सकारात्मक वैश्विक संकेतों और अनुकूल बजट की उम्मीद से शेयर बाजार में आज अच्छी तेजी देखी गई। इससे बाजार को पिछले दो हफ्तों के नुकसान की थोड़ी भरपाई करने में मदद मिली। बेंचमार्क सेंसेक्स कारोबार के दौरान 1,000 अंक तक चढ़ गया था लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली की वजह से इसे थोड़ी बढ़त गंवानी पड़ी। कारोबार की समाप्ति पर सेंसेक्स 814 अंक की बढ़त के साथ 58,014 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 238 अंक के लाभ के साथ 17,340 पर बंद हुआ। तकनीकी शेयरों और रिलायंस इंडस्ट्रीज की अगुआई में सेंसेक्स में तीन शेयरों को छोड़कर सभी लाभ में रहे।
निवेशक उम्मीद कर रहे हैं कि आम बजट में पूंजीगत व्यय को बढ़ाने और खपत में सुधार के उपाय होंगे। आर्थिक समीक्षा ने भी निवेशकों की उम्मीदें बढ़ाई हैं। आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2023 में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्घि दर 8 से 8.5 फीसदी के दायरे में रहेगी। समीक्षा में कहा गया है कि टीकाकरण कार्यक्रम ने अधिकांश आबादी को कवर कर लिया है, जिससे अर्थव्यवस्था की गति में तेजी आ रही है। इसके साथ ही आपूर्ति-पक्ष में सुधार से भी दीर्घावधि में लाभ होने की बात कही गई है। अल्फानीति फिनटेक के सह-संस्थापक यूआर भट्ट ने कहा, ‘उम्मीद की जा रही है कि कृषि, छोटे उद्योगों और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में प्रोत्साहन के जरिये निवेश एवं खपत को बढ़ावा दिया जाएगा। शार्ट-कवरिंग से भी बाजार में तेजी आई है। जीडीपी वृद्घि का अनुमान वाजिब प्रतीत होता है। अगर महामारी की फिर से मार नहीं पड़ती है तो ऐसा कोई कारण नहीं दिखता कि अर्थव्यवस्था में सुधार न आए।’
विदेशी निवेशकों ने 3,624 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने करीब इतनी ही राशि की लिवाली की। अवेंडस कैपिटल अल्टरनेट स्ट्रैटजीज के मुख्य कार्याधिकारी एंड्रयू हॉलैंड ने कहा, ‘अगर बजट में पिछले साल की तरह व्यापक उपाय नहीं हुए तो वैश्विक बाजार के संकेतों से मुकाबला करना चुनौतियों भरा होगा। हम वैश्विक कारकों को नजरअंदाज नहीं कर सकते। बजट अच्छा होने के बावजूद बाजार मेंं गिरावट आ सकती है लेकिन यह गिरावट प्रतिस्पर्धी बाजारों की तुलना में कम रह सकती है।’
विश्लेषकों का कहना है कि बजट के अलावा यूरोप के केंद्रीय बैंक और बैंक ऑफ इंगलैंड के निर्णय आने वाले दिनों में बाजार का रुख तय कर सकते हैं।