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27 जनवरी को बैंक हड़ताल से देशभर में ठप होंगी सरकारी बैंक सेवाएं, पांच दिन काम को लेकर अड़े कर्मचारी

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बैंक यूनियनों का बड़ा संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 27 जनवरी को पूरे देश में हड़ताल का ऐलान कर दिया है। वजह है पांच दिन के कामकाज की मांग को तुरंत लागू करवाना

Last Updated- January 26, 2026 | 9:13 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

देश भर के सरकारी बैंकों में मंगलवार को कामकाज ठप होने वाला है। बैंक यूनियनों का बड़ा संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 27 जनवरी को पूरे देश में हड़ताल का ऐलान कर दिया है। वजह है पांच दिन के कामकाज की मांग को तुरंत लागू करवाना। ये यूनियन नौ अलग-अलग संगठनों का गठबंधन है, जिसमें अफसरों और कर्मचारियों के लाखों लोग शामिल हैं।

पिछले हफ्ते 23 जनवरी को चीफ लेबर कमिश्नर के साथ सुलह की मीटिंग हुई थी, लेकिन वहां कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला। इसी वजह से यूनियनों ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया। रविवार 25 जनवरी और गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को पहले से ही बैंक बंद रहने वाले हैं, तो मंगलवार की हड़ताल से तीन दिन लगातार ब्रांचों पर सेवाएं प्रभावित होंगी। ग्राहकों को कैश निकालने, जमा करने, चेक क्लियर करने और दूसरे कामों में दिक्कत आएगी।

ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयी एसोसिएशन (AIBEA) के जनरल सेक्रेटरी सी एच वेंकटचलम ने बताया कि मीटिंग में काफी बात हुई, लेकिन हमारी मांग पर कोई पक्का वादा नहीं मिला। इसलिए मजबूरन ये कदम उठाना पड़ रहा है।

हड़ताल की वजह और सहमति का मामला

यूनियनों की मुख्य मांग है कि सभी शनिवार को छुट्टी घोषित की जाए। अभी बैंक पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को खुले रहते हैं। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC) के जनरल सेक्रेटरी रूपम रॉय ने कहा कि मार्च 2024 में इंडियन बैंक एसोसिएशन के साथ वेतन बढ़ोतरी के समझौते में इस पर सहमति हो गई थी। लेकिन सरकार की तरफ से अभी तक कोई अधिसूचना नहीं आई। उन्होंने ये भी जोड़ा कि अगर पांच दिन काम होगा तो सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट ज्यादा काम करने को तैयार हैं, ताकि कुल घंटे कम न हों।

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नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉयी (NCBE) के जनरल सेक्रेटरी एल चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि ये हड़ताल ग्राहकों के खिलाफ नहीं है। बल्कि ये एक बेहतर, इंसानियत वाली और कुशल बैंकिंग सिस्टम के लिए है। उन्होंने कहा कि आराम करने वाला बैंककर्मी देश की बेहतर सेवा करता है। बैलेंस्ड वर्कफोर्स से फाइनेंशियल स्थिरता मजबूत होती है। पांच दिन का बैंकिंग कोई लग्जरी नहीं, बल्कि आर्थिक और इंसानी जरूरत है।

ये हड़ताल खासतौर पर पब्लिक सेक्टर बैंकों को प्रभावित करेगी, जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और बैंक ऑफ बड़ौदा। इन बैंकों की ब्रांचों पर सामान्य कामकाज रुक सकता है। हालांकि, बड़े प्राइवेट बैंकों जैसे HDFC बैंक, ICICI बैंक और एक्सिस बैंक पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि उनके कर्मचारी इन यूनियनों में शामिल नहीं हैं।

UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप पर कोई असर नहीं

डिजिटल सेवाएं जैसे UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप चलते रहेंगे। लेकिन ATM में कैश की उपलब्धता पर लोकल स्तर पर समस्या हो सकती है, क्योंकि लॉजिस्टिक्स में देरी आएगी। कई सरकारी बैंकों ने स्टॉक एक्सचेंज को इस बारे में सूचना दे दी है। SBI ने शुक्रवार को एक फाइलिंग में कहा कि हमने ब्रांचों और ऑफिसों में सामान्य कामकाज के लिए इंतजाम किए हैं, लेकिन हड़ताल से काम प्रभावित हो सकता है।

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ये 12वीं द्विपक्षीय समझौते का हिस्सा है, जो इंडियन बैंक एसोसिएशन और UFBU के बीच मार्च 2024 में साइन हुआ था। लेकिन सरकार की मंजूरी न मिलने से मामला अटका हुआ है। बैंक कर्मचारी लंबे समय से इस मांग को उठा रहे हैं, ताकि उनका वर्क-लाइफ बैलेंस बेहतर हो। हड़ताल से लाखों ग्राहकों को असुविधा होगी, लेकिन यूनियनों का कहना है कि ये जरूरी कदम है।

(PTI के इनपुट के साथ)

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First Published - January 26, 2026 | 9:06 PM IST

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