India AI Impact Summit 2026: यूरोपीय नेताओं और उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने हाल ही में संपन्न भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते को यूरोपीय परिषद एवं यूरोपीय संसद में शीघ्र मंजूरी के लिए एक सुर में समर्थन देने की बात कही। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने आए 11 यूरोपीय देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों में से कई नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को द्विपक्षीय वार्ताएं की।
नई दिल्ली में गुरुवार को होने वाले नेताओं के पूर्ण सत्र से पहले समिट का तीसरा दिन यूरोपीय रंग में नजर आया। यूरोपीय परिषद और यूरोपीय संसद में भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते के अनुमोदन पर विश्वास व्यक्त करने के साथ-साथ इन नेताओं ने भारत की एआई पहलों और उसकी आवश्यकताओं का समर्थन किया। अधिकारियों ने कहा, ‘भारत कई यूरोपीय देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि एक-दूसरे से सीखे और एआई आधारित विकास को बढ़ावा मिल सके।’
अधिकारियों ने बताया कि हाल की राजनयिक वार्ताओं में यूरोपीय नेताओं ने भारत-यूरोप रणनीतिक साझेदारी में गहरा विश्वास व्यक्त किया है, जो एआई, डिजिटल नवाचार, रणनीतिक सहयोग, आर्थिक विकास और साझा वैश्विक प्राथमिकताओं पर आधारित है। अधिकारियों ने कहा कि यूरोप अत्याधुनिक एआई नवाचार, डिजिटल गवर्नेंस और एआई ढांचे का केंद्र बना हुआ है। यूरोपीय संघ एआई सहित वैश्विक मानदंडों को स्थापित करने में प्रमुख भूमिका निभा रहा है और यह विश्व स्तर पर व्यापक एआई कानून बनाने वाला पहला क्षेत्र है।
नई दिल्ली में चल रही इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में फ्रांस, नीदरलैंड, स्पेन, क्रोएशिया, ग्रीस, सर्बिया, स्लोवाकिया, एस्टोनिया, फिनलैंड, स्विस कॉन्फेडरेशन और लिकटेंस्टीन सहित 11 यूरोपीय देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख भाग ले रहे हैं। ब्रिटेन और स्वीडन के उप प्रधानमंत्री तथा 12 मंत्रिस्तरीय स्तर के प्रतिनिधिमंडल (जर्मनी, इटली, यूरोपीय संघ, पुर्तगाल, बेल्जियम, आयरलैंड, ऑस्ट्रिया, साइप्रस, नॉर्वे, आइसलैंड, लातविया और लिथुआनिया) शिखर सम्मेलन में शिरकत के लिए आए हैं। कुल मिलाकर, 26 यूरोपीय देशों का एआई इम्पैक्ट समिट में आधिकारिक तौर पर प्रतिनिधित्व है।
भारत में किसी भी टेक्नॉलजी-केंद्रित कार्यक्रम में यह सबसे बड़ा यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल है। इसके अलावा, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा अपने मंत्रिस्तरीय और व्यापार प्रतिनिधिमंडल के साथ बुधवार को दिल्ली पहुंचे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ, लूला भी राजकीय यात्रा पर हैं। दोनों नेता गुरुवार और शुक्रवार को एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे।
विदेश मंत्री एस जयशंकर और यूरोपीय आयोग के टेक्नॉलजी संप्रभुता, सुरक्षा और लोकतंत्र के लिए कार्यकारी उपाध्यक्ष हेना विर्ककुनेन ने संयुक्त रूप से यूरोपीय लीगल गेटवे ऑफिस लॉन्च किया। जयशंकर ने कहा कि यूरोपीय लीगल गेटवे ऑफिस विश्वसनीय इंटरफेस के रूप में काम करेगा, जो भारत की कुशल पेशेवरों तक पहुंच को सक्षम करेगा और भागीदार अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करेगा।
विर्ककुनेन ने कहा कि यूरोपीय संघ और भारत को घरेलू डेटा के साथ अपनी एआई क्षमता का निर्माण करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने मंगलवार को मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इसके बाद बुधवार को मोदी ने स्पेन, फिनलैंड, सर्बिया, क्रोएशिया और एस्टोनिया के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं की। अगले दो दिनों में वह नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, ग्रीस, स्लोवाक गणराज्य और लिकटेंस्टीन के नेताओं से मिल सकते हैं।
मोदी ने कजाकिस्तान और भूटान के नेताओं से भी मुलाकात की। अपनी बैठक के दौरान स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज और मोदी ने रक्षा, सुरक्षा एवं टेक्नॉलजी में सहयोग को गहरा करने पर चर्चा की। सांचेज 16 महीनों से भी कम समय में दूसरी बार भारत आए हैं और उनके साथ टेक्नॉलजी फर्मों और स्टार्टअप के कार्यकारी तथा कृषि व डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मंत्री भी हैं। पीएम ने क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविक से भी मुलाकात की, जहां उन्होंने टेक्नॉलजी, नवाचार, जहाज निर्माण, समुद्री अर्थव्यवस्था और गतिशीलता जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी पर चर्चा की।
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्वीडन की उप प्रधानमंत्री और ऊर्जा, व्यापार और उद्योग मंत्री एब्बा बुश के साथ बातचीत की, जहां उन्होंने स्वास्थ्य सेवा, कृषि, स्मार्ट शहरों और गांवों में 5जी और 5जी-उन्नत उपयोग के मामलों में सहयोग का विस्तार करने पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार को शिखर सम्मेलन में एक्सपो का उद्घाटन करेंगे, जिसमें 600 से अधिक उच्च-संभावित स्टार्टअप और 13 देशों के मंडप शामिल हैं।