Representational Image
एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने वित्तीय वर्ष 26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही (वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही) में लगभग 5 प्रतिशत सालाना की वृद्धि के साथ 577 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ बुधवार को दर्ज किया। यह खर्चों की वृद्धि से प्रभावित हुआ जबकि प्रीमियम आय जबरदस्त ढंग से बढ़ी। वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में मुनाफा 551 करोड़ रुपये था। बीमाकर्ता की शुद्ध प्रीमियम आय 24,828 करोड़ रुपये से 21.8 प्रतिशत बढ़कर 30.245.32 करोड़ रुपये हो गई।
बीमाकर्ता का एनुअलाइज्ड प्रीमियम इक्विवेलेंट (एपीई) सालाना आधार पर 24 प्रतिशत बढ़कर 6,940 करोड़ रुपये हो गई। एपीई वार्षिक प्रथम वर्ष के नियमित प्रीमियम और 10 प्रतिशत भारित सिंगल प्रीमियम का योग है। समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का खर्च सालाना आधार पर 45.6 प्रतिशत बढ़कर 3,519 करोड़ रुपये हो गया जबकि यह वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में 2,417.2 करोड़ रुपये था। इसमें शुद्ध कमीशन सालाना आधर पर 28 प्रतिशत बढ़कर 1,610 करोड़ रुपये हो गया। यह पिछले वर्ष की इस अवधि में 1,258 करोड़ रुपये था।
कंपनी ने भारत सरकार की नई श्रम सहिताओं के कारण 135.49 करोड़ रुपये का वृद्धिशील प्रावधान किया है। इसके परिणामस्वरूप वृद्धिशील शुल्क को 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही और नौ महीने की अवधि के लिए रेवेन्यू अकाउंट में मान्यता दी गई है।