facebookmetapixel
Advertisement
महंगाई की मार! रसोई गैस ₹29 और महंगी, दिल्ली में अब 942 रुपये का हुआ घरेलू LPG सिलेंडरग्लोबल क्राइसिस के बीच PM ने आर्थिक सलाहकारों संग की हाई-लेवल बैठक, संकट के बीच इकोनॉमी बचाने पर चर्चाGoogle ने गुरुग्राम में ली 6.17 लाख वर्ग फुट जगह, 5 साल का किराया जानकर उड़ जाएंगे होश!15 साल के वैभव सूर्यवंशी को आया टीम इंडिया से बुलावा, टूट सकता है सचिन तेंदुलकर का महारिकॉर्ड!सेमीकंडक्टर संकट होगा दूर! FY2035 तक अपनी आधी जरूरतें खुद पूरी करेगा भारत, प्रोडक्शन इसी साल से शुरू1 के बदले मिलेंगे 5 शेयर! IT और AI सेक्टर से जुड़ी नामी कंपनी करने जा रही है स्टॉक स्प्लिट, रिकॉर्ड डेट फिक्सBonus Stocks: अगले हफ्ते बरसेंगे फ्री शेयर, ये 2 कंपनियां देने जा रही हैं बंपर बोनस; नोट कर लें रिकॉर्ड डेटDividend Stocks: कमाई का महामेला! अगल हफ्ते टाटा-अदाणी-इंफोसिस समेत ये 39 कंपनियां देंगी तगड़ा डिविडेंडसरकारी साइबर सुरक्षा को मिलेगा AI का साथ, चुनिंदा एजेंसियों को ‘क्लॉड मिथोस’ का एक्सेस देगी सरकारमहंगाई का यू-टर्न और घटती ग्रोथ: RBI ने माना पश्चिम एशिया संकट से पटरी से उतर रही इकोनॉमी

BFSI SUMMIT: बैंकिंग सेवा देने वाली सभी इकाइयों के लिए समान नियमन जरूरी

Advertisement
Last Updated- December 22, 2022 | 12:01 AM IST
rabi-sankar deputy governer rbi

नियामकीय दायरे से बाहर गैर-बैंकिंग इकाइयां उन मानकों और दिशा-निर्देशों के दायरे में शामिल नहीं हैं जो बैंकों से जुड़े हुए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर टी रबि शंकर ने बिजनेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई इनसाइट समिट में कहा कि बैंकिंग सेवा मुहैया कराने वाली इकाई बैंकों के समान नियमों के दायरे में आनी चाहिए। रबि शंकर ने इस समिट को संबो​धित करते हुए कहा, ‘पूंजी पर्याप्तता, दक्षता, तरलता या केवाईसी, एएमएल, सीएफटी जैसी जरूरतों और मानकों पर ध्यान केंद्रित कर बैंकों का इकाई-आधारित नियमन उन फिनटेक कंपनियों के अनुकूल होना जरूरी है, जो समान नियामकीय जरूरतों के दायरे में नहीं हैं।’

उन्होंने कहा, ‘मुख्य बिंदु यह है कि बैंकिंग सेवा मुहैया कराने वाली किसी संस्था को बैंकों जैसे नियमों के दायरे में लाए जाने की जरूरत होगी।’ यदि हम विभिन्न इकाइयों से जुड़ी समान गतिवि​धियों के लिए अलग अलग नियमों की वजह से पैदा हुई अक्षमताओं से बचना चाहते हैं तो बैंकिंग कार्य करने वाली गैर-​बैंकिंग इकाइयों को बैंकों के समान लाइसेंस के दायरे में लाने और विनियमित किए जाने की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि लाइसेंस के बगैर बैंकिंग गतिवि​धि की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

डिप्टी गवर्नर ने ये बातें उस स्पष्टीकरण के संदर्भ में कहीं, जो आरबीआई ने जून में जारी किया था। इसमें कहा गया था कि प्रीपेड कार्ड क्रेडिट लाइंस द्वारा लोड नहीं किए जा सकेंगे, जिससे फिनटेक सेक्टर में चिंता पैदा हो गई, क्योंकि बड़ी तादाद में गतिवि​धियां प्रीपेड कार्डों के जरिये कार्ड लोडिंग के ​उनके बिजनेस मॉडल पर आधारित थीं।
उन्होंने कहा कि एक ऐसी व्यवस्था से नियामकीय मध्यस्थता से जुड़ी अक्षमताएं और जोखिम पैदा होंगे, जिसमें गैर-बैंकों और फिनटेक का नियमन बैंकों या उनकी सहायक इकाइयों जैसी विनियमित वित्तीय कंपनियों के नियमन के अनुरूप नहीं है।

फिनटेक को सामान्य तौर पर एक ऐसे उद्योग के तौर पर देखा जाता रहा है जो वित्तीय प्रणालियों और वित्तीय सेवाओं की डिलिवरी को ज्यादा सक्षम बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करती हैं। फिनटेक कंपनियों में तेजी, बैंकिंग, उधारी प्लेटफॉर्मों और पेमेंट ऐप में सुधार बैंकिंग उद्योग की राह में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में एक प्रमुख स्रोत है। इन नए बिजनेस मॉडलों और मौजूदा व्यवसायों के विकास से नियामक के लिए नई चुनौतियां पैदा हुई हैं।

फिनटेक के लिए आरबीआई का नजरिया मुख्य तौर पर तीन सिद्धांतों पर आधारित है। पहला, नवाचार को बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है। दूसरा, वित्तीय प्रणालियों में नवाचार को सुगम तरीके से अमल में लाने की जरूरत है। तीसरा, हरेक चरण में डिजिटलीकरण से ग्राहक सुरक्षा सुनि​श्चित होनी चाहिए। रबि शंकर ने कहा, ‘नई प्रौद्योगिकी के सुगम इस्तेमाल के लिए जरूरी है सभी के लिए समान क्षेत्र सुनि​श्चित करना। यदि क्रेडिट कार्ड पेशकश में बैंकिंग लाइसेंस की जरूरत हो तो इससे गैर-लाइसेंस वाली इकाई को बढ़ावा मिलने से लाइसेंसिंग प्रणाली कमजोर हो जाएगी।’

क्रिप्टोकरेंसी के बारे में रबि शंकर ने कहा कि मई 2022 से क्रिप्टो की चमक काफी फीकी पड़ी है, और उनका मूल्य दो-तिहाई घट गया है, तथा इकाइयों की विफलता से पारि​​​स्थितिकी तंत्र की वास्तविकता सामने आई ​है। उन्होंने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी पर आरबीआई की चेतावनी निवेशकों को नुकसान से बचाने की जरूरत पर आधारित है।

Advertisement
First Published - December 21, 2022 | 10:59 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement