मणप्पुरम फाइनैंस के शेयरों में सोमवार को तेजी आई और बीएसई पर यह 3.17 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 294.25 रुपये पर बंद हुआ। यह तेजी गोल्ड फाइनैंस कंपनी के इन खबरों का खंडन करने के बाद आई, जिनमें कहा गया था कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कंपनी में बेन कैपिटल की नियंत्रक हिस्सेदारी लेने की योजना पर आपत्ति जताई है।
एक्सचेंज को दी जानकारी में मणप्पुरम फाइनैंस ने कहा, हम मीडिया की खबरों का खंडन करते हैं, ये तथ्यात्मक रूप से गलत और अटकलों पर आधारित है। कंपनी ने कहा, हमने बीसी एशिया इन्वेस्टमेंट्स-14 और बीसी एशिया इन्वेस्टमेंट्स 25 द्वारा मणप्पुरम फाइनैंस में प्रस्तावित निवेश और कंपनी तथा इसकी सहायक कंपनियों (जिनमें आशीर्वाद माइक्रो फाइनैंस और मणप्पुरम होम फाइनैंस शामिल हैं) में कंपनी के मौजूदा प्रवर्तकों के साथ संयुक्त नियंत्रण के अधिग्रहण के संबंध में नियमित अपडेट दिए हैं, जिसमें कंपनी के प्रबंधन में परिवर्तन के लिए आरबीआई से अनुमोदन प्राप्त करना भी शामिल है।
कंपनी ने कहा कि नियंत्रण में बदलाव के बारे में प्रस्तावित लेनदेन के लिए आरबीआई के पास आवेदन दिया गया है। कंपनी ने कहा, आरबीआई के पास आवश्यक दस्तावेज दाखिल कर दिए गए हैं और प्रस्तावित सौदे के लिए आरबीआई की अंतिम मंजूरी लंबित है। हम इस संबंध में स्टॉक एक्सचेंजों को समय-समय पर अपडेट देते रहेंगे।
शुक्रवार को कंपनी के शेयरों में उस समय करीब 8 फीसदी की गिरावट आई थी, जब ऐसी खबरें आईं कि आरबीआई ने बेन कैपिटल की मणप्पुरम फाइनैंस में नियंत्रक हिस्सेदारी हासिल करने की योजना पर आपत्ति जताई है।
बेन कैपिटल को इस सौदे के लिए भारत के बाजार नियामक और प्रतिस्पर्धा आयोग से मंजूरी मिल गई है, जिसकी घोषणा पिछले मार्च में की गई थी। लेकिन बैंकों और गैर-बैंक लेनदारों में किसी बड़ी हिस्सेदारी की खरीद को मंजूरी देने वाली अंतिम अथॉरिटी आरबीआई है।
प्रस्तावित सौदे के तहत बेन करीब 49 करोड़ डॉलर में मणप्पुरम फाइनैंस का 18 फीसदी हिस्सा हासिल करेगी। इसके बाद वह अतिरिक्त 26 फीसदी हिस्से के लिए खुला प्रस्ताव लाएगी। इससे बेन कैपिटल दो नियंत्रक शेयरधारकों में से एक बन जाएगी।