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भारत एआई इम्पैक्ट समिट में अपनी मौजूदगी को लेकर दो दिन तक बनी अनिश्चितता के बाद, Gates Foundation India ने गुरुवार को कहा कि बिल गेट्स अब नई दिल्ली में हो रहे India AI Impact Summit में अपना पहले से तय कीनोट भाषण नहीं देंगे।
फाउंडेशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट में कहा, “सोच-विचार के बाद, और यह सुनिश्चित करने के लिए कि समिट का फोकस इसके प्रमुख उद्देश्यों पर बना रहे, श्री गेट्स अपना कीनोट संबोधन नहीं देंगे। गेट्स फाउंडेशन की ओर से अफ्रीका और इंडिया ऑफिस के प्रेसिडेंट अंकुर वोरा समिट में हिस्सा लेंगे और आज बाद में संबोधित करेंगे। गेट्स फाउंडेशन भारत में स्वास्थ्य और विकास से जुड़े साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए अपने काम के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
गेट्स को गुरुवार को 12 मिनट का कीनोट भाषण देना था। इस सत्र में सुंदर पिचाई, सैम ऑल्टमैन और डेरियो अमोडेई जैसे टेक लीडर्स भी शामिल होने वाले थे।
समिट में गेट्स की मौजूदगी को लेकर अनिश्चितता मंगलवार से शुरू हुई थी, जब कई रिपोर्टों में सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि वह इस कार्यक्रम को संबोधित नहीं करेंगे। हालांकि, इन रिपोर्टों के बाद गेट्स फाउंडेशन ने सफाई दी थी कि वह कार्यक्रम में भाग लेंगे।
गुरुवार सुबह अंतिम स्पष्टता सामने आई, जिसमें यह पुष्टि हो गई कि बिल गेट्स समिट में शामिल नहीं होंगे। वह सोमवार को भारत पहुंचे थे और सबसे पहले विजयवाड़ा गए थे, जहां उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री के. पवन कल्याण और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की।
अमेरिका के न्याय विभाग (US Department of Justice) ने पिछले महीने दिवंगत सेक्स अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े लाखों दस्तावेज जारी किए थे। इन नए दस्तावेजों से बदनाम फाइनेंसर के कई हाई-प्रोफाइल लोगों से संबंधों की नई जानकारी सामने आई है, जिनमें बिल गेट्स, एलन मस्क और अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक शामिल हैं।
हालांकि, एपस्टीन के पीड़ितों ने बिल गेट्स पर किसी तरह के गलत आचरण का आरोप नहीं लगाया है। लेकिन न्याय विभाग द्वारा सार्वजनिक किए गए दस्तावेजों में एपस्टीन का यह दावा शामिल है कि बिल गेट्स को यौन संचारित बीमारी (Sexually Transmitted Disease) हुई थी। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, गेट्स के प्रवक्ता ने पहले इस आरोप को “बिल्कुल बेतुका” बताकर खारिज कर दिया था।