एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, ऐक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक सहित निजी क्षेत्र के प्रमुख कर्जदाताओं ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में थोक ऋण में मजबूत वृद्धि दर्ज की है। इससे संकेत मिलते हैं कि कंपनियां बैंक ऋण की ओर वापस आ रही हैं। बैंक ऋण और कॉरपोरेट बॉन्ड के बीच दर का अंतर कम होने की वजह से ऐसा हो रहा है। बैंकरों ने कहा कि अधिकांश कॉरपोरेट उधारी बाहरी मानकों से जुड़ी दरों पर ली जा रही है, जिन पर मौद्रिक नीति का असर तेजी से पड़ता है।
देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के कर्जदाता एचडीएफसी बैंक के थोक ऋण में सालाना आधार पर 10.3 प्रतिशत वृद्धि और क्रमिक आधार पर 4.1 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई है। दूसरे सबसे बड़े कर्जदाता आईसीआईसीआई बैंक का थोक ऋण सालाना आधार पर 5.6 प्रतिशत और क्रमिक आधार पर 6.5 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की है।
निजी क्षेत्र के तीसरे सबसे बड़े कर्जदाता ऐक्सिस बैंक ने कॉरपोरेट ऋण में सालाना आधार पर 27 प्रतिशत और क्रमिक आधार पर 7 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की है। वहीं कोटक महिंद्रा बैंक का कॉरपोरेट ऋण सालाना आधार पर 17 प्रतिशत और क्रमिक आधार पर 4 प्रतिशत बढ़ा है।
भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़े भी कॉरपोरेट ऋण में वृद्धि के संकेत दे रहे हैं। नवंबर 2025 तक कॉरपोरेट ऋण में 9.6 प्रतिशत वृद्धि हुई है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 9.6 प्रतिशत वृद्धि हुई थी।
आईसीआईसीआई बैंक के सीएफओ अनिंद्य बनर्जी के अनुसार पिछली कुछ तिमाहियों के दौरान बदलाव हुआ है, उनमें से एक बेंचमार्क स्थिर होना शामिल है, क्योंकि ज्यादा उधारी बाहरी मानक से जुड़ी दरों पर होती हैं। इसलिए बाहरी मानक स्थिर होने से ब्याज दरों और उधारी को लेकर भरोसा बढ़ता है।
उन्होंने कहा, ‘कंपनियों के पास पर्याप्त धन है और धन के उनके कई स्रोत हैं। ऐसे में बैंक से ऋण लेने को लेकर अच्छे से आकलन कर रहे हैं। हम इसमें शामिल होकर खुश हैं। यह लागत के मामले में बहुत प्रतिस्पर्धी रहा है। ऐसे में हम कॉरपोरेट से कुल मिलाकर संबंध बनाने पर काम कर रहे हैं। जहां भी हमारे पास फ्रेंचाइजी है, वहां हम एक फ्रेंचाइजी बनाना चाहते हैं और इसमें सक्रियता से शामिल हैं।’
एसबीआी रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कॉरपोरेट बॉन्ड यील्ड के अनुरूप बैंक उधारी दर में अधिक गिरावट के कारण लागत का अंतर कम हो गया है, जिससे ऋण के लिए कंपनियां बैंकों में वापस आ रही हैं, बैंक ऋण अब बाजार से उधारी की तुलना में अधिक आकर्षक हो गया है।
रिपोर्ट के अनुसार एएए रेटिंग वाले 10 साल के कॉरपोरेट बॉन्ड का यील्ड और भारित औसत उधारी दर (डबल्यूएएलआर) के बीच का स्प्रेड अप्रैल 2024 के 200 आधार अंक से घटकर नवंबर 2025 में 150 आधार अंक हो गया है। बैंक ऋण और बॉन्ड बाजार के बीच प्राइसिंग आर्बिट्रेज में कमी के कारण कॉरपोरेट अब बैंक ऋण की ओर जा रहे हैं।
ऐक्सिस बैंक के कार्यकारी निदेशक सुब्रत मोहंती ने कहा, ‘हम रियल एस्टेट, बिजली और पहले से बेहतर संबंध वाले कुछ बड़े समूह की बेहतरीन गति देख रहे हैं। पिछले 3 साल से हमने जो संबंध बनाए हैं, उसकी वजह से स्वाभाविक बाजार हिस्सेदारी से अधिक ऋण की मांग है।
कोटक महिंद्रा बैंक के कार्यकारी निदेशक पारितोष कश्यप ने कहा, ‘हमारा थोक कारोबार लगातार बढ़ रहा है। लेकिन वृद्धि का बड़ा हिस्सा एसएमई और मझोले बाजारों से आ रहा है। कुछ थोक ऋण लेने वाले बेहतर प्राइसिंग को देखते हुए ऋण और बॉन्ड बाजार की ओर आवाजाही करते रहते हैं।’