Stock Market Updates, Thursday, January 29, 2026: एशियाई बाजारों से सुस्त संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार (29 जनवरी) को गिरावट में खुले। आज पेश होने वाले इकोनॉमिक सर्वे 2025–26 से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। साथ ही एफआईआई की बिकवाली, बजट से पहले की पोजिशनिंग और वैश्विक संकेत भी बाजार की धारणा को प्रभावित करे रहे हैं।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 82,368 अंक पर लगभग सपाट खुला। लेकिन खुलते ही इसमें गिरावट देखने को मिली। सुबह 9:20 बजे यह 254 अंक या 0.31 प्रतिशत गिरकर 82,090.12 पर कारोबार कर रहा था।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) 25,345 अंक पर खुला और खुलते ही 25,300 के नीचे फिसल गया। सुबह 9;27 बजे यह 60.55 अंक या 0.24 फीसदी गिरकर 25,282 पर ट्रेड कर रहा था।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने चेयरमैन जेरोम पॉवेल के नेतृत्व में ब्याज दरों को 3.5 फीसदी से 3.75 फीसदी के दायरे में स्थिर रखा। इसके चलते एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई। आख़िरी अपडेट में जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.46 फीसदी नीचे था, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.58 फीसदी गिरा। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स 0.8 फीसदी फिसल गया।
अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को लगभग सपाट बंद हुए। चिप शेयरों में बढ़त के चलते नैस्डैक में हल्की तेजी दर्ज की गई। अमेरिकी फेड के ब्याज दरें अपरिवर्तित रखने और यह साफ संकेत न देने के कारण कि कर्ज की दरें कब घट सकती हैं, निवेशकों की प्रतिक्रिया सीमित रही। एसएंडपी 500 इंडेक्स 6,978.03 पर सपाट बंद हुआ, नैस्डैक कंपोज़िट 0.17 फीसदी बढ़कर 23,857.45 पर पहुंचा, जबकि डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज भी 49,015.60 पर लगभग बिना बदलाव के बंद हुआ।
आईटीसी, वेदांता, अदाणी पावर, केनरा बैंक, अंबुजा सीमेंट्स, आरईसी, मैक्स हेल्थकेयर, डाबर इंडिया, स्विगी, एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी, वन97 कम्युनिकेशंस, कोरोमंडल इंटरनेशनल, डिक्सन टेक्नोलॉजीज़, प्रेस्टिज एस्टेट्स, लॉयड्स मेटल्स, कोलगेट-पामोलिव इंडिया, निप्पॉन इंडिया, वोल्टास, हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, एस्ट्रल, कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, ब्लू स्टार, केपीआईटी टेक, अपार इंडस्ट्रीज़ और मणप्पुरम फाइनेंस समेत कई कंपनियां आज अपने तिमाही नतीजे घोषित करेंगी।
चेयरमैन जेरोम पॉवेल की अगुवाई में हुई दो दिन की अहम बैठक के बाद बुधवार, 28 जनवरी 2026 को यूएस फेड ने ऐलान किया कि ब्याज दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा। फेड ने ब्याज दरों को 3.5 फीसदी से 3.75 फीसदी के दायरे में ही बनाए रखने का फैसला किया है।
फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने साफ कहा कि यह फैसला सोच-समझकर लिया गया है। महंगाई की चाल, नौकरियों का हाल और पूरी अमेरिकी अर्थव्यवस्था की सेहत को देखने के बाद ही फेड ने दरें स्थिर रखने का फैसला किया। हालांकि, बाजार में पहले से ही यह उम्मीद थी कि इस बार फेड कोई बड़ा बदलाव नहीं करेगा, लेकिन ट्रंप प्रशासन की ओर से ब्याज दरें घटाने के दबाव की खबरों ने इस फैसले को और ज्यादा चर्चा में ला दिया।