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देश के करोड़ों नागरिकों के लिए पहचान का प्रमुख दस्तावेज आधार कार्ड जल्द ही नए रूप में दिखाई दे सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी Unique Identification Authority of India आधार कार्ड के डिजाइन में बदलाव की तैयारी कर रहा है। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि नया आधार कार्ड पहले से ज्यादा सुरक्षित और सरल हो सकता है।
बताया जा रहा है कि नए आधार कार्ड के फ्रंट साइड पर केवल कार्डधारक की फोटो और एक विशेष QR कोड होगा। इस QR कोड में जरूरी जानकारी सुरक्षित रूप से स्टोर रहेगी। अधिकृत एजेंसियां इसी कोड को स्कैन करके पहचान सत्यापित कर सकेंगी। इससे व्यक्तिगत जानकारी को खुलकर दिखाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
मौजूदा समय में आधार से जुड़ी धोखाधड़ी की घटनाएं सामने आती रही हैं, जैसे फर्जी सिम कार्ड जारी करना, बिना अनुमति के लोन लेना या आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के जरिए अनधिकृत निकासी। नए डिजाइन का उद्देश्य ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाना और ऑफलाइन आधार कॉपी के दुरुपयोग को कम करना है।
नए प्रारूप में फोटो को मुख्य पहचान के रूप में रखा जाएगा, जबकि अन्य विवरण QR कोड के भीतर एन्क्रिप्टेड फॉर्म में मौजूद रहेंगे। इससे केवल वही जानकारी साझा होगी जिसकी जरूरत होगी। माना जा रहा है कि यह कदम आधार की विश्वसनीयता और डेटा सुरक्षा को और मजबूत करेगा।
हाल ही में केंद्रीय मंत्री Jitin Prasada ने नए आधार मोबाइल ऐप को देश को समर्पित किया। यह ऐप नागरिकों को अपनी डिजिटल पहचान सुरक्षित तरीके से साथ रखने, दिखाने और साझा करने की सुविधा देता है।
इस ऐप की प्रमुख सुविधाओं में फेस वेरिफिकेशन के जरिए उपस्थिति प्रमाणित करना, बायोमेट्रिक लॉक और अनलॉक की सुविधा, ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री देखना और QR आधारित कॉन्टैक्ट कार्ड के जरिए जानकारी साझा करना शामिल है।
सरकारी जानकारी के अनुसार, यह ऐप कई वास्तविक परिस्थितियों में उपयोगी साबित हो सकता है। उदाहरण के लिए होटल चेक इन के दौरान ऑफलाइन वेरिफिकेशन, सिनेमा टिकट बुकिंग में उम्र सत्यापन, अस्पताल में विजिटर एंट्री, गिग वर्कर्स की पहचान जांच जैसे कार्यों में इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा।
ऐप में एक खास सुविधा यह भी है कि एक ही डिवाइस पर पांच अलग अलग आधार प्रोफाइल जोड़ी जा सकती हैं। इसे “वन फैमिली वन ऐप” की अवधारणा से जोड़ा गया है। इसके अलावा, उपयोगकर्ता अपने पते के साथ साथ पंजीकृत मोबाइल नंबर को भी ऐप के जरिए अपडेट कर सकेंगे। आने वाले समय में और सेवाएं जोड़े जाने की योजना है।
Bhuvnesh Kumar ने बताया कि इस ऐप की एक महत्वपूर्ण विशेषता चयनित क्रेडेंशियल शेयरिंग है। इसका मतलब है कि उपयोगकर्ता आवश्यकता के अनुसार केवल वही जानकारी साझा कर पाएंगे जो संबंधित संस्था मांग रही है। यह प्रक्रिया कस्टमाइज्ड QR कोड के जरिए पूरी होगी।
कुल मिलाकर, आधार के डिजाइन और डिजिटल सेवाओं में संभावित बदलाव का मकसद नागरिकों की पहचान को अधिक सुरक्षित, आसान और तकनीकी रूप से उन्नत बनाना है। आधिकारिक घोषणा के बाद ही नए कार्ड के स्वरूप और लागू होने की समयसीमा स्पष्ट हो पाएगी, लेकिन फिलहाल यह पहल डिजिटल इंडिया की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।