर्कफ्लो प्रदान कर सके।