facebookmetapixel
Advertisement
लाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौती

Chandra Grahan 2026: साल का पहला चंद्र ग्रहण आज, जानें सूतक काल और भारत में दिखने का समय

Advertisement

साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण आज लाल ‘ब्लड मून’ के रूप में दिखाई देगा, जानें सूतक काल, सही समय और भारत में इसकी दृश्यता से जुड़ी पूरी जानकारी।

Last Updated- March 03, 2026 | 9:30 AM IST
Lunar eclipse Chandra Grahan 2026
Representative Image

Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण आज लग रहा है। खगोलशास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इस दौरान चंद्रमा का रंग हल्का लाल या तांबे जैसा दिखाई देता है, इसलिए इसे सामान्यतः ‘ब्लड मून’ कहा जाता है। हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण केवल एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

ग्रहण का राशिफल और नक्षत्र

इस बार का चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार, ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों और व्यक्तियों पर पड़ता है। ग्रहण के समय भगवान का स्मरण करना, मंत्र जाप करना और पूजा-पाठ करना शुभ होता है। वहीं इस समय भोजन बनाना, खाना खाना और कोई शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है।

सूतक काल कब से शुरू होगा

धार्मिक मान्यता के अनुसार, ग्रहण से पहले सूतक काल आरंभ होता है। इसे अशुभ समय माना जाता है, जिसमें विशेष सावधानी बरतने और भगवान का नाम लेने की सलाह दी जाती है। सूतक काल के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए और बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।

भारत में ग्रहण का दृश्य

भारत में यह चंद्र ग्रहण अधिकांश शहरों में देखा जा सकेगा। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, कोलकाता, चेन्नई, मुंबई और हैदराबाद में इसे स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा। इसके अलावा गुवाहाटी और ईटानगर में भी ग्रहण का प्रभाव दिखाई देगा। ज्योतिषीय दृष्टि से यह ग्रहण केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया, ऑस्ट्रेलिया, पैसिफिक द्वीपों और उत्तरी तथा दक्षिणी अमेरिका में देखा जा सकेगा।

Chandra Grahan के समय चंद्रमा का रंग

इस बार चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा का रंग गहरा लाल और नीला दिखाई देगा। सामान्यतः चांद सफेद दिखाई देता है, लेकिन ग्रहण के समय इसकी रोशनी बदल जाती है। इस वजह से आकाश में ब्लड मून का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। यह दृश्य देश और दुनिया के कई हिस्सों में देखने योग्य होगा।

चंद्र ग्रहण का समय

भारतीय मानक समय के अनुसार, इस चंद्र ग्रहण का क्रम इस प्रकार है:

  • प्रारंभ: दोपहर 3 बजकर 20 मिनट

  • खग्रास प्रारंभ: शाम 4 बजकर 34 मिनट

  • ग्रहण का मध्य: दोपहर 5 बजकर 33 मिनट

  • समाप्ति: शाम 6 बजकर 47 मिनट

हालांकि भारत में चंद्रमा का उदय शाम 6:26 से 6:32 बजे के बीच होगा, इस समय ग्रहण का अंतिम चरण चल रहा होगा। इस कारण भारत में यह ग्रहण केवल 15 से 20 मिनट के लिए ही दिखाई देगा।

Chandra Grahan के दौरान और बाद में ध्यान रखने योग्य बातें

  • ग्रहण के समय पूजा और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है।

  • ग्रहण के दौरान और तुरंत बाद भोजन बनाना या खाना वर्जित है।

  • बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

  • ग्रहण के पश्चात किसी भी कार्य की शुरुआत करने से पहले स्नान और शुद्धिकरण करना उत्तम माना जाता है।

इस बार का चंद्र ग्रहण अपने लाल रंग के कारण लोगों के लिए एक अद्भुत खगोलीय दृश्य भी लेकर आया है। यह नजारा न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि खगोलशास्त्र के दृष्टिकोण से भी देखने योग्य है।

Advertisement
First Published - March 3, 2026 | 9:30 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement