facebookmetapixel
Advertisement
भीषण गर्मी और लू का असर: IEX पर 32% महंगी हुई बिजली, दाम बढ़कर ₹5.2 प्रति यूनिट पर पहुंचाFY27 में निर्यात का नया रिकॉर्ड बनाने को तैयार भारत, डंपिंग पर लगेगी लगाम; बढ़ेगा घरेलू विनिर्माण: गोयलतेल कंपनियां फिर मुनाफे में, घटा राजस्व नुकसान; पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर क्यों है सरकार और ब्रोकरेज में रारभारत में जापानी कंपनियों के GCC का दबदबा, 2030 तक अर्थव्यवस्था में दिखेगा बड़ा असर: रिपोर्टबंपर सेल के चलते भीषण गर्मी में भी चमकी FMCG कंपनियां, Q1 में दो अंकों की ग्रोथ की उम्मीदराम मंदिर चढ़ावा विवाद पर RSS ने दिया पहला बयान, कहा: घटना दुर्भाग्यपूर्ण, दोषियों को मिले कड़ी सजाEditorial: दिल्ली की नई EV नीति सही दिशा में, लेकिन अभी भी कई बड़े सुधार की जरूरतभारत को अपना AI मॉडल बनाने का जरूरत नहीं, मजबूत AI इकोसिस्टम पर दांव लगाना सही कदमहिमाचल में 2027 की चुनावी बिसात: खस्ताहाल खजाना और गुटबाजी के बीच सुक्खू सरकार की बढ़ी बेचैनीविदेशी निवेशकों से रुपये में लिया जाएगा रेगुलेटरी शुल्क, FPI और FVCI के लिए SEBI बदलने जा रहा है नियम

बुनियादी ढांचा बहाल करने का खाका

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 9:29 PM IST

बुनियादी ढांचे को रफ्तार और वित्त पोषण के जरिये आर्थिक सुधार पर जोर देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में प्रधानमंत्री गति शक्ति के तहत सात इंजन सड़क, रेलवे, एयरपोर्ट, बंदरगाह, सार्वजनिक परिवहन, वाटरवेज और लॉजिस्टिक्स इन्फ्रा के विकास पर खर्च पर ध्यान किया है और गति शक्ति के तहत मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी के लिए 100 लाख करोड़ रुपये की योजना बनी है।
हालांकि सड़क क्षेत्र को इसमें सबसे बड़ा हिस्सा मिला है क्योंकि एनएचएआई में निवेश 2022-23 में दोगुने से ज्यादा कर 1.34 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो 2021-22 के संशोधित अनुमान में 65,060 करोड़ रुपये था। 2021-22 के बजट अनुमान में एनएचएआई के लिए 57,030 करोड़ रुपये का बजट था। सड़कों के लिए आवंटन में बढ़ोतरी मुख्य रूप से 2022-23 मेंं एनएचएआई के लिए आवंटन में बढ़ोतरी के चलते है और गति शक्ति प्रोग्राम के तहत 25,000 किलोमीटर जोड़े जाएंगे। योजना के तहत इसके वित्त पोषण के लिए करीब 20,000 करोड़ रुपये नवोन्मेषी तरीके से जुटाए जाएंगे।
वित्त मंत्री ने कहा, सातों इंजन अर्थव्यवस्था को एक साथ मिलकर आगे ले जाएंगे। इन इंजनों को ऊर्जा पारेषण, आईटी कम्युनिकेशन, बल्क वॉटयर व सिवरेज और सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर की सहायक भूमिका से सहारा मिलेगा। साथ ही इसे केंद्र व राज्य सरकारों के अलावा निजी क्षेत्र के प्रयासों क्लीन एनर्जी व सबका प्रयास के जरिये शक्ति मिलेगी।
सातों इंजन में रेलवे को छोड़ दें तो किसी अन्य क्षेत्र के आवंटन में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है। रेलवे में पूंजीगत खर्च का आवंटन 14 फीसदी बढ़ाकर 2.45 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। विमानन में केंद्र सरकार की योजनाओं में दोगुना बढ़ोतरी हुई है।
2020-21 में 13,327 किलोमीटर, 2019-20 में 10,237 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण हुआ, इस लिहाज से 2022-23 में इस मद में आवंटन बढ़ा है। वित्त वर्ष 2021-22 में सितंबर तक करीब 3,824 किलोमीटर सड़क बनाए गए। 2020-21 में रोजाना सड़क निर्माण 36.5 फीसदी बढ़ा, जो 2019-20 में 28 किलोमीटर था।
गति शक्ति प्रोग्राम में सड़कों, रेलवे, बंदरगाह, एयरपोर्ट, सार्वजनिक परिवहन, वाटरवेज और लॉजिस्टिक्स इन्फ्रा में इजाफा शामिल है।

Advertisement
First Published - February 1, 2022 | 11:22 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement