बजट से बुनियादी ढांचा क्षेत्र की आशाएं
केंद्रीय बजट में ऐसी नीतिगत घोषणाओं पर जोर बढ़ता जा रहा है जिनका लक्ष्य है वृद्धि को प्रोत्साहन देना। इस बीच बुनियादी ढांचा क्षेत्र की अपेक्षाएं भी इस रुझान के अनुरूप हो चुकी हैं। आइए बात करते हैं नौ ऐसी बातों की जो इस क्षेत्र को गति देने के लिए जरूरी हैं। आवंटन: सन 2021-22 […]
बजट में मिले नौकरियों व कम कर को समर्थन
इस साल के बजट में नाागरिकों की उम्मीदें उनकी वास्तविक आर्थिक हकीकतों को दिखाती है। महामारी की 3 लहर के दौरान लोगों की आर्थिक हालत खराब हुई है। हर साल की तरह नरेंद्र मोदी सरकार ने माईगवर्नमेंट वेबसाइट पर केंद्रीय बजट के पहले लोगों के सुझाव मांगे थे। सरकार ने आगामी बजट पर 26 दिसंबर […]
आईआईपी में गिरावट खुदरा महंगाई बढ़ी
देश में खुदरा महंगाई की दर दिसंबर में पांच महीनों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई और फैक्टरी उत्पादन में वृद्धि नवंबर में फिसलकर 9 महीनों में सबसे कम रही। यह अर्थव्यवस्था के लिए दोहरा झटका है। 1 फरवरी को बजट से पहले ये वृहद आर्थिक आंकड़े वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भरोसा दे […]
संपर्क सेवाओं को बजट समर्थन की जरूरत
बीएस बातचीत भारतीय उद्योग परिसंघ के अध्यक्ष और टाटा स्टील के मुख्य कार्याधिकारी टीवी नरेंद्रन ने कहा है कि आगामी बजट में आतिथ्य, पर्यटन, आराम और अन्य संपर्क वाली सेवाओं को समर्थन दिए जाने की जरूरत है क्योंकि कोविड-19 की तीनों लहरों में प्रतिबंधों और लॉकडाउन के कारण इन पर बहुत बुरा असर पड़ा है। […]
पूंजी बाजार में तब से अब तक ज्यादा अंतर नहीं
तीन दशक पहले औद्योगिक लाइसेंसिंग के खात्मे और व्यापार एवं विनिमय दर नीति में बदलाव वास्तव में केंद्र सरकार और निजी क्षेत्र के रिश्तों में एक बड़ा बदलाव था। इस बदलाव के बाद अन्य नीतियों एवं संस्थानों में परिवर्तन की आवश्यकता पड़ी जिनमें सबसे गहन है पूंजी बाजार और वित्तीय क्षेत्र के परिचालन से जुड़े […]
चालू वित्त वर्ष में खाद्य सब्सिडी रहेगी 4 लाख करोड़ रुपये से थोड़ी कम
ऐसे समय पर जब बजट आने में कुछ ही हफ्ते बाकी रह गये हैं, आज केंद्रीय खाद्य सचिव ने कहा कि सरकार की खाद्य सब्सिडी वित्त वर्ष 2021-22 में चार लाख करोड़ रुपये से थोड़ी कम रहने की उम्मीद है। यहां सवाददाताओं को संबोधित करते हुए खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य […]
आगामी बजट में सरकार का राजकोषीय सुधार पर नहीं होगा ज्यादा जोर
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 का बजट पेश करते समय राजकोषीय घाटे का लक्ष्य नॉमिनल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 6.8 प्रतिशत रखा था, जबकि 2020-21 का संशोधित अनुमान 9.5 प्रतिशत था। 2022-23 के केंद्रीय बजट में बहुत ज्यादा राजकोषीय सुधार किए जाने की संभावना नहीं है। बजट बनाने वाले शीर्ष लोगों के […]
‘व्यय प्रावधानों को कम नहीं आंका’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज कहा कि सरकार की ओर से संसद में की गई पूरक अनुदान मांग 2021-22 के 34.8 लाख करोड़ रुपये बजट के आकार का करीब 9.6 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल में 2011-12 में बजट के आकार के 8.6 प्रतिशत पूरक मांग की गई थी। […]
अगर आपका वेतन महीना खत्म होने से पहले ही खर्च हो जाता है तो आप ऐसे अकेले व्यक्ति नहीं हैं। अन्र्ड वेज एक्सेस (ईडब्ल्यूए) समाधान प्रदाता रिफाइन और अन्स्र्ट ऐंड यंग की एक हाल की रिपोर्ट ‘अन्र्ड वेज एक्सेस इन इंडिया: द फाइनल फ्रंटियर ऑफ एम्प्लॉई वेलबीइंग’ में कहा गया है कि करीब 81 फीसदी […]
सरकारी बैंकों को नहीं मिलेगी पूंजी
सरकार वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) में पूंजी डालने की कोई घोषणा संभवत: नहीं करेगी। सूत्रों का कहना है कि बैंकों के फंसे कर्ज में कमी आई है और उनकी वित्तीय स्थिति सुधरी है, ऐसे में सरकार द्वारा बजट में ऐसी किसी घोषणा की संभावना नहीं है। सूत्रों ने […]