बजट में डिजिटल मुद्रा और क्रिप्टो कर की शुरुआत
क्या भारत आभासी मुद्राओं (क्रिप्टोकरेंसी) के खिलाफ है? क्या सरकार कर अधिकारियों एवं जांच एजेंसियों को क्रिप्टोकरेंसी के नियमन एवं इनके कराधान के लिए आवश्यक ढांचा निर्धारित करने की अनुमति देगी? हाल में समाचार माध्यमों में ऐसे कई प्रश्न पूछे गए थे। इस विषय पर सरकार पर निष्क्रियता दिखाने के आरोप लगते रहे हैं। कारोबार […]
आयकर दरों में बदलाव नहीं, मानक कटौती में वृद्धि की उम्मीद भी नहीं हुई पूरी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए व्यक्तिगत आयकर दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इसके अलावा कोविड महामारी के बीच मानक कटौती (स्टैंडर्ड डिडक्शन) की सीमा में बढ़ोतरी की मध्य वर्ग की उम्मीदें भी बजट में पूरी नहीं हुई हैं। सीतारमण ने मंगलवार को लोकसभा में आम बजट पेश करते […]
बजट 2022-23 के मुख्य बिंदु टीकाकरण का दायरा बढऩे से आर्थिक पुनरुद्धार को मदद मिली। हम कोरोना वायरस महामारी की ओमीक्रोन लहर के बीच में हैं। समावेशी विकास, उत्पादन वृद्धि, ऊर्जा बदलाव और जलवायु चुनौतियों से निपटने के उपाय विकास के चार स्तंभ। पूंजीगत व्यय और निजी निवेश में तेजी से निवेश चक्र के बहाल […]
बजट की उम्मीद, वैश्विक संकेतों से चढ़ा बाजार
सकारात्मक वैश्विक संकेतों और अनुकूल बजट की उम्मीद से शेयर बाजार में आज अच्छी तेजी देखी गई। इससे बाजार को पिछले दो हफ्तों के नुकसान की थोड़ी भरपाई करने में मदद मिली। बेंचमार्क सेंसेक्स कारोबार के दौरान 1,000 अंक तक चढ़ गया था लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली की वजह से इसे थोड़ी बढ़त गंवानी […]
बजट की सेहत महामारी के पहले के स्तर पर लाने की चुनौती
अगर पिछला बजट 2020-21 के संकुचन के बाद भारत की अर्थव्यवस्था को बहाल करने के लिए था तो आगामी 2022-23 का केंद्रीय बजट इसकी सेहत को महामारी के पहले के स्तर पर लेकर आने को लेकर है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सामने आने वाली चुनौतियां बड़ी हैं। वित्त वर्ष 2021-22 में रिकवरी हुई। वित्त […]
आंकड़ों और आर्थिक सुधार की जद्दोजहद में उलझा बजट
संसद में 1 फरवरी को प्रस्तुत होने वाले बजट से पहले वित्तीय क्षेत्र के विश्लेषक अंग्रेजी वर्णमाला के ‘के’ अक्षर की चर्चा करते आ रहे हैं। यहां ‘के’ शब्द से आशय असमान आर्थिक प्रगति (के-आकृति का आर्थिक सुधार) से है। कोविड-19 महामारी के बाद देश में सभी आय वर्गों एवं आर्थिक क्षेत्रों की प्रगति में […]
कर अनुपालन पर स्पष्टता की जरूरत
केंद्रीय बजट 2022-23 के पहले विशेषज्ञों ने कहा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को कुछ कर प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाने की जरूरत है, जिससे कि नियमन और अनुपालन बोझ कम हो सके। हालांकि उन्हें उम्मीद है कि कॉर्पोरेट या व्यक्तिगत आयकर दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। कर की दरों के बारे में सरकार […]
कंटेनर विनिर्माण के लिए प्रोत्साहन की मांग
बजट के पहले ज्ञापन में निर्यातकों ने सरकार से कंटेनर विनिर्माण के लिए उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) जैसी योजना, एक और साल के लिए आपातकालीन कर्ज से जुड़ी गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) और राज्य व केंद्र के कर व लेवी की छूट (आरओएससीटीएल) के नकद रिफंड की मांग की है। फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन […]
खाद्य और उर्वरक सब्सिडी में हो सकता है जबरदस्त इजाफा
केंद्रीय बजट 2022 में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए खाद्य और उर्वरक सब्सिडी में जबरदस्त इजाफा हो सकता है। यह चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमानों के करीब रहने की उम्मीद है। विश्लेषक कहते हैं कि ऐसा इसलिए है कि वैश्विक जिंस कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं और समाज का सबसे गरीब तबका अभी […]
किसान कर्ज माफी, कर कटौती, राजकोषीय समझदारी की उम्मीद
वित्त वर्ष 2022-23 का बजट ऐसे समय पर पेश होने जा रहा है जब भारत की अर्थव्यवस्था विभिन्न प्रकार की चुनौतियों से जूझ रही है। इन चुनौतियों में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और लगातार बनी हुई मुद्रास्फीति प्रमुख हैं। इनकी वजह से आगामी महीनों में सरकारी कोष पर दबाव पड़ सकता है। ओमिक्रॉन के […]