facebookmetapixel
Nifty outlook: निफ्टी में दिख रहे हैं तेजी के संकेत, एक्सपर्ट्स बोले- रुझान बदल रहा हैVedanta: 8% गिरावट के बावजूद ब्रोकरेज का भरोसा कायम, ₹900 तक का टारगेट; मोटे डिविडेंड की उम्मीदGold, Silver Price Today: मुनाफावसूली से सोने-चांदी के भाव औंधे मुंह गिरे, आगे क्या करें निवेशक?Stocks to Watch today: Tata Motors CV से लेकर Swiggy, ITC और Paytm तक; शुक्रवार को इन स्टॉक्स पर रखें नजरStock Market Update: बजट से पहले शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 400 अंक टूटा; मेटल इंडेक्स 4% गिरा₹6,450 लागत में ₹8,550 कमाने का मौका? Bank Nifty पर एक्सपर्ट ने सुझाई बुल स्प्रेड स्ट्रैटेजीपर्सनल केयर सेक्टर की कंपनी देगी 4:1 के अनुपात में बोनस शेयर, Q3 में मुनाफा और रेवेन्यू में जोरदार बढ़तक्या MRF फिर देगी डिविडेंड? बोर्ड मीटिंग की तारीख नोट कर लेंचांदी की ऐतिहासिक छलांग: 10 दिन में 1 लाख की बढ़त के साथ 4 लाख रुपये के पार पहुंचा भावडॉलर के मुकाबले रुपया 92 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर, वैश्विक अस्थिरता ने बढ़ाया मुद्रा पर दबाव

Economic Survey में सुझाव: UPI को लंबे समय तक टिकाऊ बनाने के लिए निवेश और प्रोत्साहन जरूरी

समीक्षा के अनुसार डिजिटल भुगतान पर फायदे और विस्तार के लिए डिजिटल क्षमताओं और संस्थाओं की क्षमता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए

Last Updated- January 29, 2026 | 10:45 PM IST
UPI
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि भारत में त्वरित भुगतान तंत्र, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) को लंबे समय तक टिकाऊ रखने के लिए जरूरी है कि उसका इस्तेमाल करने वालों को प्रोत्साहन मिले और साथ ही इसके बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और विश्वसनीयता बरकरार रखते हुए इसके जोखिम को कम करने के लिए लगातार निवेश किया जाए।

समीक्षा के अनुसार डिजिटल भुगतान पर फायदे और विस्तार के लिए डिजिटल क्षमताओं और संस्थाओं की क्षमता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। सूत्रों के अनुसार, इससे संकेत मिलते हैं कि सरकार यूपीआई पर मर्चेंट छूट दर (एमडीआर) लगाने की सोच रही है। हालांकि आखिरी फैसला सरकार ही करेगी।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘यूपीआई लंबे समय तक रहे, इसके लिए जरूरी है कि इस तंत्र में शामिल सभी लोगों को कुछ फायदा मिले ताकि वे इसके बुनियादी ढांचे को बेहतर और भरोसेमंद बनाने और जोखिम कम करने में मदद करें।’ उद्योग के सूत्रों का कहना है कि यूपीआई की लगातार वृद्धि इस बात पर निर्भर है कि भुगतान तंत्र से कैसे कमाया जाए, जिसके लिए बड़े कारोबारियों से मामूली एमडीआर लिया जा सकता है। 

मामले के जानकार एक सूत्र ने कहा, ‘बड़े दुकानदार यूपीआई भुगतान लेने पर मामूली एमडीआर दे सकते हैं, खासतौर पर तब जब क्रेडिट कार्ड से भुगतान लेने पर लगभग दो प्रतिशत का ज्यादा दर लगती है।’ उसने कहा कि इससे हितधारकों के लिए पैसे कमाने के मौके खुलेंगे जबकि यूपीआई ज्यादातर छोटे दुकानदारों के लिए मुफ्त रह सकेगा। 

यह ऐसे समय हो रहा है जब यूपीआई ने दिसंबर 2025 में 21.63 अरब लेन-देन का रिकॉर्ड बनाया, और इनकी कुल कीमत 27.96 लाख करोड़ रुपये रही। सर्वे में बताया गया, ‘बिना किसी लागत के और सबके फायदे के लिए बनाए गए इस तंत्र को लोगों ने बहुत जल्दी अपनाया है, खासतौर पर छोटे दुकानदारों ने और इसी वजह से डिजिटल भुगतान रोजमर्रा के लेन-देन में आम विकल्प बन गया है।’

रिपोर्ट में चुनौतियों के बारे में कहा गया है कि डिजिटल लेन-देन तक पहुंच में दिक्कत सभी लोगों तक डिजिटल पहुंच न होना है, इसलिए नहीं कि लोग इस तंत्र को अपनाना नहीं चाहते। 

First Published - January 29, 2026 | 10:45 PM IST

संबंधित पोस्ट